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भिलाई : ऐक्टू कार्यालय : सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स यूनियन की वर्किंग कमेटी की बैठक में संयंत्र कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा…

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास] : संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दास गुप्ता द्वारा अपनी टीम के साथ नए वर्ष के प्रारंभ होते ही संयंत्र के विभिन्न विभागों का दौरा कर कर्मियों से रूबरू होकर कर्मियों को नव वर्ष की बधाई और शुभकामनाएं ज्ञापन का सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स यूनियन- ऐक्टू ने स्वागत करते हुए कहा है कि काश निदेशक प्रभारी इस दौरान खाली पीली बधाई और शुभकामनाएं देने के बजाय कर्मियों से उनकी तकलीफों को जानने-समझने का प्रयास भी करते और उनकी पेंडिंग सुविधाओं की बहाली पर भी सहानुभूति दिखाते और कर्मियों को इस नए साल में उनकी बेहतरी के लिए आश्वस्त करते, किंतु यह अत्यंत खेदजनक है कि निदेशक प्रभारी कर्मियों को नए साल की बधाई देते हुए केवल कर्मियों की सुरक्षा और शून्य दुर्घटना की घिसी-पिटी बातें कर बला टाल रहे हैं।
ऐक्टू ने इस बात पर चिंता जताई कि स्टाफ की लगातार हो रही कमी और कर्मियों पर बढ़ते काम के बोझ के बावजूद उनकी सुविधाओं में कमी पर वे मौन साधे हुए हैं। ठेका श्रमिक जिनकी संख्या आज नियमित कर्मियों से डेढ़ गुने से ज्यादा हो गई है, उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी वे कुछ नहीं बोल रहे। आये दिन ठेका श्रमिकों के अन्यान्य तरीके से हो रहे शोषण की शिकायतों के बावजूद सरकार और प्रबंधन दोनों ही चुप हैं और उनके संरक्षण में ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं। बैठक में श्रम विभाग की चुप्पी पर भी नाराजगी जताई गई।
ऐक्टू की वर्किंग कमेटी ने सरकार प्रबंधन के इस रवैय्ये पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि प्रबंधन की ओर से कर्मियों से केवल बेहतर व सुरक्षित काम और अधिक उत्पादन के साथ ही गुणवत्ता की अपेक्षा तो की जा रही है, लेकिन कर्मियों की बेहतरी के लिए उनके पास कोई चिंतन नहीं है। प्रबंधन के इस व्यवहार से कर्मियों में उत्साहवर्धन होने के बजाय उनके मनोबल में गिरावट हो रही है और प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। कर्मियों में कार्य और उत्पादन के प्रति उत्साह का संचार करने प्रबंधन को सहानुभूतिपूर्वक ठोस कदम उठाना चाहिए।
ऐक्टू ने मांग की है कि कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास को बेहतर बनाया जाए, आवासों की सुरक्षा और अवैध कब्जे से बचाने के लिए अधिकतम दो लाख रूपये की अमानत राशि जमा कर सेवानिवृत्त संयंत्र कर्मियों को आबंटित किया जाये। कर्मियों की पेंशन योजना को लाभप्रद बनाकर जल्द से जल्द लागू किया जाये, कर्मियों के वेतन समझौते को यथाशीघ्र अंतिम रूप देने के लिए सेल प्रबंधन पर दबाव बनाया जाए, एचआरए को तत्काल लागू किया जाये, मेन पावर की कमी को दूर करने नई नियुक्तियां शुरू की जाए और प्रधान नियोक्ता होने के नाते ठेका श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी सहित तमाम सुविधाओं की गारंटी की जाए और तमाम छोटे आवासों को उन्हें नियमित कर्मियों की तरह आबंटित किया जाये।
बैठक में अशोक मिरी, श्याम लाल साहू, बृजेन्द्र तिवारी, घनश्याम त्रिपाठी, आरपी गजेंद्र, रूपेश कोसरे, जीवन लाल कुर्रे, देवानंद चौहान, भुवन लाल साहू

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