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- भिलाई : ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के तत्वावधान में ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – श्रीमती स्मृति दत्ता, पल्लव चटर्जी, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल, बिरेंद्र नाथ सरकार, रतन सरकार और प्रदीप भट्टाचार्य
भिलाई : ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के तत्वावधान में ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – श्रीमती स्मृति दत्ता, पल्लव चटर्जी, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल, बिरेंद्र नाथ सरकार, रतन सरकार और प्रदीप भट्टाचार्य

{ •बाएँ से : दुलाल समाद्दार, पल्लव चटर्जी, स्मृति दत्ता, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाश चंद्र मण्डल और रतन सरकार }
भिलाई [2 सितम्बर : इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास से रिपोर्ट प्रदीप भट्टाचार्य] :
बंगीय साहित्य संस्था के तत्वावधान में प्रतिसप्ताह शनिवार को कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा का आयोजन किया जाता है. आज के आड्डा में बांग्ला और हिंदी के रचनाकारों ने शिरकत की. ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की उप सभापति व बांग्ला की सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती स्मृति दत्ता, ‘ मध्यबलय ‘ बांग्ला लिटिल पत्रिका के संपादक दुलाल समाद्दार, बांग्ला और हिंदी के कवि व नाट्यकार प्रकाश चंद्र मण्डल, कवि पल्लव चटर्जी, कवि बिरेंद्र नाथ सरकार, समाजसेवी रतन सरकार और ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य.

{ •रत्नदीपा मजूमदार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सदस्यगण }
विचार – विमर्श के प्रारंभ में स्मृति दत्ता की छोटी बहन रत्नदीपा {श्यामली} मजूमदार को 2 मिनट की मौन विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई. 76 वर्षीय रत्नदीपा कोलकाता के लेकटाउन में रहती थी, जिनका परलोकगमन विगत दिनों कोलकाता में हुआ. स्मृति दत्ता ने अपनी बहन को याद करते हुए, उनकी बातों को साझा की और उन्हें एक कविता के माध्यम से ‘ अरे वो श्यामली… विनम्र श्रद्धांजलि दी.
आज के विचार – विमर्श की अध्यक्षता दुलाल समाद्दार ने किया. सदस्यों ने कहा – बांग्ला भाषा को हमें प्रचार – प्रसार करने की आवश्यकता है, कारण आज नई पीढ़ी के युवा बांग्ला संस्कृति को भूलते जा रहे हैं. साहित्य के पहले, भाषा के प्रति जागरूकता जरूरी है.
•अंतिम सत्र काव्यपाठ रहा. संचालन पल्लव चटर्जी ने किया –

{ •कविता पाठ करते हुए बिरेंद्र नाथ सरकार }
बिरेंद्र नाथ सरकार ने ‘ चाँद रे हाँसी…. / ‘ सत्य – असत्य/ माँ को समर्पित कविता ‘ गुण रे र सागर… को पढ़कर सुनाया.

{ •श्रीमती स्मृति दत्ता }
स्मृति दत्ता ने ‘ सूरजयान L-1 ओ रे भारत पाकिस्तान साक्षात… पर उत्कृष्ट रचना का पाठ किया.

{ •पल्लव चटर्जी }
पल्लव चटर्जी ने छोटी – छोटी भावपूर्ण कविता का पाठ किया. ‘ नवसृजन शब्द…’/ पथ/उपवास/स्वप्न/शीर्षक से कविता थी.

{ •दुलाल समाद्दार }
दुलाल समाद्दार ने गंभीर व सारगर्भित रचना का पाठ किया. शीर्षक था – मैं जो रतन को जानता हूँ/आँसू मौन शब्दावली/सहज योग/

{ •प्रकाश चंद्र मण्डल कविता पाठ करते हुए… }
प्रकाश चंद्र मण्डल ने माँ को समर्पित ‘ सर्वप्रिय माँ ‘ कविता का पाठ किया. दो और कविता ‘ प्राण भोरे हाँसो… /पराधीन शीर्षक से उत्कृष्ट रचना का पाठ किया.

आज के कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा का आभार व्यक्त प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया.
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