- Home
- Chhattisgarh
- होली विशेष : श्रीमती आशा झा
होली विशेष : श्रीमती आशा झा
🌸 जी चाहता ये खेलूँ होली श्याम तेरे संग खेलूँ श्याम तेरे संग…
– श्रीमती आशा झा
[ दुर्ग छत्तीसगढ़ ]

जी चाहता ये खेलूं होली १याम तेरे संग खेलूं श्याम तेरेसंग
कोरी रहे न चुनरी चढ़ जाये तेरा रंग खेलूं श्याम तेरे संग
आंगन मे चारो ओर उड़ता दिखता जब भी गुलाल
चाहूं कि मल दूं गाल पर तेरे भी मै नंदलाल
ढंग मेरा देखकर ये जग हो जाये दंग खेलूं श्याम तेरे संग
तुमसा पिया मुझको . मिले मन की मेरी आस
चाहे हँसी हो जाये याकि हो उपहास
लोक लज्जा से पिया मै आ गई हूँ तंग
खेलूं श्याम तेरे संग
जानती हूं जग तुम्हारा तुम सभी के हो
मूर्ख मन यह चाहता कि सिर्फ मेरे हो
जानकर अंजान बनता पी हो मानो भंग खेलूं श्याम तेरे संग
आत्मा हूँ मै तुम्ही परमात्मा मेरे
क्यों नहीं फिर काटते जीवन मरण फेरे
क्यों लड़ती रहती हूँ सदा ही मै स्वयं से जंग खेलूं श्याम तेरे संग
अपने रंग में रंग लो मुझको कुछ न चाहूं मै
मिल जाऊं तुममे इस तरह मै रह न जाऊं मै
मै हूं तेरी रति प्रिय तू मेरा अनंग खेलूं श्याम तेरे संग
जी चाहता ये खेलूं होली श्याम तेरे संग खेलूं श्याम तेरे संग
कोरी रहे न चूनरी चढ़ जाये तेरा रंग खेलूं श्याम तेरे संग
[ •श्रीमती आशा झा छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय कवियित्री हैं. •देश की महत्वपूर्ण पत्र – पत्रिकाओं में कविता/कहानी प्रकाशित. •अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों/आकाशवाणी और दूरदर्शन में सहभागिता. •’ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के लिए आशा झा की पहली रचना…
•संपर्क : 96305 19160 ]
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)