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- भिलाई : ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के तत्वावधान में ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – श्रीमती स्मृति दत्ता, डॉ. बीना सिंह ‘ रागी, डॉ. एके सिंह, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल, वीरेंद्र नाथ सरकार, रविंद्रनाथ देबनाथ और प्रदीप भट्टाचार्य
भिलाई : ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के तत्वावधान में ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – श्रीमती स्मृति दत्ता, डॉ. बीना सिंह ‘ रागी, डॉ. एके सिंह, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल, वीरेंद्र नाथ सरकार, रविंद्रनाथ देबनाथ और प्रदीप भट्टाचार्य

{ बाएँ से – प्रदीप भट्टाचार्य, डॉ. बीना सिंह ‘ रागी ‘, वीरेंद्रनाथ सरकार, प्रकाश चंद्र मण्डल, स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार और रवींद्रनाथ देबनाथ }
भिलाई [इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास से प्रदीप भट्टाचार्य] :
आज ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के तत्वावधान प्रति शनिवार को आयोजित ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज जिन्होंने शिरकत की, वे हैं – ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की उप सभापति व बांग्ला की सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती स्मृति दत्ता, ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका के संपादक व बांग्ला हिंदी के लेखक कवि दुलाल समाद्दार, संस्था के सह सचिव एवं बांग्ला हिंदी के कवि नाट्यकार प्रकाश चंद्र मण्डल, बांग्ला के कवि बिरेंद्रनाथ सरकार, संस्था के सक्रिय सदस्य व चिंतक रविंद्रनाथ देबनाथ, हिंदी की चिरपरिचित कवयित्री डॉ. बीना सिंह ‘ रागी ‘, डॉ. बीना के पति डॉ. एके सिंह और ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक व प्रगतिशील कवि प्रदीप भट्टाचार्य उपस्थित हुए.
आज के ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ की अध्यक्षता श्रीमती स्मृति दत्ता ने और संचालन प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया.

[ •डॉ.बीना सिंह ‘ रागी ‘ ]
डॉ.बीना सिंह ‘ रागी ‘ ने हिंदी में तीन कविता का पाठ किया. शीर्षक था – कैनवास/ग़ज़ल : रंजोगम में भी मैं मुस्कुराती रही…/चंदामामा

[ •वीरेंद्रनाथ सरकार ]
बीरेंद्रनाथ सरकार ने बांग्ला में ‘ आत्मावाणी ‘ शीर्षक की एक कविता और एक लघुकथा ‘ आलीमदन ‘ को पढ़ा.

[ •दुलाल समाद्दार ]
दुलाल समाद्दार ने बांग्ला में छोटी – छोटी गंभीर और उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया. शीर्षक था – प्रतीक्षा/दोल और खिड़की.

[ •स्मृति दत्ता ]
स्मृति दत्ता ने ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ से प्रकाशित लिटिल मेंगजिन ‘ मध्यबलय ‘ को लेकर अपनी बात कही. लिटिल मेंगजिन को निकालने में संपादक की व्यथा को अपनी रचना के माध्यम से चित्रण किया. और एक बांग्ला कविता ‘ आमार माँ याने मेरी माँ ‘ शीर्षक से कविता का पाठ किया.

[ •प्रकाश चंद्र मण्डल ]
प्रकाश चंद्र मण्डल ने बांग्ला और हिंदी में एक – एक कविता का पाठ किया. हो सकता है एक दिन…/के दायी याने कौन उत्तरदायी.

[ •रविंद्रनाथ देबनाथ वैचारिक चिंतन को साझा करते हुए ]

[ •प्रदीप भट्टाचार्य ]
प्रदीप भट्टाचार्य ने हमेशा की तरह चार – चार लाइन की छोटी – छोटी गंभीर रचना को पढ़ा.
अंत में संस्था के सह सचिव प्रकाश चंद्र मण्डल ने सदस्यों को जानकारी देते हुए कहा –
आगामी शनिवार 16 सितम्बर को संस्था के सक्रिय सदस्य प्रदीप भट्टाचार्य का जन्मदिवस मनाया जाएगा. प्रदीप भट्टाचार्य का जन्मउत्सव 27 सितम्बर को है, किंतु वे 20 सितम्बर को पंजाब बठिंडा जा रहे हैं, अपनी बेटी के घर. सदस्यों से आग्रह है कि 16 सितम्बर को ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में जरूर आएं.
आभार व्यक्त डॉ. बीना सिंह ‘ रागी ‘ ने किया.
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