■कविता आसपास : •श्रीमती सुभद्रा कुमारी. 5 years ago ●उड़ जा रे पक्षी -श्रीमती सुभद्रा कुमारी [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] मन का पिंजरा तोड़ कर उड़ जा रे पंक्षी सीने में तूफान लिए ढेर सारा...
■छत्तीसगढ़ी रचना आसपास : •श्रीमती सीमा साहू. 5 years ago ●हमन जीतबो-कोरोना भाग ही -श्रीमती सीमा साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] कोरोना ला भगाना हे हमला इंजेक्शन लगाना हे। जुरमिल के जाबो जी,हमन टीका लगाबों जी।।...
■कविता आसपास : •गोविंद पाल. 5 years ago ●पैदल ही चल पड़े -गोविंद पाल [ भिलाई-छत्तीसगढ़.] परिवार की जिम्मेदारी के जज्बे पसीने बहाने की हिम्मत और मेहनत की आत्मविश्वास के साथ गांव के...
■छत्तीसगढ़ी रचना आसपास. •दुर्गा प्रसाद पारकर. 5 years ago ●कोलिहा कथा : -दुर्गा प्रसाद पारकर [ भिलाई-छत्तीसगढ़.] रूख म बइठ के मिट्ठू ह मैना ल कोलिहा कथा सुनावत रिहिसे मैना कथे - कइसन कथा...
■दोहे : •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●छिपता नहीं चरित्र -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] ● लाख छिपाने से कभी, छिपता नहीं चरित्र वो कहते फिरता नहीं ,जो होता है...
■छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल : •डॉ. बलदाऊ राम साहू. 5 years ago ●मूरख पन हे हँसी उड़ाना -डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] तोर अकेल्ला आना - जाना नो हे हिम्मत के पैमाना। कौनो हर पासंग...
■सुधा पंडा की कलम से 5 years ago ●यशोधरा के सवाल -सुधा पंडा [ घरघोड़ा, रायगढ़, छत्तीसगढ़ ] शिशु-साथ मुझे सोये छोड़ चले, मुझसे मुख क्यों मोड़ चले ? जब त्यागना ही था,...
■बचपन आसपास : •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●बाल मुक्तक : जीभ दिखाती है -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] ● मिश्का जब कुछ खाती है नानू को ललचाती है हाथ बढ़ाने...
■बचपन आसपास : •डॉ. बलदाऊ राम साहू. 5 years ago ●चूहा भागा -डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] बिल्ली मौसी क्यों सोती हो फुस-फुस कर तुम क्यों रोती हो चूहा आकर उसे जगाया। थोड़ा...
■कविता आसपास : •तारक नाथ चौधुरी. 5 years ago ●जब तुम उदास होती हो -तारक नाथ चौधुरी [ चरोदा, भिलाई-छत्तीसगढ़] जब तुम उदास होती हो- अच्छा नहीं लगता मुझे पूरब का सूरज, चिडि़यों का...