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- ”मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़े”, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान के क्या है मायने
”मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़े”, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान के क्या है मायने
लोकसभा के चुनाव में छतीसगढ़ की कोरबा लोकसभा भी एक हाईप्रोफाइल सीट है, यहां कांग्रेस की ज्योत्सना महंत और बीजेपी की सरोज पांडे के बीच दिलचस्प मुकाबला है। यहां 7 मई को मतदान होना है उसके पहले अपनी अपनी जीत के लिए प्रत्याशी मेहनत कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडे सभी क्षेत्रों में घूम रही है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत भी लगातार जनसंपर्क कर रही है।
सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक दौरा कर रहे चरणदास महंत
लेकिन इससे अलग उनके पति चरणदास महंत जो छतीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है अपनी पत्नी की जीत के लिए भीषण गर्मी में गांव गांव जाकर पसीना बहा रहे है। जीत के लिए मेहनत कर रहे है। महंत 3 बार कोरिया और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले का दौरा कर चुके है जिसमे सुदूर वनांचल इलाके कोटाडोल जनकपुर तक वो गए है। महंत समर्थकों की दोनो जिले में अच्छी संख्या में है वो खुद यहां से सांसद रह चुके है।
अविभाजित मध्यप्रदेस के गृहमंत्री रहने के समय से यहां आ रहे है ऐसे में लोगो से उनका सीधा जुड़ाव है। ऐसे में उनको उम्मीद है कि उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत की जीत तय है और सरोज पांडे को वापस दुर्ग जाना पड़ेगा। IBC24 ने चरणदास महंत के साथ एक सफर में कई सवाल किये जिसका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत से IBC24 के संवाददाता से बात करते हुए कहा कि, ”मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी चुनाव लड़े।”
महंत के बयान के निकाले जा रहे अलग-अलग मायने
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के इस बयान के कई प्रकार के मायने निकाले जा हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि, ज्योत्सना महंत इस बार चुनाव हार रही है और ये बात उन्हें पहले ही समझ आ गई है। इसलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया है। अब देखना ये होगा की चरणदास महंत के इस बयान पर अन्य नेताओं की कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।
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