कविता आसपास : विद्या गुप्ता [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago हम चलेंगे साथ - साथ हम चलेंगे साथ-साथ मैं तुम्हारी जमीन हूं सच मानो प्रिये वहशी नहीं हूं. मैं.....!! मैं मेरा ह्रदय तुम्हारा अधिकार है...
कविता : मेरा देश मेरा वतन – विद्या गुप्ता [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago •मेरा देश मेरा वतन जैसे पंच तत्वों से बना शरीर प्राणों के बगैर प्राणवान नहीं होता ठीक उसी तरह कोई भूखंड आकाश का हिस्सा हवा...
विशेष : भारतीय चंद्रयान – 3 के कीर्तिमान पर सात दोहे – डॉ. रा. रामकुमार [बालाघाट मध्यप्रदेश] 3 years ago चंद्रयान - 3 सोमनाथ ने कर दिया, सफल सोम-अभियान। विजय व्योम-विज्ञान की, भारत का सम्मान।।१।। धीरे धीरे संभलकर, उतर चंद्र पर आज। चंद्रयान ने धर दिया,...
विशेष : लावणी – छंद : चंद्रयान – तीन : कमलेश प्रसाद शर्माबाबू [ कटंगी – गंडई, जिला केसीजी, छत्तीसगढ़ ] 3 years ago चंद्रयान तँय आघू बढ़बे, सपना हावय जन-जन के | तिसरा बेटा हस इशरो के, होय सुफल मनसा मन के || तोरे ऊपर बिकट आस हे,...
विशेष : चंद्रयान – 3 की सफल लैंडिंग पर कविता : दशरथ सिंह भुवाल [भिलाई – छत्तीसगढ़] 3 years ago है ये मेरा प्यारा हिन्दुस्तान । जग में सबसे न्यारा हिन्दुस्तान । चलाया एक ऐसा अभियान । धरा रह गया विश्व का ज्ञान ।...
विशेष : भारत नया बनाएं : बलदाऊराम साहू [दुर्ग – छत्तीसगढ़] 3 years ago आओ बच्चो, हम सब मिलकर ध्वज तिरंगा लहराएँ काम करे॔ कुछ अच्छे-अच्छे भारत नया बनाएँ। चंद्रयान आज पहुँच गया है चंदा मामा के घर खोज...
कविता आसपास : रामनाथ साहू 3 years ago एक लघु प्रेम कविता - रामनाथ साहू [ देवरघटा डभरा, जिला - सक्ति, छत्तीसगढ़ ] आदमकद आईने में कभी अपनी तस्वीर देखी है? सारी कायनात...
कविता आसपास : हूप सिंह क्षत्रिय 3 years ago 🩵 मेरी कलम से - हूप सिंह क्षत्रिय [ तखतपुर, जिला - बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ] उसके हाथ पिया जो मैंने उस शरबत की बात न...
रचना आसपास : दुर्गा प्रसाद पारकर [भिलाई, जिला – दुर्ग, छत्तीसगढ़] 3 years ago ▪️ हमर भोजली दाई के सोने के अचरा सावन मास सुहावन माता अति घन बरसन लागे, सीर चुनरिया पहिर जलापा रंग हिडोंलना झूले। किसान मन...
रचना आसपास : डॉ. दीनदयाल दिल्लीवार : अनुवाद – दुर्गाप्रसाद पारकर 3 years ago ▪️ कविता मोला जनम देवत हे बिक्कट दिन पहिली ले एक ठन कविता मोर मन म जनम लेवत हे , अभिव्यक्ति के अभाव म अंतस...