- Home
- Chhattisgarh
- विशेष कविता : चंद्रमा पर भारत -नरेंद्र कुमार सिक्केवाल [ एसपी.सीआईडी, रायपुर छत्तीसगढ़ ]
विशेष कविता : चंद्रमा पर भारत -नरेंद्र कुमार सिक्केवाल [ एसपी.सीआईडी, रायपुर छत्तीसगढ़ ]
छत्तीसगढ़ – तू कोयले का ही नहीं
हीरो का भी गढ़ है
क्योंकि हीरे के होने में ही
कोयले का होना है
कोयला देता है शक्ति, ऊर्जा
खुद को जलाकर
अपना होना
सार्थक करता है.
लोहे को गलाकर
यही लोहा लगता है
चंद्र मिशन में
धरती पर बैठ
चंद्रमा की घुअन में
छत्तीसगढ़ के लोहे ने,
सदा इतिहास गढ़ा है
चंद्रयान – 3
एक कदम और आगे बढ़ा है.
चरोदा –
छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले का हिस्सा है
यहाँ का मार्शलीन यार्ड,
अपने आप में एक किस्सा है
यहाँ एक केंद्रीय विद्यालय भी होता है
जिसमें ‘ भरत ‘ नाम का,
गरीब लड़का पढ़ाई करता है.
छोटी सी झोपड़ी में,
पूरा परिवार सोता है.
सुबह उठकर ‘ भरत ‘
सभी झूठे बर्तन धोता है.
पिता चौकीदार है –
पूरे परिवार का
उस पर ही दारोमदार है.
उसकी माँ भी सहयोग करती है.
कामगारों को ‘ इडली ‘ खिला,
उनका पेट भरती है.
और हर बार ऐसा कर
उसकी आँखों में चमक आ गई होगी.
जब दुनिया चंद्रयान को
चंद्रमा के कक्ष में देखेगी
तब ‘ भरत ‘ की नजर
कभी टूटी झोपड़ी,
तो कभी ‘ इडली ‘ को देखती हुई
चंद्रयान की आँख में आँख डाले
‘ चरोदा ‘ केंद्रीय विद्यालय से होकर
अपने चाँद तक पहुँच जायेगी
और
वहाँ अपने रामदास जोगलेकर को
खड़ा पायेगी.
ऐसा प्रयास हर किसी को करना होगा
कोयले में दबे हीरे को तराशना होगा
हर ‘ भरत ‘ ‘ भारत ‘ के लिए
बूस्टर रॉकेट का काम कर सकता है
फिर दस, पंद्रह, बीस वर्षों को तो छोड़ो
भारत हर वर्ष नये ग्रह पर उतर सकता है.
▪️▪️▪️▪️▪️
•विशेष –
श्री एन रघुरामन मैनेजमेंट गुरु द्वारा मैनेजमेंट फंडा के अंतर्गत लिखित दिनाँक 20 अगस्त 2023 को ‘ दैनिक भास्कर ‘ में प्रकाशित ‘ कोयले में तलाशने पर ही हीरा मिल सकता है ‘ इसे पढ़कर कवि हृदय पुलिस अधिकारी नरेंद्र कुमार सिक्केवाल ने अपने उद्गार को कुछ इस तरह लिखा है, पढ़ें. – संपादक
•संपर्क –
•70006 71071
🟪🟪🟪
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)