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- दुर्ग : ख्यातिलब्ध वरिष्ठ साहित्यकार व कवि प्रदीप वर्मा का 79वां जन्मोउत्सव ‘ वीणापाणि साहित्य समिति ‘ द्वारा मानसभवन दुर्ग में मनाया गया : दुर्ग – भिलाई की अनेक साहित्यिक समितियों द्वारा प्रदीप वर्मा को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया और अनेक लेखक, कवि, गणमान्य नागरिकों द्वारा उनके शतायु होने की कामना की गई…
दुर्ग : ख्यातिलब्ध वरिष्ठ साहित्यकार व कवि प्रदीप वर्मा का 79वां जन्मोउत्सव ‘ वीणापाणि साहित्य समिति ‘ द्वारा मानसभवन दुर्ग में मनाया गया : दुर्ग – भिलाई की अनेक साहित्यिक समितियों द्वारा प्रदीप वर्मा को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया और अनेक लेखक, कवि, गणमान्य नागरिकों द्वारा उनके शतायु होने की कामना की गई…

दुर्ग [मानसभवन से छत्तीसगढ़ आसपास के लिए डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘ ] :

वीणापाणि साहित्य समिति दुर्ग के तत्वाधान में समिति के अध्यक्ष प्रदीप वर्मा जी का 79वां जन्मोउत्सव ‘ मानसभवन दुर्ग ‘ में भिलाई – दुर्ग के आत्मीयजनों के साथ आत्मीय रूप से मनाया गया.
मंचासीन थे –
•दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कथाकार गुलबीर सिंग भाटिया
•हिंदी साहित्य भारती छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं बाल कवि बलदाऊ राम साहू
•वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नलिनी श्रीवास्तव
•रौनक जमाल
•प्रकाश भारतीय
•छंद के संस्थापक अरुण निगम
•छत्तीसगढ़ साहित्य समिति जिला दुर्ग के अध्यक्ष बलराम चंद्राकर

•सम्मानित करते हुए डॉ. नलिनी श्रीवास्तव

•सम्मानित करते हुए शुचि ‘ भवि ‘

•सम्मानित करते हुए – प्रकाश चंद्र मण्डल, प्रदीप भट्टाचार्य और पुनीत कुमार गुप्ता
कार्यक्रम की शुरुवात माँ सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ हुई. माँ सरस्वती वंदना समिति के उपाध्यक्ष सेवाराम पाण्डेय ने सस्वर वंदना पाठ किया.
प्रदीप वर्मा के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं साहित्यिक यात्रा को रेखांकित करते हुए अतिथियों ने कहा –
प्रदीप वर्मा द्वारा गठित सांस्कृतिक मंच ‘ दौनापान ‘ में 50 से अधिक कलाकारों को जोड़ते हुए उन्होंने जन चेतना के लिए काम किया. साहित्यकारों का सम्मान उनकी ही बिरादरी के बीच होना सच्ची सम्मान है. वर्मा जी ने 1966 में ‘ छत्तीसगढ़ उत्कर्ष समिति ‘ का भी गठन किया था, इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़यों को जागृत करना था. सहज, सरल, विनोदप्रिय और हंसमुख व्यक्तित्व का नाम है प्रदीप वर्मा.
इस अवसर पर विभिन्न संगठनों और लेखकों ने सम्मानित किया –
•वीणापाणि साहित्य समिति, दुर्ग से – महासचिव नरेंद्र देवांगन, उपाध्यक्ष सेवाराम पाण्डेय, शारदा प्रसाद, घनश्याम सोनी, राजनारायण श्रीवास्तव और विजय गुप्ता.
•छत्तीसगढ़ आसपास [प्रिंट मासिक पत्रिका एवं वेब पोर्टल] से – संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, संपादकीय समूह के सदस्य प्रकाश चंद्र मण्डल और पुनीत कुमार गुप्ता.
•हिंदी साहित्य भारती छत्तीसगढ़ से – अध्यक्ष बलदाऊराम साहू और चंद्रकांत साहू.
•राष्ट्रीय कवि संगम जिला दुर्ग से – अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन और चंद्रकांत साहू.
•मुक्तकंठ साहित्य समिति भिलाई से – उपाध्यक्ष डॉ. बीना सिंह ‘ रागी ‘ और कोषाध्यक्ष प्रकाश चंद्र मण्डल.
•सृजन साहित्य समिति भिलाई से – अध्यक्ष एल एन मौर्य ‘ प्रीतम ‘.
•आइना – ए – अदब भिलाई से – अध्यक्ष हाजी रियाज खान गौहर.

इन्होंने भी सम्मानित किया –
सर्वश्री गुलबीर सिंग भाटिया, रौनक जमाल, डॉ. नलिनी श्रीवास्तव, अरुण कुमार निगम, बलराम चंद्राकर, आलोक नारंग, हाजी इस्माइल शाद बिलासपुरी, विजय गुप्ता, ओमप्रकाश जायसवाल, प्रशांत कानस्कर, शुचि ‘ भवि ‘, नावेद राजा, अरुण कसार, त्रयम्बक राव साटकर, ओमवीर करण, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘, सीमा साहू, गजेंद्र द्विवेदी, रुपा साहू, सोनिया सोनी, अनुराधा बक्शी, डॉ. ए. के. सिंग, ईस्माइल आज़ाद, टी. एन. कुशवाहा, सुनील यादव, माला सिंग और टी आर कोसारिया.

दूसरे सत्र में प्रदीप वर्मा के जन्मदिन पर अनेक रचनाकारों ने अपनी – अपनी प्रतिनिधि कविताओं का पाठ किया.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र देवांगन और आभार व्यक्त घनश्याम सोनी ने किया.

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