• Chhattisgarh
  • होली विशेष : डॉ. नीलकंठ देवांगन

होली विशेष : डॉ. नीलकंठ देवांगन

2 years ago
322

🤣
जिनगी के हर रंग समाय हे होली तिहार म
– डॉ. नीलकंठ देवांगन
[ शिवधाम कोडिया, जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़ ]

रस रंग रास अउ उमंग के तिहार होली बसंत ऋतु मं मनाय जाने वाला देश के प्राचीन अउ महत्वपूर्ण तिहार हे | ये परब मं सबके मन मं उमंग खुशी उल्लास समाय रहिथे | फागुन महीना के पुन्नी मं मनाय जाथे | पारंपरिक रूप ले येहा दू दिन मनाय जाथे | पहिली दिन होलिका दहन होथे अउ दूसर दिन रंग खेले जाथे | बसंत ऋतु मं मनाय के कारन येला बसंतोत्सव भी किथें | फाग गीत बसंत पंचमी ले निनादित होथे, फागुन पुन्नी मं जवान होथे और रंग पंचमी, रंग तेरस तक अनुगुंजित रहिथे |

होलिका दहन – भगवान विष्णु ह नरसिंह रूप धारन करके भक्त प्रह्लाद के रक्षा खातिर लोहा के खंभा ले परगट होके हिरण कश्यप के नाश करे रिहिसे | प्रह्लाद के पिता हिरण्य कश्यप अपन बल के घमंड मं खुद ल भगवान माने लग गे रिहिसे अउ कोनो ल भगवान के नांव लेबर पाबंदी लगा दे रिहिसे | पुत्र प्रह्लाद ईश्वर भक्त रिहिसे | वोला कतको कठोर दंड दिस | तभो ले भगवान के भक्ति नइ छोड़िस | ओखर बहिनी होलिका ( प्रह्लाद के बुआ ) ब्रह्मदेव के वरदान के प्रभाव ले रोज अग्नि स्नान करय, जरय नहीं | तब वोला प्रह्लाद ल गोदी मं बिठाके अग्नि स्नान करे बर किहिस | होलिका जर के मर गे, प्रह्लाद बच गे | वो भुला गे के वोहा खुद अग्नि स्नान कर सकत रिहिसे, कोनो ल साथ लेके नहीं | फेर रंग उत्सव मनाय गिस | तब ले ये तिहार मनाय के परंपरा चल पड़िस | बैर अउ पीड़ा के प्रतीक होलिका जल के | परेम अउ उल्लास के प्रतीक प्रह्लाद बच गे | प्रह्लाद के अर्थ होथे आनंद |

रंग उत्सव – होलिका दहन के बाद रंग उत्सव मनाय गिस | रंग उत्सव मनाय के परंपरा शुरू होगे | तब ले एखर नांव फगवाह होगे, काबर के येहा फागुन के महीना मं मनाय जाथे , फाग गीत गाय जाथे | ढोल नगाडा़ झांझ मंजीरा बजाय जाथे | फागुन के महीना के ये उत्सव जेमा लोगन मन एक दूसर ऊपर खूब रंग गुलाल डारथें, रंग ले सराबोर कर देथें, नाचथें गाथें | प्रेम, श्रृंगार, प्रणय, बसंत, राधा कृष्ण के प्यार के गीत गाथें |
प्रेम के अनूठा परब हे फागुन के होली | होली मं जब रंग के सावन बरसथे अउ ढोल, नगाडा़, मृदंग के थाप बादल गरजे कस लगथे, तब जन मन उमंग उल्लास ले भर जथे अउ मन मयूर थिरकन लगथे, नाचन लगथे | ये प्रेम कहूं भक्ति के रूप मं निखरथे त कहूं वात्सल्य प्रेम के गंगा बनके बहे लगथे |

