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- ■पिता को समर्पित, भिलाई इस्पात संयंत्र के उज्ज्वल प्रसन्नो की एक कविता.
■पिता को समर्पित, भिलाई इस्पात संयंत्र के उज्ज्वल प्रसन्नो की एक कविता.
4 years ago
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♀ प्रिय पिताजी
प्रेम है विश्वास है ,
पिता जीवन का आकाश है ।
पिता अनुशासन पिता सुरक्षा,
पिता से जीवन का विकास है।
सिसकियों में नम्र बहुत,
कन्धों पर भरोसे का अहसास है।
हर कदम पर जीवन के दर्शन,
ताड़ना में जीवन का प्रकाश है।
करुण मन में धूल समय की,
हृदय में भविष्य के संजोये सपनों से आस है ।
श्रद्धेय पिता पूरे जग में
सम्बंध पिता का सब रिश्तों में खास है ।
■कवि संपर्क-
■94241 22246
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chhattisgarhaaspaas
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