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- ‘बंगीय साहित्य संस्था ‘ द्वारा आयोजित प्रति शनिवार को ‘ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, रवींद्र नाथ देबनाथ, आलोक कुमार चंदा और प्रदीप भट्टाचार्य
‘बंगीय साहित्य संस्था ‘ द्वारा आयोजित प्रति शनिवार को ‘ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ में आज शामिल हुए – स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, रवींद्र नाथ देबनाथ, आलोक कुमार चंदा और प्रदीप भट्टाचार्य

[ बाएँ से – आलोक कुमार चंदा, स्मृति दत्ता, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाश चंद्र मण्डल, दुलाल समाद्दार, रविंद्रनाथ देबनाथ और पल्लव चटर्जी ]
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आज आड्डा में विशेष-
•पल्लव चटर्जी का जन्मोउत्सव
•’मध्यबलय ‘ पत्रिका को मिले पुरुस्कार पर चर्चा
•काव्यपाठ
•आगामी आयोजन पर चर्चा


भिलाई [इंडियन कॉफी हाउस भिलाई निवास से बैठक की रपट आलोक कुमार चंदा] :
बांग्ला साहित्य और संस्कृति के लिए गठित 60 वर्ष पुरानी संस्था ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ प्रति शनिवार को ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ का आयोजन निरंतर करते आ रही है. दीपावली और लोकतंत्र का पर्व ‘ छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव ‘ के बाद आज की बैठक में उपस्थित हुए – संस्था की उप सभापति व बांग्ला की लेखिका श्रीमती स्मृति दत्ता, ‘ मध्यबलय ‘ बांग्ला लिटिल पत्रिका के संपादक एवं बांग्ला – हिंदी के देश के चर्चित कवि दुलाल समाद्दार, संस्था के उपसचिव एवं बांग्ला – हिंदी के कवि व नाट्यकार प्रकाश चंद्र मण्डल,बांग्ला के कवि
पल्लव चटर्जी, चिंतक रविंद्रनाथ देबनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार चंदा और ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य.


🎂 जन्मदिन
आज ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ एवं बैठक के सक्रिय सदस्य पल्लव चटर्जी का जन्मदिन मनाया गया. उपस्थित सभी सदस्यों ने उनके दीर्घायु होने की कामना की.


[ मध्यबलय पत्रिका का सम्मान, सम्मान प्राप्त किया दुलाल समाद्दार ]

▪️ मध्यबलय को सम्मान और पुरस्कार
‘बंगीय साहित्य संस्था ‘ की बांग्ला साहित्यिक मुखपत्र पत्रिका ‘ मध्य बलय ‘ को 2023 में कोलकाता के विभिन्न साहित्य संस्थाओं ने सम्मानित किया गया. ‘मध्य बलय ‘के संपादक दुलाल समाद्दार हैं.
दुलाल समाद्दार ने बताया कि
हॉल ही में ‘ मुरशिदाबाद ‘ में ‘ बासभूमि ‘ बांग्ला लिटिल पत्रिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका को श्रेष्ठ लिटिल मेग्ज़िन से सम्मानि किया गया. सम्मान को प्राप्त करने दुलाल समाद्दार के साथ पल्लव चटर्जी भी थे. इस पत्रिका के संपादक अरुप चंद हैं.
2023 में ही दुर्गापुर में ‘ शिल्प साहित्य संस्था ‘ द्वारा ‘ मध्यबलय ‘ को सम्मानित किया जा चुका है. इस पत्रिका के संपादक राजीव घाटी हैं. दुलाल समाद्दार ने बताया कि आगामी 3 दिसम्बर को ‘ दूरेर खेया ‘ लिटिल पत्रिका के सौजन्य से भी ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका को सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है. यह आयोजन कोलकाता के ‘ कन्ननगर ‘ में होगा. आयोजन के प्रमुख और संपादक बापी चक्रवर्ती हैं.

[ काव्यपाठ ]
▪️ काव्यपाठ
स्मृति दत्ता ने आमादेर दुलाल समाद्दार/जन्मोदिन पल्लव चटर्जी.. पर बांग्ला कविता
आलोक कुमार चंदा ने प्रकाशचंद्र मण्डल की कृति ‘ आमाके उन्मुक्त करो ‘ में प्रकाशित बांग्ला कविता ‘ इस घर से उस घर’ और ‘ मध्यबलय ‘ अंक – 56 में प्रकाशित पत्रिका से तापस चट्टोराज की कविता ‘ मन ‘ पढ़कर सुनाया.
पल्लव चटर्जी ने बांग्ला में ‘ आईना देखकर खुद को रोज मिला लेता हूँ… ‘
रविंद्रनाथ देबनाथ ने प्रकाश चंद्र मण्डल की लिखी कविता ‘ जीवन में दोस्त की आवश्यकता…’ को पढ़कर सुनाया.
दुलाल समाद्दार ने विगत दिनों कोलकाता में सम्मानित हुए कार्य क्रम और यात्रा के बारे में बताया.
प्रकाशचंद्र मण्डल ने बांग्ला में अपनी कविता ‘ शेषजात्रा [अंतिम यात्रा] ‘ और
अंत में प्रदीप भट्टाचार्य की हिंदी कविता ‘ दंभ ‘ का पाठ दुलाल समाद्दार ने किया. ‘ दंभ ‘ हिंदी कविता का बांग्ला में अनुवाद बांग्ला कवि गोविंद पाल ने किया. मूल कवि प्रदीप भट्टाचार्य लिखित कविता ‘ दंभ ‘, बांग्ला की पत्रिका ‘ मध्यबलय ‘ के नवीनतम अंक – 56 में प्रकाशित हुई है.

আজকের আডডায় আমরা সবাই

▪️ पुस्तक
बांग्ला कविता संग्रह ‘ आमाके उन्मुक्त करो ‘ कवि प्रकाश चंद्र
मण्डल और ‘ मध्यबलय ‘ बांग्ला पत्रिका अंक – 56, संपादक दुलाल समाद्दार ने सदस्यों को पत्रिका/संग्रह की एक – एक प्रति भेंट की.
आज के ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार – विमर्श आड्डा ‘ की अध्यक्षता श्रीमती स्मृति दत्ता, संचालन प्रकाश चंद्र मण्डल और आभार व्यक्त पल्लव चटर्जी ने किया.
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