काम दहन – बसंत पंचमी के दिन होले डांड़ मं बइगा के अगुआई मं अंडा पेड़ ल गड़िया के पूजा पाठ करके वासनात्मक फाग गीत गाय के शुरुआत करथें | इही दिन ले वो जगा सुक्खा लकड़ी एकट्ठा करे के काम घलो करथें जउन फागुन पुन्नी होले जलाय के समय तक चलथे | रोज संझउती बेरा नहीं त रतिहा ढोल नगाडा़ मृदंग मंजीरा के ताल मं काम जगाय के वासना भरे फाग गीत गाके नाचथें कूदथें | पहिली तो किसबिन नचाय के परंपरा रिहिसे जेन ल रति नाच कहंय | अब ये नंदा गेहे | ओखर जगा मं परी (पुरुष ह महिला के सवांग धर के) नचवा लेथें |

होली से जुड़े कामदेव अउ भगवान शंकर के प्रसंग — ये प्रसंग ह शंकर जी अउ कामदेव ले जुड़े हे | कामदेब प्रेम अउ काम के देवता आय | ताड़कासुर के वध शंकरजी के पुत्र द्वारा होना रिहिस हे | वो तो अखंड समाधि मं लीन रिहिसे | देवता मन तब कामदेव ल शंकर के समाधि भंग करे, वाला जगाय खातिर किहिंन | पहिली वोहा ना नुकुर करिस फेर देवता मन के जोजियाय मं तैयार होइस | अपन काम सेना संग शंकरजी ल जगाय के उदिम, वोमा काम भावना जगाय के वासना जनित फूल के बान मारे के शरारत हरकत करन लगिस |गन्ना (कुसियार) के छड़ी मं मधुमक्खी के तार ले बने प्रत्यंचा मं तैय्यार पुष्पधनु मं फूल के बान मारके कामदेव ह शंकरजी के समाधि ल भंग कर दिस | अउ जब शंकरजी जगिस, नाराज होइस | ओखर तीसरा नेत्र से कामदेव भस्म होगे, जर गे | काम के दहन होगे | तेखर सेती येला काम दहन घलो केहे जाथे | शंकर जी जाग गे | फेर तो खुशी मं सब मिलके रंग गुलाल अबीर लगाइन | नाच गा के धमा चौकड़ी मचाइन , उत्सव मनाइन | येला बसंत उत्सव, मदन उत्सव, प्रणय उत्सव घलो कहिथें | कामदेव के भस्म होय के बाद ओखर पत्नि रति ह तपस्या करिस | तप से प्रसन्न होके शंकरजी ह वोला पुनर्जीवित कर दिस | उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के कामेश्वर धाम ल ओखर भस्म होय के जगा कहिथें | आज भी वो प्रसंग ले जुड़े कुछ चिन्ह उहां मौजूद हे |

दूसर कारन – एखर अलावा ये परब राक्षसी पूतना, राधा कृष्ण के रास, कामदेव के पुनर्जन्म से जुड़े हे | कतको मानथें के होली मं रंग लगाके नाच गाके लोगन शंकर के गण के वेश बनाके बारात के दृश्य बनाथें | इही दिन प्रथम पुरुष मनु के जनम होय रिहिसे, एखर कारन येला मन्वादितिथि कहिथें |

कृष्ण राधा ले परंपरा के शुरुआत – कृष्ण ल राधा से प्यार होगे | कृष्ण सांवला अउ ओखर आत्मिक सखी राधा बहुत गोरी रिहिस | कृष्ण ल डर रिहिस के ओखर नीला त्वचा के कारन वोहा ओखर संग प्यार नइ करही | यशोदा ह कन्हैया ल सुझाव दिस के वोहा राधा के मुंह मं मन चाहा रंग लगादे | राधा घलो मान गे | नटखट कन्हैया उइसने करन लागिस | इही प्रेम भरे शरारत ह प्रचलित होगे अउ होली के परंपरा के रूप मं स्थापित होगे | रंग भरे छेड़छाड़ ये तिहार के विशेषता हे | बिरिज मं तो एक महिना पहिली ले ये तिहार शुरू हो जथे | कभू फूल से होरी खेलथें , कभू रंग मं नहाथें त कभू रेत मं लोटथें | कई तरह से होली खेलथें | बिरिज के होली काफी मशहूर हे | रंग तिहार के रूप मं मनाय जाने वाला ये परब मं किशोर किशोरी, जवान लड़का लड़की, लइका सियान सबो एक दूसर ऊपर रंग गुलाल लगाथें | पिचकारी ले लाल, नीला ,पीला, हरियर, गुलाबी रंग बरसाथें | छोटे गुब्बारा में घुले रंग भरके मारथें | होली तिहार मं भाग लेवैया लोगन मन राधा कृष्ण के समान एक दूसर के गाल, त्वचा मं रंग लगाथें |

