- Home
- Chhattisgarh
- कवि और कविता : शिवमंगल सिंह [भिलाई, जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़]
कवि और कविता : शिवमंगल सिंह [भिलाई, जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़]
▪️
बुरे समय की कविता
-एक
इस बुरे समय में
कविता लिखना
गहरी नींद में
भयावह स्वपन को देख कर
अचानक उठ जाना
शेष रात्रि में
आत्म संघर्ष करना होता है
सुबह की प्रतीक्षा में
व्यग्र हो जाना
हो सकता है
कवि के लिए।
– दो
इस बुरे समय में
कविता लिखना
नव सौन्दर्य शास्त्र का राग आलापना
नये – नये बिम्बो का प्रयोग कर
कविता को कलात्मक
उंचाई पर ले जाना
जम्हाई लेते हुए
कविता लिखना
हो सकता है
कवि के लिए।
– तीन
इस बुरे समय में
कविता लिखते समय
कल्पना के पंख लगा कर
उड़ जाने का
सवाल ही नहीं उठता
अपने समय के
भयावह यथार्थ से
पलायन कर लेना
घातक हो सकता है
कवि के लिए।
– चार
इस बुरे समय में
कविता लिखते समय
कबीर की तरह
भरे बाजार में खड़े होकर
सबको ललकारने होगें
खरी- खोटी सुनाने होगें
अभिव्यक्ति के खतरे उठाने होगें
यथार्थ को
जन -जन तक पहुँचाने होगें
इसी से बची रहेंगी
कविता और इसका प्रयोजन
जन मानस के बीच में।
•••••
• संपर्क-
• 87709 50984
▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)