ग़ज़ल आसपास : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’ 7 months ago नूरुस्सबाह खान 'सबा' [ •छत्तीसगढ़ दुर्ग की नूरुस्सबाह खान 'सबा' की पहली रचना 'छत्तीसगढ़ आसपास' में प्रकाशित की जा रही है. • 'सबा' इनका...
स्मृति शेष : स्व. ओमप्रकाश शर्मा : काव्यात्मक दो विशेष कविता – गोविंद पाल और पल्लव चटर्जी 8 months ago तुम्हें कैसे भुलूं दोस्त! - गोविंद पाल कैसे भुलूं तुम्हें दोस्त! मेरे रग रग में जो बसे हो, जीवन के हर चुनौती को हर...
हरेली विशेष कविता : डॉ. दीक्षा चौबे 8 months ago हरेली परब हरेली मानबो, पहिली हमर तिहार। गुरहा चीला भोग बर, गरमागरम उतार।। खोंचे डारा नीम के, बिपत टरे के आस।। खेती के औजार...
कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी 8 months ago अंतर केवल इतना है तुम्हारे आँगन आज भी उतरती हैं गौरेया... अपनी मधुर चहचहाट से जगाती हैं तुम्हें और मेरी नींद टूटती है कागा...
कविता आसपास : अनीता करडेकर 9 months ago सवाल पूछती लड़की - अनीता करडेकर [ भिलाईनगर, छत्तीसगढ़ ] सवाल पूछती, नजरें मिला असहमति जताती लड़की उन्हें, अच्छी नहीं लगती. बहुत खुलता है...
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक व कवि प्रदीप भट्टाचार्य के हिंदी प्रगतिशील कविता ‘दम्भ’ का बांग्ला रूपांतर देश की लोकप्रिय बांग्ला पत्रिका ‘मध्यबलय’ के अंक-56 में प्रकाशित : हिंदी से बांग्ला अनुवाद कवि गोविंद पाल ने किया : ‘मध्यबलय’ के संपादक हैं बांग्ला-हिंदी के साहित्यकार दुलाल समाद्दार 9 months ago कविता : दम्भ - प्रदीप भट्टाचार्य बांग्ला अनुवाद गोविंद पाल एक दीर्घकाय विशाल बरगद का पेड़ प्रतिष्ठित है अंध विश्ववासों द्वारा जाल का झंझावात है...
कविता आसपास : पल्लव चटर्जी 9 months ago बरसाती मौसम बरसाती मौसम में दिमाग का मिजाज बदलता है , खुशीयों से भर जाता है मन बादल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है ।...
कविता आसपास : विद्या गुप्ता 9 months ago • बॉस का बच्चा - विद्या गुप्ता [ दुर्ग : छत्तीसगढ़ ] बहुत सुंदर, बहुत प्यारा नाम है आपका.....! फिसलते चिकने शब्दों में सहलाते हो...
कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 9 months ago • आदमी - रंजना द्विवेदी [ रायपुर : छत्तीसगढ़ ] [caption id="attachment_44754" align="alignnone" width="300"] Mysterious man in black hiding his face behind white mask -...
कविता आसपास : श्रीमती रंजना द्विवेदी 10 months ago • मैं मध्यमवर्गीय हूँ - रंजना द्विवेदी [ रायपुर : छत्तीसगढ़ ] ना मैं अमीर हूं, ना गरीब हूं मैं मध्यमवर्गीय हूं उच्च वर्ग से...