हर रंग के अपन अर्थ – कतेक प्यारा हे हमार तीज तिहार मन? सब बर प्यार अउ सौहाद्र के भाव भरे रहिथे | जिनगी के उदासी ल भगाके उमंग के साथ जिये के संदेश देथे | जिनगी ल रंगीन बना देथे | हर रंग के अपन अर्थ हे, गुन हे, विशेषता हे | लाल रंग प्रेम के प्रतीक हे त ताकत के घला | पिंवरा रंग पवित्रता के, हरियर रंग खुशी खुशहाली के अउ आघू बढ़े के, भगवा रंग साधुता के, सादा रंग सादगी अउ सच्चाई के प्रतीक हे | करिया रंग अशुभता के सूचक हे अउ दुख के घला | हर रंग के अपन अस्तित्व हे | हमर तिहार मानो इही रंग ले बने हें, हमला जिनगी के संदेश देथें | जिनगी घलो रंग के तरह हे | जिनगी मं कभू प्रेम आथे त कभू उदासी | कभू आघू बढ़े के मन करथे त कभू आसमान छुये के जिद | कभू दुख के बादर छाथे त कभू खुशी ले जीवन झूमे ल लागथे | सुख दुख, विरह मिलन जिनगी मं लगे रहिथे, आवत जात रहिथे | ये रंग हमला समझाथे, जिनगी के उतार चढ़ाव ल बताथे |

भेद भाव के स्थान नहीं – ये तिहार मं जाति भेद, वर्ण भेद, छोटे बड़े, ऊंच नीच, अमीर गरीब के कोई स्थान नइ रहय | सब भेद भाव भुलाके ये तिहार ल प्रेम से मनाथें, फाग गीत गाथें | नगाडा़ के थाप मं झूम झूम के नाचथें | प्रेम से भरे नारंगी, लाल, गुलाबी, हरियर, पिंवरा, बैगनी, नीला, करिया रंग सबके मन से कटुता, वैमनस्य ल धो देथे अउ सामुदायिक मेल जोल ल बढ़ाथे, समरसता के भाव जगाथे | ये दिन सब घर मिठाई, पकवान बनथे | खाथें अउ खिलाथें | छत्तीसगढ़ मं घरो घर खास व्यंजन – ठेठरी, खुरमी, चीला, बोबरा, अइरसा बनथे | बुला बुला के खाथें खवाथें |

प्रकृति के रंग – ये समय प्रकृति के छटा देखतेच बनथे | खेत खार मं गेहूं के सोनहा बाली, सरसों, पलाश, गेंदा के फूल तमाम रंग बिखेरत, बगरावत रहिथें | अइसे लगथे मानो खुद प्रकृति ह रंग के तिहार मनावथे | रंग के छींटा धरती ऊपर मारथे | नरम नाजुक नवा हरियर कोमल पत्ता, गुलमोहर के दमकत सुर्खी, छोटे छोटे गुलाबी, बैगनी फूल के गुलाल मन के भाव ल मुखरित कर देथे | प्रकृति के हर रंग मं भाव निहित होथे | येला देखके सब जीव जंतु, पशु पक्षी अउ मनखे मन खुश हो जथें | बसंत के मादकता वातावरण मं छाये रहिथे |

बुरा न मानो होली है – होली रंग उमंग अउ हास परिहास के परब हे | येहा अइइसे परब हे जेमा अपन पसंद के काम कर सकथें, चाहे कोनो ल छेड़ना होय या अजनबी के साथ शरारत करना होय | सब कटुता, क्रोध, दुश्मनी भुलाके ‘बुरा न मानो होली है’ के आवाज मं डूबके घुल मिल जाथें | यही होली के अच्छा स्वरूप हे | इही होली के परंपरा के अंग हे, पहिचान हे | पारंपरिक रूप ले केवल प्राकृतिक व जड़ी बूटी से बने रंग के ही इस्तेमाल् करके होली खेलंय |

