नव वर्ष आगमन पर विशेष काव्यात्मक प्रस्तुति – अमृता मिश्रा 5 months ago ▪️ एक और वर्ष - अमृता मिश्रा [ अध्यापिका, दिल्ली पब्लिक स्कूल, भिलाई, छत्तीसगढ़ ] टहनियों के कंधों से उतर आया है एक और वर्ष...
नव वर्ष 2026 आगमन पर कविता आसपास : नूतन बरस का स्वप्न – तारकनाथ चौधुरी 5 months ago ▪️ • नूतन बरस का स्वप्न - तारकनाथ चौधुरी [ छत्तीसगढ़, चरोदा, भिलाई ] मेरी साँसें अब नहीं फूल रही थीं क्योंकि नूतन बरस का...
नव वर्ष 2026 आगमन पर कविता आसपास : पल्लव चटर्जी 5 months ago ▪️ पूर्णता के लिए कई दिनों से ढूँढ रहा हूँ मैं अपनी प्रिय डायरी को मिल ही नहीं रही न जाने कहां खो गई? ज़िन्दगी...
लेख : मैं और मेरी जिंदगी – साजिद अली सतरंगी 6 months ago ▪️ मैं और मेरी जिंदगी - साजिद अली सतरंगी [ मेरठ उत्तरप्रदेश ] चेहरे पर मायूसी ओर ऑंखों में अजीब सी चमक लिए वो बरामदे...
कवयित्री और कविता : विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग] 6 months ago ▪️ समाज में फैलता है कैंसर कैंसर हो गया, यानी मरना तय हो गया...!! जो कि, तय है हर व्यक्ति के साथ शरीर के किसी...
साहित्यिक स्तम्भ ‘आरंभ’ : कवयित्री डॉ.संध्या श्रीवास्तव 6 months ago ▪️ मुझको उड़ जाने दो छोड जग की चिंता पीछे फेंक बेडियांॅ बंधन नीचे। कैसे उड़ते हैं अमन चैन से नीलांबर में ऊंॅचे ऊंॅचे।। ए...
उनवान : इंतज़ार की 15 मिनट – साजिद अली सतरंगी 7 months ago ❤ बस पंद्रह मिनट और - साजिद अली सतरंगी [ मेरठ-उत्तरप्रदेश ] वक़्त कभी इतना लंबा भी हो सकता है, ये मुझे उस शाम पता...
विशेष अवसर पर कविता- दोहा : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर 7 months ago ▪️ तुलसी विवाह इक्कीसा - ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] समय पुराने एक में, था जालन्धर क्रूर। शक्ति वान था अति जिसे,...
बाल ग़ज़ल : डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ 7 months ago अब क्या सोच रहे हो लल्ला ? किसको देख गये हो झल्ला। गेंद लिए गुमसुम बैठे हो, छोड़ कहाँ आए हो बल्ला । आज तुम्हें...
छठ पूजा पर्व पर विशेष : भावना संजीव ठाकुर 7 months ago ▪️ छठ पूजा-सूर्य, सत्य और संयम का महापर्व - भावना संजीव ठाकुर [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] भारतीय संस्कृति के असंख्य पर्वों में छठ पूजा अपनी अद्भुत...