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डॉ. परदेशीराम वर्मा लिखित शोधपरक ग्रंथ : छत्तीसगढ़ की महान विभूतियां

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़] : हिन्दी कथाक्षेत्र का बहुचर्चित नाम है डॉ. परदेशीराम वर्मा । छत्तीसगढ़ी जीवन, संस्कृति, लोकमंच, इतिहास के गहन जानकार परदेशीराम वर्मा को छत्तीसगढ़ शासन, मध्यप्रदेश शासन के प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं । उनकी कहानियाँ तथा उपन्यास ‘आवा’ पाठ्यक्रमों में सम्मिलित हैं ।
छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक सक्रिय और प्रभाव वाले लेखक डॉ. परदेशीराम वर्मा सभी विधाओं में लिखते हैं । इन दिन उनकी नई किताब छत्तीसगढ़ की महान विभूतियाँ चर्चा में है । उनके द्वारा लिखित दो सीरियल रायपुर दूरदर्शन से प्रसारित हुए ।

•डॉ.परदेशीराम वर्मा
छत्तीसगढ़ की महान विभूतियाँ इस पुस्तक में 27 महान् व्यक्तित्वों पर शोधपरक आलेख हैं । माता कौशल्या, वल्लभाचार्य हीरालाल काव्योपाध्याय, गुरू बाबा घासीदास, मिनीमाता, स्वामी आत्मानंद, संत पवन दीवान, राजमोहिनी देवी, पंड़ित रविशंकर शुक्ल, इन्दरू केंवट, डॉ. खूबचंद बघेल, हबीब तनवीर, पदुमलाल पुन्नालाल बख्सी, दाऊ रामचंद्र देशमुख, दुलारसिंह, मंदराजी डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा, लाला जगदलपुरी, गहिरागुरू कंगलामांझी, बिसाहूदास महंत, खुमान साव, पद्मविभूषण तीजन बाई, देवदास बंजारे पर पद्मश्री पूनाराम निषाद, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आलेख है ।
यह संग्रहणीय दस्तावेज हैं । छत्तीसगढ़ के व्यक्तिवों को जानने की जिज्ञाशा जिन्हें है उनके लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी है । विद्यार्थियों, शोध छात्रों के लिए मार्गदर्शक किताब है । यह पुस्तक दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ प्रकाशन से बहुत सज-धज के साथ प्रकाशित है । इसी प्रकाशन के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर पुस्तक लेखन का अनुबंध मिला है । सितबंर में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी दिवस 14 सितम्बर को डॉ. परदेशीराम वर्मा दुबई में प्रेमचंद अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान 23 प्राप्त करेंगे।
डॉ. परदेशीराम वर्मा के संपादन में ‘ अगासदिया ‘ त्रिमासिक वैचारिक पत्रिका का प्रकाशन भी निरंतर हो रहा है.
[ प्रस्तुति, नारायण चंद्राकर ]
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