होली के विकृत रूप – आजकल होली खेले के तरीका गलत होत जाथे | स्वरूप बदलत जाथे | कृत्रिम रंग एखर स्थान लेवत जाथे | कखरो साथ शरारत या मजाक करना चाहत हें, ओखर ऊपर रंगीला झाग या गंदा झाग से भरे गुब्बारा मारथें | कोनो ग्रीस से होली खेलथें, कोनो कालिख पोतथें | एखर चलत कतको महिला मन बाहिर नइ निकल पावंय काबर के वोमन ल भय रहिथे के लोगन भद्दी गाली झन दे दंय, कोनो रासायनिक रंग न लगा दंय | आजकल होली के स्वरूप विकृत होवत जाथे | प्रेम भाव के जगह कटुता पनपत जाथे | ये दिन बदला लेके रंग के तिहार ल खूनी बना देथें | हर साल ये दिन लड़ाई झगड़ा के कई घटना सामने आथे | नुकसान पहुंचइया रंग ले या अनुपयोगी चीज ले होली खेले मं कखरो नुकसान तो होबे करही | कोनो आहत मत होय, कोनो ल दुख न होय, ये ढंग ले होली खेलंय तभे होली के मजा हे | नहीं त दुश्मनी मिटाय के बजाय दुश्मनी हो जाही | कखरो होली बिगड़िस, गलत रंग ले कखरो मुंह खराब होइस त उहू ह उइसने कर सकथे | फेर होली खेले के मतलब का होइस? एखर सेती ध्यान से प्यार से होली खेलना चाही जेखर प्यार बाढ़य, खुशी बाढ़य अपनत्व के भाव जागय | अमन चैन खुशहाली आवय, तभे तिहार के आनंद ले सकथन | गरीब तबका के लोगन मन मंहगाई के कारन हंसी खुशी के साथ तिहार नइ मना पावंय, उंखरो जिनगी मं मिठास भरे के प्रयास करन, उंखरो चेहरा मं मुस्कान ला सकन, तभे ये तिहार मनाय के सार्थकता हे |

होली मनाय के सार्थकता – होली विलक्षण परब हे | येमा जलाना, मनाना अउ खिलाना होथे | येला भावार्थ मं लेना चाही | केवल लकड़ी अउ कंडा के जलाय ले पापात्मा राक्षसी के नाश नइ होवय, अनिष्ट के नाश नइ हो सकय | पापात्मा राक्षसी होलिका हमर मन मं बइठे आसुरी वृत्ति अउ पाप करम के सूचिका आय | स्वभाव, करम मं जउन दुख देवइया आदत हे, जउन कटुता, क्रूरता, विकार रूपी झाड़ झंखाड़ हे, लकड़ी अउ कंडा के प्रतीक हे | अग्नि योगाग्नि के प्रतीक हे | अपन बुरा संस्कार, आदत, विकार रूपी होलिका ल योगाग्नि मं भस्म कर देना ही होलिका दहन हे | मन के कुभाव रूपी कचरा ल जलावन अउ ज्ञान, प्रेम के रंग ले एक दूसर ल रंगन, प्रेम के रंग सब मं लगावन अउ सही होली मनावन | केहे गेहे – ‘प्रेम के रंग सा न रंग कोई दूजा l’ तभे मनखे के मन मं खुशी, हर्ष, आल्हाद होना स्वभाविक हे | तभे हास परिहास के ये तिहार ल ओखर वास्तविक स्वरूप मं मना सकथन | दिल खुश रूपी मिठाई खिला सकथन | खुशी आनंद बांट सकथन | प्रेम के रंग लगावन अउ खुशी बांटन |
होली संबंधी धारणा हमर जीवन मं तभे घटित होही जब होली ल हो ली ( याने जउन होगे, वोला भुलाके, बीती ल बीती कर के ) मानके आघू के शुभ काम ल शुरू करन | होली उत्सव के इही वास्तविक रहस्य हे | उल्लासमय जीवन जिये के अमृत संदेश येमा समाय हे |

•••••


• संपर्क-
• 84255 52828

🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

25 मार्च से 06 अप्रैल तक होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का होगा आयोजन
breaking Chhattisgarh

