आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी 4 weeks ago ▪️ • माँ - अर्पिता चौधुरी [आदर्श नगर,चरोदा, दुर्ग] सोई, तुम तब भी नहीं माँ, जब– मैं गर्भस्थ थी भरती रही विविध रंगों से सपनों...
इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव 1 month ago ▪️ • सुशील यादव • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' के आजीवन सदस्य सुशील यादव की अब तक दो गद्य व्यंग्य संग्रह- 'शिष्टाचार के...
आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’ 1 month ago ❤️ • ग़ज़ल- 1 आप अपने रंग का चोला हमें पहना गये आप ही बस आप मन के बादलों पे छा गये दिल में पसरा...
आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी 1 month ago ▪️ • पल्लव चटर्जी पांच बांग्ला काव्य संग्रह के कृतिकार [खंडमेघ, जीवन के नाना रंग, अक्षर आलापन, समय की अनुभूति और ध्वनिमय यह जगत] पल्लव...
इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’ 1 month ago ▪️ • कवयित्री शुचि 'भवि' • सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्व. डॉ. त्रिलोकीनाथ क्षत्रिय की सुपुत्री शुचि 'भवि' एमएससी [इलेक्ट्रॉनिक्स गोल्ड मेडलिस्ट] एम.ए. [हिंदी, समाजशास्त्र] बी.एड. की...
आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन 1 month ago ▪️ • कवयित्री संध्या जैन प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' से जुड़ी संध्या जैन निरंतर काव्य सृजन कर रही हैं. इनकी कविता घर-परिवार पड़ोस...
कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला 1 month ago ▪️ • नीलमचंद सांखला [ • कवि हृदय नीलमचंद सांखला जी 1990 में बालाघाट से न्यायिक सेवा की शुरूआत करते हुए दंतेवाड़ा, दुर्ग, रायपुर में...
‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव 1 month ago • बहना ये खून का रिश्ता है "बहना" तोड़ने से भी न टूटेगा गलत फहमियां को झिर से भी आने न देना रिश्ते को असली...
‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’ 1 month ago ▪️ • लोकतंत्र लोकतंत्र अब जुमलों का सबसे सफल उद्योग लगता है, जहाँ सच हर चुनाव के बाद बेरोज़गार हो जाता है। बहुमत विवेक का...
आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू 2 months ago ▪️ • सोनिया नायडू [ • रंगमंच एवं कला क्षेत्र, थिएटर से विगत 25 वर्षों से जुड़ी सोनिया नायडू 'जनवादी लेखक संघ' की विचारधारा से...