इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’ 4 months ago • महेश राठौर 'मलय' [ • छत्तीसगढ़ सारागांव, जिला-जाँजगीर चांपा निवासी 'मलय' जी शासकीय एमएमआर स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रयोगशाला शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं. •...
रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ 4 months ago 🤣 • होली का त्योहार मनाना है - डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी 'सब्र' [ छत्तीसगढ़-भिलाई ] होली का त्यौहार मनाना है,,, हंसना है और सबको...
रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’ 4 months ago ▪️ • ग़ज़ल • दिल से दिल आज मिला ओ तो मेरी होली हो... - नुरूस्सबाह 'सबा' [ छत्तीसगढ़-दुर्ग] दिल से दिल आज मिलाओ तो...
स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता 4 months ago ▪️ हादसा - विद्या गुप्ता [ छत्तीसगढ़-दुर्ग ] थोड़ी देर बाद बदल जाएंगे दृश्य जब वे जानेंगे नहीं है अब नाव में, पतवार खेने वाले...
स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा 4 months ago ▪️ अनुभव की संपदा - मिताली श्रीवास्तव वर्मा [ छत्तीसगढ़-भिलाई ] सीख कर अपनी गलतियों से हर कदम सुधार लेता है साथ लेकर अनुभव की...
संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव 4 months ago ▪️ छत्तीसगढ़ का शिमला 'मैनपाट' - दीप्ति श्रीवास्तव [ छत्तीसगढ़ भिलाई ] धरा अपने वस्त्र की तासीर हर जगह अलग अलग रखती है। कहीं खनिज...
स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा 4 months ago ▪️ एक कदम - अमृता मिश्रा [ दिल्ली पब्लिक स्कूल, भिलाई, छत्तीसगढ़] एक क़दम इतना-सा ही तो फ़ासला है खड़े रहने और चल पड़ने के...
स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’ 4 months ago ▪️ बृज की बात बृज की बात ये बृज के ग्वाल बाल बृज की हर नार पे प्रीत लुटावत् है बार बार बृषभानुजा करे मनुहार...
अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा 4 months ago अब मैं क्या करूँ, अब मैं क्या करूँ, लाडो को तो जाना ही था क्योंकि वह मेरी नहीं थी, वह किसी की अमानत थी। ख़ून...
स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल 4 months ago ▪️ किस बात का अहंकार - प्रकाशचंद्र मण्डल [ छत्तीसगढ़-भिलाई ] मिट्टी के ढेले में तैयार तुम इंसान के रूप में हो परिचय पर तुम्हें...