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साहित्य : ‘ हौसलों के हमसफर ‘ साहित्य उपवन रचनाकार मंच नई दिल्ली के माध्यम से छत्तीसगढ़ कोरबा की कवयित्री गीता विश्वकर्मा ‘ नेह ‘ का काव्यपाठ 24 जनवरी को…

छत्तीसगढ़ [छत्तीसगढ़ आसपास] : 24 जनवरी की संध्या गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में पद्मश्री सम्मानित-हरेकला हजब्बा जी के व्यक्तित्व पर गीता विश्वकर्मा’नेह’ द्वारा काव्य पाठ किया जायेगा ।
“हौंसलों के हमसफ़र” ख्याति प्राप्त साहित्य उपवन रचनाकार मंच नई दिल्ली/की उत्कृष्ट पहल
“पद्मश्री” पुरुस्कार से सम्मानित विभूतियों की गौरव गाथा को सार्वजनिक रुप प्रसारित करने के लिए साहित्य उपवन रचनाकार मंच निरंतर प्रतिबद्ध है,
भारत सरकार द्वारा आम तौर पर सिर्फ भारतीय नागरिकों को दिया जाने वाला वो सम्मान है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कला, शिक्षा, उद्योग, साहित्य, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा द्वारा सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है। भारतीय नागरिकों के लिए पुरस्कारों के अनुक्रम में यह चौथा पुरस्कार माना जाता है।
अति महत्वपूर्ण भारतीय सम्मान यूँ तो अनेक भारतीय विभूतियों ने अपने विशेष और असाधारण कार्य के लिए जीते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की अभिलाषा होती है कि उसके काम को सराहा जाय, परंतु कुछ समय पश्चात उन्हे भुला दिया जाता है,
ऐसे किरदारों को प्रभावशाली तरीके से आम लोगों के बीच रखकर फिर से याद किया जाए इसी विचार ने “हौसलों के हमसफ़र” योजना को जन्म दिया। इसके मुख्य सूत्रधार कुमार रोहित कुमार रोज और संगीता मिश्रा जी हैं। इस योजना के तहत “साहित्य उपवन रचनाकार”100 विशेष रचनाकारों के माध्यम से 22 जनवरी से 26 जनवरी तक लगातार पाँच दिनों तक गीत, ग़ज़ल छंद मुक्तक जैसे विभिन्न विधाओं में एफबी पर आनलाइन लाइव काव्य पाठ कार्यक्रम आयोजित करेगा | यह काव्य पाठ भारतीय संस्कृति एवं भारत की एकता, अखंडता पर आधारित होगा ।इस अनूठे काव्य आयोजन से जनता द्वारा भुला दिये गये पद्मश्री प्राप्त समाज सेवी विभूतियों को फिर से जनता के मध्य गरिमापूर्ण तरीके से याद किया जाएगा | ताकि उनकी यादें और उनके नाम को ऊंचाइयों पर प्रतिष्ठित कर सके और समाज को एक नई प्रेरणा मिल सके|
जिससे समाज से जातिवाद, छुआ छूत, मत भेद जैसी अनेक विडंबनाओं को दूर किया जा सके,
इस आयोजन को कार्यान्वित करने के लिए “साहित्य उपवन रचनाकार” मंच की पूरी टीम कार्यरत हैं। जिनमें अध्यक्ष कुमार रोहित रोज, संगीता मिश्रा, कुसुम लता कुसुम, भगत सिंह राणा हिमाद, उमा शंकर बाजपेई नमन ,प्रमोद चौहान, सुधा बसोर सौम्या, नंदन राणा नवल, सुरेश चंद्र जोशी, आर डी गौतम विनम्र, अंशी कमल सहित डाॅ राकेश सक्सेना और लखनऊ से प्रख्यात ओजस्वी कवि पंकज सिंह “दिनकर”(अर्कवंशी)जैसे विद्वतजन शामिल हैं। इस योजना को फलीभूत करने के लिए विधा विशेषज्ञ कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने हेतु दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर इस महायज्ञ को “साहित्य उपवन रचनाकार मंच की पटल पर देखा जा सकता है। 24 छंद रचनाकार 24-1-2023 की संध्या को अपनी प्रस्तुति देंगे ।
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