25 मार्च से 06 अप्रैल तक होगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का होगा आयोजन

छत्तीसगढ़ की वैभवी अग्रवाल ने UPSC 2025 में हासिल किया AIR 35, मुख्यमंत्री साय और व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक नितिन अग्रवाल ने दी बधाई
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की वैभवी अग्रवाल ने UPSC 2025 में हासिल किया AIR 35, मुख्यमंत्री साय और व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक नितिन अग्रवाल ने दी बधाई

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त
breaking Chhattisgarh

धान की बोरियों में पानी डालने का खेल उजागर,समिति के 4 कर्मचारी बर्खास्त

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी
breaking Chhattisgarh

सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, सीएम विष्णु देव साय की सीधी चेतावनी

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ
breaking Chhattisgarh

सुनहरा मौका: आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती शुरू, जानिए सबकुछ

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

सावधान! शहर की सड़कों पर पुलिस बनकर घूम रहे लुटेरे, ट्रेलर रोककर लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख
breaking Chhattisgarh

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलो देवी नेताम ने भरा नामांकन, कई बड़े नेता रहे मौजूद

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक
breaking Chhattisgarh

राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा ने भरा नामांकन; CM साय बोले- यह प्रदेश की नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ
breaking Chhattisgarh

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, सीएम साय ने दी शुभकामनाएँ

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत
breaking Chhattisgarh

कलयुगी बेटे ने धारदार हथियार से की पिता की हत्या, खून के रिश्ते का खौफनाक अंत

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
breaking international

ईरान संकट बीच कच्चा तेल की कीमते 100 डॉलर के पार जा सकती हैं! कितना महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल
breaking international

जाना था कुवैत, पहुंच गए पाकिस्तान… एयर अरेबिया की फ्लाइट में 8 भारतीय फंसे, केरल के 3 यात्री शामिल

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार
breaking Chhattisgarh

धान की अंतर राशि पर सियासत : कांग्रेस ने भेदभाव का लगाया आरोप, लाभार्थियों की मांगी सूची, मंत्री टंकराम ने कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही सरकार

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप
breaking Chhattisgarh

हॉस्टल में 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम
breaking international

भारत को यूरेनियम देगा कनाडाः पीएम मार्क जे कार्नी और पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक में लगी मुहर, पहली बार भारत दौरे पर हैं कनाडा पीएम

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका
breaking Chhattisgarh

शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए-श्री रमेन डेका

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय

कविता

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’
poetry

इस माह के कवि और कविता – महेश राठौर ‘मलय’

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
poetry

रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’
poetry

रंग पर्व होली पर विशेष- नुरूस्सबाह ‘सबा’

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – विद्या गुप्ता

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – मिताली श्रीवास्तव वर्मा

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

संस्मरण : ‘धरा का श्रृंगार उल्टा पानी’ – दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘ आरंभ’ – अमृता मिश्रा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा
poetry

अब मैं क्या करूँ… क्योंकि वह किसी की – कैलाश जैन बरमेचा

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – प्रकाशचंद्र मण्डल

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – तारकनाथ चौधुरी

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा
poetry

स्तम्भ : कविता आसपास ‘आरंभ’ – सुष्मा बग्गा

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता
poetry

यात्रा संस्मरण : विद्या गुप्ता

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]
poetry

कविता आसपास : बसंत पंचमी पर महाकवि ‘निराला’ को याद करते हुए… महाकवि की वेदना…!! – विद्या गुप्ता [छत्तीसगढ़-दुर्ग]

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा
poetry

मकर संक्रांति पर विशेष : अमृता मिश्रा

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव
poetry

नव वर्ष पर विशेष ग़ज़ल : सुशील यादव

कहानी

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

story

व्यंग्य : ‘ घूमता ब्रम्हांड ‘ – श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़]

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल
story

दुर्गाप्रसाद पारकर की कविता संग्रह ‘ सिधवा झन समझव ‘ : समीक्षा – डॉ. सत्यभामा आडिल

story

लघुकथा : रौनक जमाल [दुर्ग छत्तीसगढ़]

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन