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अयोध्या में होने वाली श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले रायपुर के मठ-मंदिरों में तैयारियां, अखंड रामचरित मानस का पाठ होगा और लगाएंगे छप्पन लोग

अयोध्या में होने वाली श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। लोगों ने 22 जनवरी को महाउत्सव के रूप में मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के मठ-मंदिरों में भी साफ-सफाई, रंगरोगन का काम शुरू हो गया है। शहर के श्रीराम मंदिर और हनुमान मंदिरों में उत्सव को मनाने की विशेष तैयारी हो रही है।
14 जनवरी से स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करेगा। सनातन धर्म के प्रमुख, मंदिर के पुजारी, श्रद्धालुओं से शहर के सभी मंदिरों में स्वच्छता अभियान चलाने की अपील करना शुरू कर दिया है। शहर के प्रमुख मंदिरों में 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली गई।
मंदिर परिसर को सजाएंगे, भगवान का होगा महाभिषेक,
वीआइपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव को भव्य तरीके से मानने की योजना शुरू हो गई है। मंदिर के मुख्य पुजारी हनुमंत लाल बताते हैं कि पूरे मंदिर को गुब्बारा, फूलों से सजाया जाएगा। सुबह नौ बजे भगवान का महाभिषेक किया जाएगा। जैसे ही अयोध्या में भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा हो जाएगी, वैसे ही यहां पर महाआरती करेंगे। विजय कौशल महाराज का प्रवचन होगा। शाम को सुंदरकांड का पाठ और दीपक जलाए जाएंगे। श्रद्धालुओं से ज्यादा से ज्यादा दीपक अपने घरों से लाकर जलाने की अपील करेंगे।
अखंड रामचरित मानस का पाठ और लगाएंगे छप्पन भोग
गुढ़ियारी स्थित मच्छीतालाब हनुमान मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर परिसर की साफ-सफाई हो रही है। मंदिर के पुजारी दीनानाथ शर्मा बताते हैं कि बहुत बड़ा संयोग है कि हमारे मंदिर में भी रामजानकी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2006 को हुई थी। हर वर्ष हम मंदिर का वार्षिकोत्सव मनाते हैं।
इस बार अद्भुत संयोग जुड़ रहा है कि अयोध्या में भगवान रामलला का भव्य मंदिर बना है। उसमें वे विराजित हो रहे हैं। देशभर में खुशी का माहौल है। हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम आ रहे हैं। 21 जनवरी को अखंड रामचरित मानस का पाठ शुरू होगा। इसके बाद 22 जनवरी को भगवान का छप्पन भोग लगाया जाएगा। आरती और महाभंडारा होगा। शाम को दीपोत्सव मनाया जाएगा।
जैतूसाव मठ में जलाएंगे सवा लाख दीपक
पुरानी बस्ती स्थित जैतूसाव मठ में 22 जनवरी को यादगार बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूरे मंदिर परिसर में लाइटिंग कर दी गई है। मंदिर की साफ-सफाई भी शुरू है। मंदिर की सजावट की जा रही है। मंदिर के ट्रस्टी अजय तिवारी बताते हैं कि सदियों का इंतजार खत्म हो रहा है। इस पल को हर सनातनी अपने जीवन का सबसे अनमोल दिन मान रहा है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सभी बहुत उत्साहित हैं। 22 जनवरी को सुबह रामजानकी का अभिषेक, पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे मंदिर में महाआरती की जाएगी। शाम को मंदिर में सवा लाख दीपक जलाएं जाएंगे।
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