■कविता आसपास : •तारक नाथ चौधुरी.
5 years ago
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●जब तुम उदास होती हो
-तारक नाथ चौधुरी
[ चरोदा, भिलाई-छत्तीसगढ़]
जब तुम उदास होती हो-
अच्छा नहीं लगता मुझे
पूरब का सूरज,
चिडि़यों का कलरव,
धूप का स्वरूप,
भाता नहीं मुझे भोर का कोई रूप
जब तुम उदास होती हो-
अच्छी नहीं लगती मुझे
शिवालय की घंटियाँ,
भैरव की तान,
रंभाती गाय,
भातीनहीं मुझे प्याले की गर्म चाय
जब तुम उदास होती हो–
अच्छा नहीं लगता मुझे
बच्चों का शोर,
मेरी गोद में चढ़ना,
लुका-छुपी खेलना,
भाता नहीं मुझे मुंडेर पर गौरये
का आना
●कवि संपर्क-
●83494 08210
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chhattisgarhaaspaas
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