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■भिलाई : छंद के ‘छ’,दीपावली मिलन समारोह.

♀ राज्य स्तरीय सम्मेलन.
♀ 90 छंद साधक की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ सम्मेलन.
♀ छंद के ‘छ’ कार्यक्रम में 200 छंदकार नए शामिल हुए.
♀ छंदकार पुस्तक विमोचन और कवि गोष्ठी हुई.

■कवि ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ के अनुभव को पढ़ें-
छंद के छ के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव अरुण कुमार निगम जी के मार्गदर्शन म दीपावली मिलन समारोह ये बखत लोहा के नगर भिलाई म आयोजित करे गिस. कोरोना के सेति पाछू बरस ये आयोजन नइ हो पाय रीहिस तेखर सेति हमर छंद परिवार म ये आयोजन के गजब अगोरा रीहिस
हे. आभासी दुनियां ले हट के आमने -सामने भेंट होय ले जउन प्रेम, भाई -चारा,सद्भाव के भावना ह सजोर होथे वोहा ऑनलाइन म सम्भव नइ हे.

मेहा छंद के छ परिवार म पाछू दू बरस ले जुड़े हवँ. कोरोना के दौर म सत्र -12 के साधक के रुप म जुडेंव. छंद के स्थापना दिवस समारोह अउ दीपावली मिलन समारोह के बारे म फेसबुक अउ कुछ व्हाट्सएप ग्रुप म समाचार पढ़व. जब छंद के छ परिवार ले जुड़ेंव त छंद के छ खुला मंच के माध्यम ले स्थापना दिवस अउ दीपावली मिलन समारोह के बारे म पोस्ट पढ़ के अउ आयोजन के वीडियो देख -सुनके मन म गजब उछाह रहय कि अब अवइया बेरा म महू ह कार्यक्रम म शामिल होंहू.
अउ मौका मीलिस कार्तिक पूर्णिमा के सुग्घर बेरा म (19 नवंबर 2021) भिलाई म जाये के. इहां के आयोजन म शामिल होय बर मेहा अउ भाई अमृत दास साहू ह दू दिन पहिली ऑनलाइन टिकिट बुक करायेन. जब 19 नवंबर के डोंगरगढ़ रेल्वे स्टेशन पहुँचेन त पता चलिस कि हमर ट्रेन ह 9.20 के जगह 11 बजे आही. हमर दूनों के मति छरियागे काबर कि सही समय म कार्यक्रम म पहुँचे के इच्छा रीहिस हे. पर कुछू उपाय नइ रीहिस हे अउ ट्रेन के अगोरा करत प्लेटफार्म म बइठ गेन पर धियान ह भिलाई म रहय. खुला मंच म सब झन के पहुंचे के खबर ल पढ़ के मन ह अधीर हो जाय कि हमन ल देरी होगे. देरी के सूचना ग्रुप म घलो सेन्ड करेंव.
