लघुकथा, लेखक मित्र औऱ शाही भरवां- महेश राजा 5 years ago बहुतदिनो बाद पोस्ट आफिस में एक लेखक मित्र से मुलाकात हो गई।ढाई सौ रूपये का मनी आर्डर लेकर वे बाहर निकल रहे थे।मुझे देखकर मुस्कुराये,...
लघुकथा, व्यंजनों का मज़ा- महेश राजा 5 years ago शादी का सीजन चल रहा था। काफी दिनों से घर पर रहकर,घर का खाना खाकर लोग ऊब गये थे।वे एन्जॉय करना चाह रहे थे।फिर आज...
लघुकथा, दिसम्बर माह की एक सर्द सुबह -महेश राजा, महासमुंद-छत्तीसगढ़ 5 years ago मौसम ने एकाएक अपना मिजाज़ बदल लिया था।यह दिसंबर की अल्ल सुबह थी।वातावरण में कोहरा और नमी थी। शिव मंदिर के सामने बन रहे नये...
लघुकथा, कार्य कुशल -महेश राजा 5 years ago वे मूंछों मे मुस्कुराये,-"मैं किसी भी कार्य को पैन्डिंग नहीं रखता था।जो भी फाईल मेरी मेज तक आती थी,कोई न कोई आब्जेक्शन लगाकर दूसरे प्रभाग...
लघुकथा, समझौता- महेश राजा 5 years ago आफिस के सामने दो कुत्ते लड़ रहे थे।दोनों एक दूसरे पर झपटते तो लगता जैसे अपने प्रतिद्वंद्वी को नोच खायेंगे। एक सज्जन यह तमाशा देख...
लघुकथा, मैं तुलसी तेरे आँगन की- महेश राजा, महासमुंद-छत्तीसगढ़ 5 years ago फोन की घंटी बज उठी।रीमा समझ गयी,राज ही होगा। अपने हाथों से ब्रश को एक जगह रखकर हाथ पोंछे।उसका मन खिल उठा।राज को बहुत कुछ...
2 छोटी-छोटी लघुकथा, महेश राजा, महासमुंद-छत्तीसगढ़ 5 years ago ■चोर पुलिस पुलिस वाले के यहाँ चोरी हो गयी।उस मुहल्ले में यह बात आग की तरह फैल गयी कि आरक्षक के यहां से लोग नगदी...
लघुकथा, उपयोग- महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago 'यह हमारे नगर के गौरव है।लेखक है,कहानियां, लघुकथाए आदि लिखते है।भारत कीलगभग हर पत्र पत्रिकाओ मे उनकी रचनाऐ प्रकाशित होती रहती है।"-मित्र ने अपने एक...
कहानी, चुनी हुई ज़िंदगी- संतोष झांझी, भिलाई-छत्तीसगढ़ 5 years ago उसे ऐसा क्यों लग रहा था कि कोई उसे घूर रहा है।उसने गाते गाते रिकार्डिंग रूम के शीशे के उसपार खड़े तीनों लोगों पर नजर...
कहानी, बाबूजी- डॉ. नलिनी श्रीवास्तव, भिलाई-छत्तीसगढ़ 5 years ago शौर्य को अपने ऑफिस में असिस्टेंट मैनेजर का आर्डर मिला। उस आर्डर को शौर्य बार-बार पढ़ने लगा। पढ़ते-पढ़ते उसके आँखों मे आंसू आ गया। उसे...