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‘ आईना-ए-अदब’ ऊर्दू-हिंदी साहित्यिक संस्था सम्मान समारोह : नशिस्त काव्य गोष्ठी : हज़लकार रामबरन कोरी ‘ कशिश ‘ और कवि आलोक नारंग का हुआ सम्मान

भिलाई [रपट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘] :
आईना-ए-अदब भिलाई ने एक बेहतरीन अजीमों शान प्रोग्राम बा-तारीख 9-12-2023 शनिवार को दोपहर 2,00 बजे एक सम्मान समारोह एवम् नशिस्त व काव्य ग्रोष्टी के आयोजनकर्ता शायर अबूतारिक साहब जी के निवास कोहका मे रखा गया।इसमें पहले अतिथियों का पुष्प गुच्छ माला से स्वागत किया गया, फिर हम्द शरीफ शायर नवेद रज़ा दुर्गवी और राम बरन कोरी कशिश ने पढ़ा। इससे बज़्म में रौनक छा गई।

▪️ सम्मानित हुए रचनाकार रामबरन कोरी ‘ कशिश ‘ और आलोक नारंग
इसके बाद सम्मान की कड़ी में हज़ल कार भिलाई के शायर जनाब रामबरन कोरी”कशिश”जी और गज़ल के शायर जनाब आलोक नारंग जी दोनों सुखनवरो के जीवनी सफर पर रौशनी दालकर, इनका सम्मान सिफात नामा रौनक जमाल ने पढ़कर, शाल श्रीफल मेमोन्टो फूल माला पहनाकर, प्रोग्राम के सदारत कर रहे, अध्यक्ष, विषेश अतिथि,संस्था के सदर, कुछ विषेश मेहमानों, आयोजन कर्ता मो,अबुतारिक जी और श्रीमती फिरोजा जी और तमाम उपस्थित शायर कवियों के हाथो सम्मानित किया गया। सभी के द्वारा तालियों से मुबारकबाद बधाई से गुंजायमान हो गया। इस सम्मान पर।
इस प्रोग्राम में सदारत ऊर्दू व हिन्दी अदब केअफसाना निगार, कहानिकार साहित्यकार मोहतरम रौनक जमाल थे, मुख्यअतिथि कला परम्परा के अध्यक्ष श्री डा,डी.पी.देशमुख जी थे, विशिष्ट अतिथि एन. एल मौर्य, आशा झा, संध्या जैन, मुमताज, हाजी हाजी डा,इजराइल शाद बिलासपुरी आईना ए अदब के अध्यक्ष जनाब हाजी रियाज खान गौहर थे, संचालन शायर नवेद रज़ा ने किया। अंन्तिम तक बाखुबी मंच पर बैठे अतिथियों ने अपने अपने उद्बोधनों से साहित्यिक रूप दिया, और विषेश तौर पर रौनक जमाल साहब को 12 दिसंबर 2023 को इंटर नेशनल ओपन युनिवर्सिटी अमेरिका द्वारा डॉक्ट्रेक्ट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। ये सुनकर सभी ने उनको मुबारकबाद दी।सभी अतिथियों ने आईना-ए-अदब की संस्था इस सम्मान काव्य गोष्ठी की सराहना की, इस नशिस्त की काफी तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से नये कलम कार युवा पीढ़ी के कवियों और साहित्यकारो को बल मिलेगा व साहित्य और आगे बढ़ेगा। इस आयोजन के सयोजक डाँ.नौशाद सिद्दीकी, का बहुत अच्छा सराहनी कदम है। इसमें विषेश मीडिया चैनल के आदारणीय जितेंद्र कुमार निर्मल कर जी का भी सहयोग रहा प्रोग्राम में सभी के उद्बोधन कवियों के काव्य पाठ करते हुए कवरेज किए।
इस महफिल में काफी दूर दूर से शायर कवि कवियत्री साहित्यकार आये हुए थे। झारखंड, नादगांव, रायपुर, टेड़सरा, दुर्ग-भिलाई के अनेक कलमकारो की उपस्थिति दर्ज रही। इनके द्वारा हम्द, नाअत, ग़ज़ल, गीत, मुक्तक, नज़्म कविताओं का अपने अपने अंदाज ए हुनर के हिसाब से पढ़े। कविता पाठ करने वाले खास शायर/कवियों में जनाब हाजी रियाज खान, मुमताज, मो, अबूतारिक, डा,नौशाद सिद्विकी, सुल्तान आलम, अजहर अली, सोनिया सोनी, आशा झा, डा, बिना सिंह, संध्या जैन, हाजी ताहिर निजाम, मो.हुसैन मज़ाहिर, एन.एल. मौर्य, शुचिः भवि, नीलम जायसवाल, इस्माईल आजाद, चन्द्र कुमार बर्मन, जितेंद्र कुमार वर्मा, निर्मलकर जी, डा,यशवंत सूर्यवंशी, एजाज़ बशर, हाजी मिर्जा डा,इजराइल शाद बिलासपुरी, टी.एन. कुशवहा अंजन, राजकुमार चौधरी, अलोक नारंग, अत्यधिक सुखनवरो की उपस्थिति दर्ज रही।।अन्तिम मे सभी साहित्यकारो का अभार शुक्रिया अदा जनाब मो,अबूतारिक ने किया। और अंत में आईना ए अदब से जुड़े हुए जो शायर कवि गुजर गए हैं उन शायर कवियों को याद करते हुए उनको श्रद्धांजलि, खिराज ए अकीदत पेश किया गया.

▪️ सम्मान ग्रहण करते हुए रामबरन कोरी ‘ कशिश ‘

▪️ सम्मान ग्रहण करते हुए आलोक नारंग
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