दुर्ग स्टेशन म उतरे के बाद ऑटो करके भिलाई के सेक्टर 7 म स्थित कूर्मि भवन पहुंचेन जिहां खूबचंद बघेल सभागार म ये आयोजन ह चालू होगे रीहिस हे. हाथ -मुंह धोके स्वल्पाहार के रुप म पोहा खायेन. इही समय श्री बलराम चन्द्राकार जी के सुग्घर धरती वंदना चलत रीहिस हे. इही जगह श्री विजेन्द्र चंद्राकर जी ,श्री अश्वनी कोसरे जी मन ले भेंट होइस. नाश्ता करे के बाद जब ऊपर हॉल पहुंचेन त अतिथि मन के सुग्घर स्वागत -सत्कार चलत रीहिस हे. गरिमामयी मंच म माई पहुना के रुप म आदरणीय सुरेश देशमुख जी, प्रथम उद्घोषक चन्दैनी गोंदा उपस्थित रीहिस अउ पगरईत करत रीहिस हे आदरणीय पिपरिया जी, अध्यक्ष, कूर्मि समाज भिलाई नगर. विशिष्ट अतिथि के रूप म मशहूर शायर आदरणीय डॉ. शाद बिलासपुरी, आदरणीया सरला शर्मा जी, अध्यक्ष, जिला हिन्दी साहित्य समिति दुर्ग, परम पूज्य गुरुदेव अरुण कुमार निगम जी संस्थापक, छंद के छ, आदरणीय सुधीर शर्मा जी, विभागाध्यक्ष, हिन्दी, कल्याण कॉलेज भिलाई के गरिमामयी उपस्थिति रीहिस हे. अतिथि मन के स्वागत आयोजन समिति आयोजन समिति के श्री बलराम चन्द्राकार जी, श्री विजेन्द्र वर्मा जी, श्री गजराज दास महन्त जी, श्री नारायण चंद्राकार जी, श्री घनश्याम सोनी जी, श्री चोवा राम वर्मा बादल जी, श्री दिलीप वर्मा जी, आदरणीया आशा देशमुख जी, श्री अजय साहू अमृतांशु जी, श्री जितेन्द्र वर्मा जी खैरझिटिया, श्री ईश्वर साहू आरुग, आदरणीया शशि साहू, सुश्री प्रिया देवांगन, आदरणीया नीलम जायसवाल, श्री उमाकान्त टैगोर, मिलन मलरिहा, अश्वनी कोसरे, श्री मनीराम साहू मितान, श्री महेन्द्र कुमार बघेल मधु श्री राम कुमार चंद्रवंशी जी सहित अन्य साधक मन करीस.
ये कार्यक्रम म 90 छंद साधक सहित सैकड़ों साहित्यकार सम्मिलित होइस.
छंद के छ के माध्यम ले 200 छंदकार तैयार हो चुके हे
गुरुदेव निगम जी ह अपन स्वागत भाषण म छंद के छ गठन करे के उद्देश्य बताय के सँगे सँग बताइस कि पाछू पांच बरस म 17 छंद सत्र के माध्यम ले अब तक 200 छंदकार तैयार हो चुके हे. छंद के छ के गठन 9 मई 2016 अक्ती के दिन करे गे रीहिस हे. निगम जी ह जानकारी दिस कि किताब के रुप म छंदकार श्री चोवा राम वर्मा बादल जी के” छंद बिरवा”, श्री मनी राम साहू मितान के खंड काव्य” हीरा सोना खान के” जगदीश साहू हीरा के संपूर्ण रामायण, श्री राम कुमार चंद्रवंशी
के छत्तीसगढ़ी छंद संग्रह ” छन्द झरोखा ” प्रकाशित होय के बाद साहित्य जगत म प्रशंसित होइस हे.
छंदकार मन के किताब के विमोचन होइस
छंद के छ के राज्य स्तरीय सम्मेलन म छंद के छ परिवार ले तीन झन वरिष्ठ छंदकार मन के किताब विमोचित होइस. श्री बोधन राम निषाद जी(लोहारा,कबीरधाम) के छत्तीसगढ़ी किताब “अमृत ध्वनि “(छत्तीसगढ़ी छंद संग्रह), श्री जगदीश हीरा साहू के छत्तीसगढ़ी छन्द संग्रह “छंद संदेश “अउ आदरणीया इन्द्राणी साहू साँची के हिन्दी किताब “साँची साधना “( छंद संग्रह )के विमोचन सम्मानीय अतिथि मन करिस.
निषाद जी के अमृतध्वनि ह छत्तीसगढ़ी म अमृतध्वनि छंद के पहिली किताब हे. येमा 174 ठक अमृतध्वनि छंद हे. वरिष्ठ छंदकार ज्ञानुदास मानिकपुरी जी ह अमृतध्वनि छंद के प्रस्तावना के वाचन करिस जेला गुरुदेव निगम जी ह लिखे हे. जेमा छंद के नियम उपर जादा प्रकाश करे गिस.
