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भिलाई : सिविल सोसायटी दुर्ग – भिलाई मेहरबान सिंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया ‘ तालपुरी का टैक्स रजिस्ट्री तारीख से वसूली के विरोध में कोर्ट जाने की तैयारी… ‘

भिलाई [प्रेस कॉन्फ्रेंस से प्रदीप भट्टाचार्य] : ‘ सिविल सोसायटी दुर्ग – भिलाई ‘ द्वारा प्रेसवार्ता में मेहरबान सिंग, सोनु यादव, जसप्रीत सिंग, लवली सिंग, राजेश कश्यप, अनिल नाथ और कुलदीप सिंह ने बताया –
रिसाली निगम ने ‘ तालपुरी भिलाई ‘ के रहवासियों से रजिस्ट्री के दिनाँक से संपतिकर वसूल करने के विरुद्ध आयुक्त तथा जिलाधीश के शिकायत की गई, पर विचार न किए जाने पर हम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.
सिविल सोसायटी दुर्ग – भिलाई की तरफ से मेहरबान सिंग ने ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य को बताया –
हमारी संस्था को संपतिकर के विषय पर ‘ तालपुरी ‘ रहवासियों से प्राप्त शिकायत पर रिसाली निगम आयुक्त और जिलाधीश को रजिस्ट्री के दिनांक से संपतिकर वसुलने के विरुद्ध शिकायत की गई.

जिलाधीश ने कहा –
यह टेक्निकल विषय है इस पर विचार करेंगे. छ. ग. गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्मित कॉलोनी ‘ तालपुरी ‘, में मकान बनाने की योजना भ्रष्टाचार, अनियमिओं की भेंट चढ़ गई, इस कारण से योजना काफी विवादित रही. उपभोक्ता फोरम ने भी छ. ग. गृह निर्माण मंडल के विरुद्ध निर्णय दिए. सभी विवादों से अपना पीछा छुड़ाने के लिए ‘ तालपुरी ‘ में मकानों की बुकिंग करने वालों को छ. ग. गृह निर्माण मंडल ने समझौता कर अर्धनिर्मित मकान ही लोगों को लगभग 2014-15 के आसपास रजिस्ट्री कर सौंप दिया.
सिविल सोसायटी ने कहा –
‘ तालपुरी ‘ के रहवासी अर्धनिर्मित मकानों का पजेशन लेने के बाद, मकान मालिकों ने स्वयं अपने प्रयास से मकान को पुरा किया, घर को रहने लायक बनाया, उसके बाद वे लोग ‘ तालपुरी ‘ में आकर रहने लगे.
27 जून 2020 को निगम तथा छ. ग. गृह निर्माण मंडल बीच इकरार के तहत ‘ तालपुरी कॉलोनी ‘ को रिसाली निगम को हस्तांतरण किया गया. कालोनाईजर एक्ट रूल -11 [डी] के अनुसार कॉलोनी के आंतरिक विकास का सर्टिफिकेट मिलने पर कॉलोनी का ‘ डीम्ड ‘, हस्तांतरण माना जाए.
सिविल सोसायटी ने बताया –
रिसाली निगम के द्वारा ‘ तालपुरी ‘ के रहवासियों से रजिस्ट्री के दिनाँक से ही संपतिकर वसुला जा रहा है. रिसाली निगम के संपतिकर अधिकारी ने बताया कि जिस दिन से मकान की रजिस्ट्री हुई, मतलब संपति उसकी हुई. उस दिन से ही संपतिकर लागु होगा. इतने वर्षों का उनसे विलम्ब शुल्क तथा विवरणी न भरने का भी शुल्क लिया जा रहा है.
रिसाली निगम के द्वारा रजिस्ट्री दिनाँक से संपतिकर लेना कितना न्याय संगत है ?

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