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श्रद्धांजलि : जनसंस्कृति मंच दुर्ग – भिलाई द्वारा कामरेड मीना राय को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़] : ‘ समकालीन जनमत ‘ की प्रबंध संपादक का. मीना राय की स्मृति में कल्याण महाविद्यालय के हिंदी डिजिटल कक्ष में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जनसंस्कृति मंच के पदाधिकारियों ,सदस्यों व साहित्यकारों द्वारा मीना राय के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर प्रसिद्ध आलोचक प्रोफेसर सियाराम शर्मा ने कहा कि मीना राय नौकरी पेशे के साथ ही संगठन की फुलवक्ती कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहीं। वे संकट और परेशानी का सामना भी मुस्कुराकर करती थीं। वे हमेशा डिक्लास होकर रहतीं। उनका परिवार दो-चार व्यक्तियों तक सीमित न होकर एक व्यापक दायरे में फैला हुआ था। हमारे बीच उनकी उपस्थिति मैक्सिम गोर्की की “मां” के रूप में थी।
कथाकार कैलाश बनवासी ने मीना राय के सानिध्य में बीते पलों का स्मरण करते हुए कहा कि वे स्कूटी से सुबह कोहरे के बीच हमारे लिए नाश्ता ले आया करती थीं। उन्होंने संगठन की सेवा कर्मठता और ईमानदारी से की। कई लोग अपने लेखन से ख्याति प्राप्त करते हैं पर वे उन लोगों में से थीं, जिन्होंने अपने कार्यों से ख्याति पाई। उनके इस तरह अचानक चले जाने से मैं अवाक हूंँ।
वासुकि प्रसाद ‘उनमत्त’ ने अपनी कविता के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मीता दास ने जनमत पत्रिका के कुशल प्रबंधन के लिए मीना राय के योगदान को सराहा और पाठकों से सहज संवाद कायम करने की कला को याद किया।
जसम दुर्ग-भिलाई के सचिव सुरेश वाहने ने उनके जीवन संघर्ष को प्रेरक बताया।
पापराव ने कहा कि उनका इस तरह जाना हम सभी को हतप्रभ कर गया, उनके कार्य-व्यवहार से हम कुछ सीख और दे सकें यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंजन कुमार ने मीना राय की वैचारिक प्रतिबद्धता और व्यवहार कुशलता को रेखांकित किया।
एक्टू छत्तीसगढ़ के महासचिव बृजेन्द्र तिवारी ने कहा कि उनका असमय जाना जसम और समकालीन जनमत के लिए अपूरणीय क्षति है।
घनश्याम त्रिपाठी ने अपने संचालन के दौरान मीना राय जी के मातृत्व-भाव की सतत चर्चा की। वे एक आदर्श कामरेड थीं। हर साहित्यिक व सांगठनिक कार्यक्रम में पुस्तक केन्द्र के साथ उनकी उपस्थिति अनिवार्य रूप से होती थी।
इस सभा में विशेष रूप से मनोरंजन दास, अशोक तिवारी, शिव कुमार प्रसाद, बी.एम. सिंग, देवानंद चौहान आदि ने अपने वक्तव्यों से मीना राय को याद कर श्रद्धांजलि दी।
ये जानकारी जनसंस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई के सचिव सुरेश वाहने ने दी.
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