श्री जगदीश हीरा साहू (कड़ार, भाटापारा, बलौदाबाजार) के तीसरा
छंद संग्रह “छंद संदेस ” के उपर वरिष्ठ छंदकार श्री मनीराम साहू मितान ह प्रकाश डालिस. ये किताब म 54 प्रकार के छंद के समावेश हे. हीरा जी ह येमा दोहा के 23 प्रकार म छंद लिखे हे.
इही प्रकार ले सत्र -12 के छंद साधिका श्रीमती इन्द्राणी साहू सांची (भाटापारा, बलौदाबाजार) के हिन्दी किताब म 255 प्रकार के छंद म लेखन करे गेहे. येमा गुरुदेव निगम जी द्वारा लिखित प्रस्तावना ल वरिष्ठ छंदकार श्री कन्हैया साहू अमित जी ह वाचन करिस. तीनों रचनाकार ह अपन प्रतिनिधि रचना के पाठ करिस. तीनों रचनाकार के सम्मान करे गिस. उपस्थित अतिथि अउ छंद परिवार के साधक मन तीनों रचनाकार ल गाड़ा गाड़ा बधाई अउ शुभ कामना दिस.
रंग झाझर कवि गोष्ठी चलिस
किताब के विमोचन के बाद चयनित छंदकार मन के काव्य पाठ अतिथि मन के सामने होइस. कार्यक्रम के सुग्घर संचालन करइया वरिष्ठ छंदकार श्री अजय साहू अमृतांशु ह सबले पहिली श्री जितेन्द्र कुमार वर्मा जी खैरझिटिया ल काव्य पाठ करे बर बुलाइस.खैरझिटिया ह बहुत ही बढ़िया शुरुआत करिस.फेर श्री उमाकान्त टैगोर, श्री मनी राम साहू मितान, चोवा राम वर्मा बादल, आदरणीया आशा देशमुख, श्री दिलीप वर्मा, कौशल साहू, ज्ञानु दास मानिकपुरी, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर, मिलन मलरिहा अउ अन्य मन अपन काव्य पाठ ले सुग्घर- सुग्घर मनोरंजक अउ संदेसप्रद रचना सुनाके उपस्थित साहित्यकार मन के दिल जीत लिस.
बीच म खाना खाय बर कार्यक्रम ल कुछ समय बर अवकाश दे गिस. खाना ह गजब सुग्घर बने रीहिस हे. अउ जब अपन परिवार सँग खाना खाबे त ओकर सुवाद ह दुगुणा हो जथे. छंद परिवार के जम्मो सदस्य मन सँग गोठियात -गोठियात भोजन ग्रहण करे के अलगे मजा रीहिस हे. उपर से जब सबके जेब म मोबाइल हे त ये पल ल यादगार बनाय बर फोटो
खींचे के बाते अलग होथे. अउ अइसने गजब सुग्घर वातावरण खाना खाय के बेरा म देखे ल मिलिस.
