• Chhattisgarh
  • ताजा चुनाव नतीजे और विपक्ष के लिए सबक ❗ – राजेंद्र शर्मा

ताजा चुनाव नतीजे और विपक्ष के लिए सबक ❗ – राजेंद्र शर्मा

3 years ago
342

सन् 2022 के ऐन आखिर में हुए तीन बड़े चुनावों में से तीनों में सभी जानते हैं कि बिल्कुल स्पष्ट नतीजा निकला है। यह नतीजा है, गुजरात में भाजपा की, हिमाचल में कांग्रेस की और दिल्ली में, आम आदमी पार्टी की जीत का। यानी कुल मिलाकर इस चक्र के नतीजों को आसानी से, कम–से–कम आगे के लिए राजनीतिक संकेतों के अर्थ में, किसी पार्टी के पक्ष में या किसी पार्टी के खिलाफ नहीं माना जा सकता है। यहां तक कि इसी दौर में हुए उपचुनावों के संबंध में भी एक हद तक ऐसा ही कहना होगा। बेशक, इकलौते लोकसभाई उपचुनाव में, मैनपुरी में समाजवादी पार्टी की डिम्पल यादव ने, सवा दो लाख वोट के अंतर से निर्णायक जीत दर्ज कराई है। लेकिन, इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में ही हुए दो विधानसभाई सीटों के उपचुनाव में, रामपुर की सीट अगर भाजपा ने सपा से छीन ली है, तो खतौली की सीट सपा-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन ने, भाजपा से छीन ली है।

वैसे इस सिलसिले में यह दर्ज करना भी अप्रासंगिक नहीं होगा कि करीब 50 फीसद मुस्लिम आबादी वाले रामपुर में मुसलमानों को पुलिस-प्रशासन के जरिए मतदान से रोके जाने की सबसे ज्यादा शिकायतें आई थीं, जिन पर जाहिर है कि अपने वर्तमान रुझान के अनुरूप चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसीलिए, भाजपा ने यह सीट सपा से छीनी जरूर है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसकी कीमत अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या को मतदान न करने दिए जाने के रूप में चुकायी गयी है, जिससे यहां कुल मतदान आसामान्य रूप से गिरकर, 33 फीसद के करीब ही रह गया, जो इसी राज्य में उसी रोज उपचुनाव में ही मैनपुरी तथा खतौली से हुए मतदान से, करीब बीस फीसद कम था।

बची हुई चार राज्यों की एक-एक विधानसभाई सीटों के लिए उपचुनाव में भी, जहां राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ की विधानसभाई सीटें, इन राज्यों में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जीत ली हैं, ओडिशा की सीट भी सत्ताधारी बीजद की ही झोली में गई है। एक बिहार की कुढ़नी सीट ही है, जिस पर राज्य में पिछले ही महीनों सत्ता में आए, विस्तारित महागठबंधन के उम्मीदवार को हराकर, भाजपा ने जीत दर्ज कराई है। कुल मिलाकर इन नतीजों में भी बहुत स्पष्ट राजनीतिक संदेश नहीं पढ़ा जा सकता है।

लेकिन, इसका अर्थ यह भी नहीं है कि इन नतीजों में कोई राजनीतिक संदेश पढ़ने की कोशिश ही नहीं की जा रही है। इन नतीजों में राजनीतिक संदेश पढ़ने की ही नहीं, वास्तव में अपना मनचाहा संदेश गढ़ने की भी सबसे बड़ी कोशिश तो खुद प्रधानमंत्री मोदी ने ही की है, मतगणना की शाम को भाजपा के पार्टी मुख्यालय में अपनी बहुप्रचारित और लगभग सभी राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर लाइव प्रसारित, ‘विजय’ सभा के जरिए।

इस पूरे आयोजन का एक ही मकसद था—भाजपा के चुनाव के इस चक्र में ‘विजेता’ रहने के संदेश को दूर-दूर तक प्रसारित करना। जाहिर है कि यह 2023 में होने जा रहे कई राज्यों के विधानसभाई चुनावों और 2024 के पूर्वार्द्घ में होने जा रहे आम चुनाव की ‘तैयारियां’ शुरू किए जाने का ही एक महत्वपूर्ण औजार है। आखिरकार, प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे के साथ भाजपा की अजेयता की छवि और धारणा ही तो, सत्ताधारी संघ-भाजपा का सबसे असरदार हथियार है। इसी हथियार को टीना यानी ‘दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है’ के नाम से जाना जाता है।

कहने की जरूरत नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अपने नेतृत्व में भाजपा के इस चक्र में ‘विजयी’ रहने के नैरेटिव को चलाने के लिए, गुजरात में भाजपा की जीत को ज्यादा से ज्यादा दुहने का सहारा लिया। बेशक, गुजरात में विधानसभाई चुनाव में भाजपा को अभूतपूर्व जीत मिली है। सीटों के संख्या के मामले में इस चुनाव में भाजपा ने इस राज्य के अब तक के जीत के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े गदगद भाव से खुद अपने आप को इसका भी श्रेय दे दिया कि 2002 के नरसंहार के बाद हुए विधानसभाई चुनावों में खुद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को जितनी सीटें मिली थीं, इस बार वह रिकार्ड भी टूट गया है!

लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी चुनाव के इस चक्र में भाजपा को ‘विजयी’ घोषित करने के लिए, गुजरात की जीत पर ही नहीं रुके। सवा चतुराई का प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री ने, हिमाचल के विधानसभाई चुनाव में सत्ताधारी भाजपा की करारी हार को यह कहकर ज्यादा से ज्यादा ढांपने की कोशिश की कि वहां भाजपा, एक फीसद से भी कम अंतर से पीछे रह गई। इसी दलील को और प्रभावशाली बनाने के लिए, वह यह दावा करना भी नहीं भूले कि अब तक तो वहां चार, पांच, छ: फीसद वोट के अंतर से वहां हार-जीत होती आई थी!

इसी प्रकार, प्रधानमंत्री उपचुनाव के नतीजों को छांट-छांटकर जिक्र करते हुए, बिहार में कुढनी तथा उत्तर प्रदेश में रामपुर के विधानसभाई चुनाव में भाजपा की जीत का उल्लेख करना तो याद रहा, लेकिन उत्तर प्रदेश में ही रामपुर की बगल में खतौली में और छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर, राजस्थान में सरदार शहर और ओडिशा में पद्मपुर विधानसभाई सीटों पर उपचुनाव में भाजपा की काफी अंतर से हार उन्हें याद ही नहीं आई। यहां तक कि मैनपुरी की इकलौती लोकसभाई सीट पर उपचुनाव में, भाजपा उम्मीदवार की सवा दो लाख से ज्यादा वोट से हार और भाजपा के वोट में सवा लाख से ज्यादा की कमी भी प्रधानमंत्री को याद नहीं रही। इन पराजयों से प्रधानमंत्री की भाजपा के अपराजेय होने के प्रचार का गुब्बारा पंचर जो हो जाता है।

इतना ही नहीं, हिमाचल की हार को ‘लगभग जीत’ साबित करने की कोशिश में, प्रधानमंत्री ने विजेता कांग्रेस के एक फीसद से कम मत फीसद से ही आगे रहने की दलील के सहारे, यह भी साबित करने की कोशिश की कि वहां भाजपा के राज के खिलाफ जनता में कोई असंतोष नहीं था। भाजपा अध्यक्ष, जे पी नड्डा ने, जो खुद हिमाचल से ही आते हैं, इसका और भी जोर-शोर से दावा किया। लेकिन, मोदी और उनके आशीर्वाद से भाजपा अध्यक्ष बने हुए नड्डा, इस सच्चाई को दबा गए कि 2017 के चुनाव की तुलना में, 2022 के विधानसभाई चुनाव में पूरे पांच फीसद से ज्यादा वोट भाजपा से छिटका है और करीब इतना ही वोट उसकी प्रतिस्पर्द्घी कांग्रेस के खाते में जुड़ा है, जिसने उसे विजयी बनाया है। साफ है कि हिमाचल में भाजपा सरकार के खिलाफ काफी तेज सत्ताविरोधी लहर थी।

हिमाचल की ही तरह, इसी चक्र की जिस एक और हार को मोदी ने करीब-करीब पूरी तरह से छुपाने की ही कोशिश की है, वह है दिल्ली के पुनरेकीकृत नगर निगम के चुनाव में, नगर निकायों में पंद्रह साल से सत्तारूढ़ रही भाजपा की, आम आदमी पार्टी के हाथों करारी हार। ढाई सौ सीटों के सदन में भाजपा मुश्किल से सौ का आंकड़ा पार कर पाई है, जबकि इससे पहले उसकी संख्या पौने दो सौ से कुछ ही कम रही थी। इस तरह, अगर उपचुनावों को अलग भी कर दिया जाए तो भी, इस चक्र में हुए तीन महत्वपूर्ण चुनावों में से दो में — हिमाचल तथा दिल्ली नगर निगम — भाजपा ने सत्ता गंवाई है, जबकि गुजरात में वह बढ़े हुए बहुमत के साथ अपनी सत्ता बनाए रखने में कामयाब रही है। इसे कम–से–कम मोदी की भाजपा के अजेय होने का सबूत तो नहीं ही माना जा सकता है। उल्टे यह तो इसी का संकेतक है कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ जनता में खासा असंतोष है और उसे हराया जा सकता है!

