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- दुर्ग : साइंस कॉलेज में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर [22-31 मई 2023] : समापन के अवसर पर डॉ महेशचंद्र शर्मा ने कहा – संस्कृत न केवल कर्मकांड की भाषा है अपितु यह विज्ञान सम्मत है याने संस्कृत विज्ञान की भाषा है, हमारे शास्त्रों में विज्ञान है…
दुर्ग : साइंस कॉलेज में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर [22-31 मई 2023] : समापन के अवसर पर डॉ महेशचंद्र शर्मा ने कहा – संस्कृत न केवल कर्मकांड की भाषा है अपितु यह विज्ञान सम्मत है याने संस्कृत विज्ञान की भाषा है, हमारे शास्त्रों में विज्ञान है…
दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास] : साइंस कॉलेज दुर्ग में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का कार्यक्रम दिनांक 22 मई से 31 मई पर्यंत आयोजित था जिसमें दुर्ग शहर एवं आसपास के गांव से बहुत से विद्यार्थी एवं शिक्षकगण सम्मिलित हुए। यह शिविर विगत वर्ष की भांति महाविद्यालय के प्राचार्य की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में दूसरी बार आयोजित हुआ है। सर्वप्रथम महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपमा अस्थाना एवं अतिथियों ने सर्वप्रथम मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया । तत्पश्चात महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ अनुपमा आस्थाना ने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा पर बहुत सी ज्ञानवर्धक बातें बताई।
संस्कृत संभाषण शिविर के समापन सत्र में पहुंचे मुख्य अतिथिके रूप में छत्तीसगढ़ के माने हुए संस्कृत विद्वान् सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्कृत न केवल कर्मकांड की भाषा है अपितु यह विज्ञान सम्मत है,संस्कृत विज्ञान की भाषा है । हमारे शास्त्रों में विज्ञान हैं।
उन्होंने संस्कृत के कई शास्त्रों के श्लोकों का प्रमाण देते हुए उच्चारण करते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत के महत्व पर ज्ञानवर्धक बातें बताई । डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने प्रतिवर्ष संस्कृत के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की।
इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक धीरज शास्त्री ने संस्कृत का व्यवहार में उपयोग पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया । उन्होंने बताया कि संस्कृत पढ़ना और सीखना बहुत सरल है। उन्होंने श्लोक और गीतों का वाचन किया ।
कार्यक्रम कार्यक्रम के संयोजक विभागाध्यक्ष प्रो जनेंद्र कुमार दीवान ने बताया कि संस्कृत भाषा कोई आम भाषा नहीं है अपितु यह आत्मा की भाषा है सहजता की भाषा है सरलता की भाषा है संस्कृत में ही संस्कृति निहित है। इस अवसर पर बीए के विद्यार्थियों में संध्या, पूर्णिमा, अजय लक्ष्मी, पूर्णिमा, भूमिका, ने संस्कृत में सुंदर श्लोको का वाचन किया तथा खिलूदास ,सत्या जोशी ,सतीश चंद्राकर आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण शिविर में बहुत से शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की ,जिसमें श्रीमती ईश्वरी देवांगन, खिलेंद्र साहू एवं श्रीमती नीलम देवांगन प्रमुख थे।
उन्होंने महाविद्यालय प्राचार्य एवं संस्कृत विभाग का धन्यवाद तथा आभार प्रकट करते हुए अपने उद्गार व्यक्त किया। संस्कृत संभाषण शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के बहुत से प्राध्यापक उपस्थित थे जिसमें भूगर्भ शास्त्र विभाग से डॉ.एस. डी देशमुख,भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार मिश्र ,अर्थशास्त्र विभाग से डॉ. के पद्मावती , वनस्पति शास्त्र विभाग से डॉ. मोतीराम साहू सहित बहुत से प्राध्यापक तथा कला, विज्ञान एवं कामर्स के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत में विभागाध्यक्ष प्रो. जनेंद्र कुमार दीवान के द्वारा किया गया। इस तरह शांति पाठ पूर्वक कार्यक्रम का समापन किया गया।


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