लघु कथा, फ़्री हो क्या ? -शुचि ‘भवि’ 5 years ago फ़्री हो क्या? फोन उठाते ही यह प्रश्न सुन मीटिंग में बैठी डायरेक्टर रैंक की प्रीतो ने उत्तर दिया,नहीं अभी नहीं , मीटिंग में हूँ,...
लघु कथा, वर्चुअल रिश्ते – विक्रम ‘अपना’ 5 years ago इन्टरनेट से चैट हुआ। पहले स्क्रीन पर हाई रेज्यूलेशन प्यार-इकरार हुआ। फिर चट मंगनी, पट ब्याह हुआ। जिसमें वर्चुअल घराती-बाराती शामिल हुए। अगले ही महीने...
लघु कथा, अपना चेहरा -महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago बस छूटने ही वाली थी।दरवाजे की तरफ से अजीब सा शोर उठा,जैसे कोई कुत्ता हकाल रहा हो।परेशानी और उत्सुकता के मिले जुले भाव लिये मैंने...
लघु कथा, नये फर्नीचर -महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago त्यौहार सिर पर थे। ढेर सारी तैयारियां करनी शेष थी।वनिता जी परेशान थी।वे समाज सेविका थी।घर पर काफी लोगों का आना जाना था।इस बार फर्नीचर...
लघु कथा, खरगोश औऱ कछुए की- महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago खरगोश और कछुए की हमेंँशा की तरह इस बार भी कछुए और खरगोश मे दौड़- प्रतियोगिता हुई। हर बार की तरह इस बार भी कछुआ...
लघु कथा, दिवाली की सफाई- महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago दिपावली का त्यौहार नजदीक था।बेटा देश से आया हुआ था। घर में सब खुश थे। घर के मुखिया साहित्य से जुडे थे।घर में एक पूरा...
करवाचौथ पर विशेष, औऱ चांद खिल उठा- महेश राजा, महासुमन्द-छत्तीसगढ़ 5 years ago बहुत शानदार जोडी थी,दोनों की।पति जी एक आफिस में अफसर थे।पत्नी जी एक स्कूल में अंग्रेजी पढाती थी। जैसा कि आम दाम्पत्य जीवन में होता...
संस्मरण, ननिहाल की छत -अंशुमन राय, इलाहाबाद-उत्तरप्रदेश 5 years ago क्या! अरे!मामा लोग अपना घर बेचकर कोलकाता जा रहे हैं ? अचानक ज्ञात हुआ कि मामा, मामी, नानी यानी समस्त लोग अपना मकान इलाहाबाद का...
कथा, उतार-चढ़ाव- महेश राजा, महासमुंद-छत्तीसगढ़ 5 years ago उतार-चढ़ाव कुछ दिनों से वह देख रहा था कि पत्नी कुछ बुझी बुझी सी रहती है,बीमार भी लग रही थी। विवाह के बाद पहले कुछ...
लघु कथा, क़िस्मत- डॉ. सोनाली चक्रवर्ती 5 years ago लघुकथा- किस्मत श्री 'क' की बेटी बड़ी अच्छी लड़की है। ससुराल जाते ही सबका मन जीत लिया उसने। सास की इतनी सेवा करती है कि...