बहरहाल, चुनाव के इस चक्र में खासतौर पर विपक्ष के लिए, एक महत्वपूर्ण सबक है। दिल्ली के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने पिछली बार सिर्फ 36 फीसद वोट लेकर, प्रभावशाली जीत हासिल की थी। लेकिन, इस बार 3 फीसद की बढ़ोतरी के साथ, 39 फीसद वोट हासिल करने के बाद भी, भाजपा उतने ही जोरदार तरीके से हार गई।

लेकिन कैसे? पिछली बार, कांग्रेस की प्रभावशाली उपस्थिति ने ज्यादातर सीटों पर चुनाव वास्तव में त्रिकोणीय बनाकर उसकी जीत का रास्ता बना दिया था, हालांकि खुद उसके हिस्से में ढाई दर्जन से ज्यादा सीटें नहीं आई थीं। इस बार, कुल 13 फीसद के करीब वोट हासिल कर के कांग्रेस, अपना यह वोट बहुत बिखरा हुआ रहने के चलते, आम तौर पर मुकाबले से बाहर ही बनी रही और करीब सीधे मुकाबले में अपने वोट में कुछ बढ़ोतरी करने के बावजूद, भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा।

इसका उल्टा उदाहरण गुजरात ने पेश किया। बेशक, गुजरात में भाजपा को मिले 52 फीसद वोट के चलते, उसकी जीत को तो किसी तरह रोका नहीं जा सकता था। फिर भी यह समझना मुश्किल नहीं है कि करीब 13 फीसद वोट हासिल कर, विशेष रूप से कांग्रेस के परंपरागत समर्थन क्षेत्रों में मुकाबले को तिकोना बनाकर, आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भाजपा की जीत को अभूतपूर्व बनाने में काफी मदद की है, हालांकि सरकार बनाने के अपने बड़बोले दावों के विपरीत, वह खुद पांच सीटों पर ही सिमट गई है। एक आकलन के अनुसार करीब 50 सीटों पर आप पार्टी ने चुनावी पलड़ा भाजपा के पक्ष में झुकाने का काम किया है।

साफ है कि जो विपक्षी पार्टियां मोदी के ज्यादा–से–ज्यादा अलोकतांत्रिक व केंद्रीयकरणकारी होते, जनविरोधी निजाम से देश को बचाने का प्रयास करने के लिए वाकई गंभीर हैं, तो उन्हें कम से कम राज्य स्तर पर एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करना होगा और तिकोने-चौकोने आदि मुकाबलों से सचेत रूप से बचना होगा। वर्ना जनता के बहुमत के अपने विरुद्घ होने के बावजूद, मोदी की भाजपा एक सौ तीस करोड़ भारतीयों की किस्मत तय करने की दावेदार बनी रहेगी। यह संयोग ही नहीं है कि गुजरात में आप पार्टी की अति-महत्वाकांक्षा के नतीजे इस अर्थ में भी सामने आ गए हैं कि उसके जोड़-बटोरकर किसी तरह सभी सीटों पर खड़े किए गए उम्मीदवारों में जीते कुल पांचों के चुनाव के नतीजे आने के फौरन बाद पाला बदलकर भाजपा में जाने के तैयार होने के संकेत आने लगे थे।

इसलिए, अब जब यह साफ हो गया है कि रातों-रात दूसरी विपक्षी पार्टियों का विकल्प बन जाने की ऐसी सनक, भाजपा की ही मददगार साबित हो सकती है, उम्मीद के खिलाफ भी उम्मीद तो करनी ही चाहिए कि आप और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां अकेले ही खुद को भाजपा का विकल्प साबित करने की ऐसी मुद्रा से, भाजपा की राह आसान करना बंद करेंगी।


•राजेंद्र शर्मा

[ •लेखक ‘ लोकलहर ‘ के संपादक हैं ]

🟥🟥🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त
breaking Chhattisgarh

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी
breaking Chhattisgarh

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ
breaking Chhattisgarh

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख
breaking Chhattisgarh

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ
breaking Chhattisgarh

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत
breaking Chhattisgarh

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
breaking international

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल
breaking international

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
breaking Chhattisgarh

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप
breaking Chhattisgarh

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम
breaking international

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका
breaking Chhattisgarh

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय

5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय

किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कविता

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’
poetry

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
poetry

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’
poetry

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा
poetry

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता
poetry

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]
poetry

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा
poetry

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव

कहानी

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

story

व्यंग्य : ‘ घूमता ब्रम्हांड ‘ – श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़]

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल
story

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल

story

लघुकथा : रौनक जमाल [दुर्ग छत्तीसगढ़]

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन