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भिलाई : आत्मीय भेंट मुलाकात : साहित्यिक विचार – विमर्श : मौका था सतना मध्यप्रदेश से भिलाई आये, ओज के राष्ट्रीय मंचीय कवि आजाद वतन वर्मा का…

भिलाई [इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास में 31 जुलाई ] : आकाशवाणी, दुरदर्शन एवं राष्ट्रीय मंच में ख्यातिलब्ध ओज के कवि आजाद वतन वर्मा विगत दिनों मंच के चर्चित हास्य कवि गजराज दास महंत के निवास पर सौजन्य मुलाकात के लिए आये हुए थे. मुलाकात को आत्मीय बैठक करने के लिए गजराज दास महंत ने अपने कुछ साहित्यिक मित्रों को ‘ इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास ‘ में सादर आमंत्रित किया.

[ बाएँ से : प्रदीप भट्टाचार्य, आजाद वतन वर्मा, गोविंद पाल, गजराज दास महंत, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल और हेमंत जगम ]
•मौके पर उपस्थित हुए –
आजाद वतन वर्मा के साथ हास्य के लोकप्रिय कवि गजराज दास महंत, ‘ मुक्तकंठ साहित्य समिति ‘ के अध्यक्ष व बाल कवि गोविंद पाल, बांग्ला की साहित्यिक पत्रिका ‘ मध्यबलय ‘ के संपादक दुलाल समाद्दार, बांग्ला व हिंदी के कवि एवं नाट्यकार प्रकाश चंद्र मण्डल, कवि हेमंत जगम और ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य.
प्रारंभ में आजाद वतन वर्मा का आत्मीयता के स्वागत किया गया. प्रदीप भट्टाचार्य ने पुष्पगुच्छ, दुलाल समाद्दार श्रीफल और गोविंद पाल अंगवस्त्र देकर सम्मानित किए. गजराज दास महंत ने आजाद वतन वर्मा के साहित्यिक योगदान को रेखांकित करते हुए उनका परिचय देते हुए कहा – कवि आजाद ने देश के कई प्रांतों में राष्ट्रीय कवियों के साथ मंच साझा किया है. छत्तीसगढ़ से उनका विशेष लगाव है, क्योंकि कवि आजाद जी की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ में ही रची – बसी है. इनके परिवार के अधिकतर लोग छत्तीसगढ़ में ही रहते हैं और भाई बहन बहनोई डाक्टर हैं. कवि आजाद जी ही प्रोफेसर लाइन को चुना. बहुत ही सरल एवं मिलनसार व्यक्ति के धनी हैं आजाद वतन वर्मा.

•आजाद वतन वर्मा
आजाद वतन वर्मा ने कहा –
भिलाई मेरा घर है. छत्तीसगढ़ जब भी आना होता है, मैं गजराज जी से मिलने जरूर आ जाता हूँ. आज आप लोगों से मिलकर जो स्नेह मिला, यह मेरे लिए सबसे बड़ी धरोहर है. कवि आजाद ने अपनी कई रचनाओं का पाठ किया. अवधी व बृजभाषा में उनकी रचनाओं ने मंत्रमुग्ध कर दिया.

उनके आग्रह पर गजराज दास महंत, गोविंद पाल, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल, हेमंत जगम और प्रदीप भट्टाचार्य ने भी एक – दो कविताओं का पाठ किया.



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