- Home
- Chhattisgarh
- कविता आसपास : गीता जुंजानी
कविता आसपास : गीता जुंजानी
2 years ago
432
0
▪️
सांता क्लॉज़
– गीता जुंजानी
[ प्रधानाध्यापिका जुनियर विंग, दिल्ली पब्लिक स्कूल भिलाई, जिला- दुर्ग, छत्तीसगढ़ ]
आओ हम सांता क्लॉज बन जाएँ
रात के अँधेरे में
कुछ दुखियों के दुख दूर भगाएँ
कुछ खुशियों की चमक जगाएँ
आओ हम सब संता बन जाएँ
ख़ुद के सारे गम भुला दें
कुछ जो ज्यादा हो बाँट आ जाएँ
घर-घर जाकर उपहार दे जाएँ
आओ हम सब संता बन जाएँ
नहीं जरूरी लाल लिबास की
नहीं ज़रूरी सफ़ेद दाढ़ी की
बस करना है एक नेक कम
आओ हम सब संता बन जाएँ
बेसहारे का सहारा बन जाएँ
बीमारों का हाल जान लें
बुज़ुर्गो को हम गले लगा लें
आओ हम सब संता बन जाएँ
हर साल मम्मी पापा छुपकर
उपहार रख जाते हैं तकिए पर
इस साल हम उन्हें प्यार और सम्मान दें
उनकी कही बातें मान लें
आओ हम सब संता बन जाएंं.
🟥🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)