छंद लिखना छोटे काम नोहे – प्रो. सुरेश देशमुख जी
खाना खाय के बाद दूसरा सत्र चालू होइस. अतिथि मन के उद्बोधन होइस. माई पहुना आदरणीय सुरेश देशमुख जी ह अपन विचार रखत कीहिस कि “-छंद लिखना छोटे काम नोहे. येमा गजब मिहनत लगथे. अउ छंद के छ सँगवारी मन छंद लिखे बर जउन साधना करत हवव वोहा बहुत सराहे के योग्य हे. येखर बर छंद के छ के संस्थापक निगम जी के सँगे सँग सबो साधक मन ल बधाई देवत हवँ. ”
समारोह के पगरईत करत श्री पिपरिया जी ह कहिस कि -“छंद के छ के आयोजन ल देख सुनके हिरदे ह झूम गेहे. ये कार्यक्रम ह छत्तीसगढ़ी भाखा बर मील के पत्थर साबित होही. ”
निगम जी ह रेगिस्तान म फूल खिलाइस हे – शाद बिलासपुरी
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आदरणीय शाद बिलासपुरी ह अपन विचार रखत कहिस कि –
छंद के छ परिवार म बहुत बढ़िया अनुशासन हे. निगम जी छंद के छ के माध्यम ले रेगिस्तान म फूल खिलाय के काम करत हे. येकर माध्यम ले गुरु -शिष्य परंपरा ल जीवित रखे हे जेकर जतकी तारीफ करन कम होही. ”
समारोह के विशिष्ट अतिथि आदरणीया सरला शर्मा जी ह अपन कहिस कि – ” हमर देश म छंद लिखे के परंपरा बहुत पुराना हे. कबीर, तुलसी, रहीम के छंद जन -जन म लोकप्रिय हे. निगम जी ह जउन चीज हे तेला छत्तीसगढ़ के युवा साहित्यकार मन म ज्ञान बांट के सुग्घर कारज करत हे. निगम जी के प्रयास ह बहुत सराहनीय हे. ”
कार्यक्रम के विशिष्टि अतिथि डॉ. सुधीर शर्मा जी ह कहिस कि -” निगम जी ह नि:स्वार्थ भाव ले साहित्य के सेवा करत हे. छंद के छ ह एक आंदोलन के रुप ले चुके हे. येकर माध्यम ले छत्तीसगढ़ी म सुग्घर सृजन के काम होवत हे. मेहा अरुण कुमार निगम जी ल छंद के छ विश्वविद्यालय के कुलपति मानथवँ. ”
कार्यक्रम म उपस्थिति जम्मो छंद साधक मन बढ़िया -बढ़िसा छंदबद्ध रचना के काव्य पाठ करिस.
कार्यक्रम स्थल म हमर राजनांदगांव वरिष्ठ छंदकार आदरणीय महेन्द्र कुमार बघेल मधु जी, राम कुमार चन्द्रवंशी जी, शेर सिंह गोड़िया आदिवासी जी, आदरणीया पदमा साहू, राज कुमार चौधरी जी, नंद किशोर साव नीरव जी, रमेश कुमार मंडावी जी, दूज राम साहू जी के सँगे सँग दूसरा जिला ले पधारे जम्मो छंदकार मन ले मिल के मोर हिरदे ह झूम गिस. काव्य पाठ करे के बाद मेहा भाई अमृत दास साहू जी के साथ संझा 6.30 बजे कार्यक्रम स्थल ले निकल गेन. आदरणीय विजेन्द्र वर्मा जी ह आदरणीय बलराम चंद्राकर जी ल बोल के हमन ल दुर्ग रेल्वे स्टेशन म छोड़े ल बोलिस. हमन ह सही समय म रेल्वे स्टेशन पहुंच गेन. अउ डोंगरगढ़ के लिए सफर चालू होगे. ये प्रकार ले ये आयोजन ह मोला गजब सुग्घर लगिस.
मेहा ये कार्यक्रम म छत्तीसगढ़ी म छंदबद्ध किताब खरीदेंव. साथ म ये मोर परम सौभाग्य हे कि चन्दैनी गोंदा के प्रथम उद्घोषक आदरणीय सुरेश देशमुख जी ह मोला अपन द्वारा सम्पादित किताब “चन्दैनी गोंदा ” (छत्तीसगढ़ की एक सांस्कृतिक यात्रा…, दाऊ रामचंद्र देशमुख, व्यक्तित्व एवं कृतित्व) भेंट करिस.
मेहा इही कार्यक्रम म देशमुख जी ले पहिली बार प्रत्यक्ष ढंग ले मुलाकात होइस. येकर ले पहिली फोन म ही बात हो पाय रीहिस हे.
कार्यक्रम के सुग्घर संचालन मिल- जुल के श्री अजय साहू अमृतांशु जी,श्री जितेन्द्र कुमार वर्मा जी, श्री ईश्वर साहू आरुग जी, श्री गजराज दास महन्त जी ह करिस.
■कवि संपर्क-
■79746 66840
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