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हास्य व्यंग्य : किस फेर में पड़े – दीप्ति श्रीवास्तव
भैया कहावत सुनी कि नहीं- ” शादी वह लड्डू है जिसने खाया वह पछताया जिसने न खाया वह भी पछताया ।”
हम तो सोच विचार में पड़ गए कैसी कहावत है पापाजी से पूछ ही नहीं सकते यदि…पूछ लिया तो पीठ और चप्पल दोनों तैयार बैठे राह देख रहे होंगे बोलेंगे अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है जो शादी ब्याह का सोचने लगे कैरियर पर ध्यान दो , कैरियर बनाने के दिन है । कहां का फितूर सिर चढ़ा बैठा । मां से पूछूंगा तो बोलेगी वो वाट्स अप वाली चुड़ैल है क्या ? शादी के लिए मेरे भोले-भाले बेटे को बहका रही है ।
दोस्तों की जमात में अभी किसी की जमानत जब्त नहीं हुई । शादी नाम की हथकड़ी के सुहाने सपने देख सोते हुए बादलों में तैरती रूपसी इतरा- इतरा कर शादी के प्रलोभन दे रही है । भैया को शादी का जनून सवार हो जाता है दूसरे दिन सुबह उठकर घर में बवाल मचा दिया शादी के लिए लड़की देखो । खाट पर बैठी दादी ने जो फटकार लगाई की शादी का भूत आसपास मंडराते रहा एक ख्याल लिव इन रिलेशनशिप का आया पर घर में दोबारा बोलने की हिम्मत न हुई ।
अरे कमबख्त अकेले का खर्चा पूरा नहीं कर सकता दुल्हनिया को तेरा बापू बैठा कर खिलाएगा क्या ?
आ तो पास बड़ी जवानी चढ़ी रही है छोरे को… ,
काम -धाम दिल लगा कर आमदनी बढ़ा , बड़ा आया घोड़ी चढ़ने ….
कैसे सब बोलते हैं शादी का लड्डू जो ना खाया वह बड़ा सुखी ….
एक भैयाजी है जो रात दिन गाना गाते रहते हैं शादी के लड्डू की लालच न करना बिट्टू , चकरघिन्नी बन कर रह जाता है आदमी । एक तरफ मां दूसरी तरफ बीबी आदमी को बिलो- बिलो कर रस निकाल निष्क्रिय कर देती है दो स्त्रियां । पूरा का पूरा स्त्री हो चपट जाओगे बिना सलवट के । इससे अच्छा तो बिना शादी के रहना ,तेल नून के चक्कर से तो बचे रहोगे बिट्टू । घरवाली से अच्छी होती बाहरवाली , शादी एक प्रलोभन है आयोजन है । लड्डू खाने के फेर में न पड़ना । दिन दूनी रात चौगुनी शांति के हकदार होंगे। घोड़ी देख टेर न लगाना बैठने की । बिन ब्याहे घोड़े की बाजार में बड़ी पूछ- परख होती । अपना मोल लगवाना है तो भैया बिन शादी के फड़फता कैलेंडर बने रहो । हवा संग तैरो ,उछलो- कूदो ,नयन -मट्टका करो और बने रहो भौंरे जो किसी पार्टी का नहीं जब चाहे यहां उड़ा कभी वहां । लड्डू का क्या कभी भी खा सकते हो अपनी मर्ज़ी से पर राजनीतिक पार्टी का ना हो ।
•पता –
•दीप्ति श्रीवास्तव, जुनवानी भिलाई, जिला – दुर्ग, छत्तीसगढ़
•संपर्क –
•94062 41497
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chhattisgarhaaspaas
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