कविता आसपास : तेज नारायण राय 10 months ago • लोटा-पानी - तेज नारायण राय [ सहायक अध्यापक,उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, कोल्हड़िया, दुमका, झारखंड] लोटा पानी का मतलब सिर्फ लोटा पानी भर नहीं है होता...
कविता आसपास : आशीष गुप्ता ‘आशू’ 10 months ago • माँ शारदे - आशीष गुप्ता 'आशू' [ उत्तरप्रदेश ] हम बच्चे सभी, माँ बड़े नादान हैं,, रोज सुबह उठकर, करते तुम्हें प्रणाम हैं ,,...
कविता आसपास : पल्लव चटर्जी 10 months ago खुशी ख़ुशी कोई रेडिमेड गारमेंट नहीं न ही उसे पकाया जाता है यह एक दृष्टिकोण है जो कर्मों के परिणाम में निहित है। भावना...
कविता आसपास : सुधा वर्मा 10 months ago • बॉब कट - सुधा वर्मा [ रायपुर : छत्तीसगढ़ ] जाने कितने दिन गुजारे उधेड़ बुन में मगन थी मैं बस एक ही धुन...
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ •साहित्य { पितृ दिवस पर विशेष कविताएं } •तारकनाथ चौधुरी •डॉ. दीक्षा चौबे •रंजना द्विवेदी •डॉ. बलदाऊ राम साहू 10 months ago तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा-भिलाई, छत्तीसगढ़ ] श्रीचरणेषु बाबा! आज तुम अदृश्य हो किंतु अस्पृश्य नहीं ईश्वर की तरह ही हर क्षण तुम्हारी उपस्थिति है,,,...
साहित्य आसपास : विनय सागर जायसवाल 10 months ago ग़ज़ल कुछ दोस्त हमारे ही वफ़ादार नहीं थे वरना तो कहीं हार के आसार नहीं थे ख़ुद अपने हक़ों के हमीं हक़दार नहीं थे...
कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 10 months ago •चलो आज मैं तुम्हें लिखती हूँ - रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] अपनी हर जज़्बात,एहसास बयां करती हूं चलो आज मैं तुम्हे लिखती हूं...
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष रचना : तारकनाथ चौधुरी 10 months ago • समय शेष होने से पहले - तारकनाथ चौधुरी { चरोदा, भिलाई, छत्तीसगढ़ } अब भी शेष है गाँव में मेरे शीतल छाया का आवरण।...
गीत : डॉ. दीक्षा चौबे 10 months ago • गीत • दीपक जैसा बनकर जीना - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग : छत्तीसगढ़ ] घोर तिमिर की निष्ठुरता से , लड़ना डटकर होता...
कविताएं : श्रीगोपाल नारसन [ रुड़की, उत्तराखंड ] 10 months ago किसी के लिए दिन है किसी के लिए दिन है किसी के लिए रात है सबका अपना भाग्य या कर्मों की बिसात है जैसा जैसा...