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- कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के 163 वीं जन्मदिवस पर रवींद्र संगीत का ऐतिहासिक आयोजन : 11 राज्यों के 1100 कलाकारों ने 1 घंटे 40 मिनट में एक कंठ से रवींद्र संगीत के 20 गानों की प्रस्तुति दी
कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के 163 वीं जन्मदिवस पर रवींद्र संगीत का ऐतिहासिक आयोजन : 11 राज्यों के 1100 कलाकारों ने 1 घंटे 40 मिनट में एक कंठ से रवींद्र संगीत के 20 गानों की प्रस्तुति दी

• छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़ :
• भिलाई : कला मंदिर, सिविक सेंटर से : 12 मई, 2024.
कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर के 163 वीं जन्मदिवस पर ‘रवींद्र सुधा’ के तत्वावधान में 11 राज्यों के हजार कंठ सम्मेलक रवींद्र संगीत कार्यक्रम का ऐतिहासिक आयोजन संभवत पहली बार हुआ है. छत्तीसगढ़ से भिलाई को मिला था प्रतिनिधित्व का मौका. ‘रवींद्र सुधा’ के अध्यक्ष राजदीप सेन औरसचिव विश्वजीत सरकार के नेतृत्व में उनकी टीम विगत 9-10 माह से इसकी तैयारी चल रही थी. कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संगीत निर्देशक कोलकाता के अरुंधती देब का था. 11 राज्यों में एक साथ सीधा प्रसारण देखने को मिला.
प्रारंभ में कार्यक्रम की शुरुआत भिलाई इस्पात संयंत्र के सेवानिवृत ईडी मानस विश्वास, सीजीएम इंचार्ज आयरन जोन तापस दासगुप्ता, भिलाई महिला समाज की अतिरिक्त उपाध्यक्ष स्मीता गिरी, सीजीएम इंंचार्ज एनएन डीयू असित साहा और सुप्रसिद्ध गायक दीपेंद्र हालदार ने की. विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर के छायाचित्र पर माला अर्पित और दीप प्रज्ज्वलित अतिथियों ने किया. गानों की प्रस्तुति के पूर्व अतिथियों ने रवींद्रनाथ टैगोर के जीवनी से अवगत कराया. मंच संचालन राजदीप सेन और ‘रवींद्र सुधा’ की सांस्कृतिक सचिव मऊ राय ने किया.

👉 11 राज्यों के गायन का लाइव प्रसारण : छत्तीसगढ़ से भिलाई, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल कोलकाता, मध्यप्रदेश भोपाल, महाराष्ट्र नवी मुंबई, झारखंड जमशेदपुर, ओडिशा राउरकेला, कर्नाटक बैंगलोर, तेलगांना हैदराबाद, तमिलनाडु चेन्नई और असम से सिलचर.
गायक चैती पाल, मऊ राय, स्वागता विश्वास, सुचिता मुखर्जी, पारोमिता ने कहा कि गाने के दौरान कंठ भी सूखे, लेकिन कई महीनों की अभ्यास को कमजोर नहीं पड़ने दिया. ‘रवींद्र सुधा’ के सचिव विश्वजीत सरकार ने बताया कि 1 घंटा 40 मिनट लगातार गाना आसान नहीं होता, लेकिन हम सब ने जो संकल्प लिया था ,वह आज सफलता पूर्वक पूरा हुआ. एक साथ हजारों गायक एक मंच पर गा सकते हैं, परंतु अलग-अलग जगह से एक ही समय पर एक जैसा गाना भारत में पहली बार हुआ.

👉 ‘रवींद्र सुधा साहित्य सम्मान’ प्राप्त बांग्ला लेखिका स्मृति दत्त
इस वर्ष का ‘रवींद्र सुधा साहित्य सम्मान’ बांग्ला लेखिका स्मृति दत्त को दिया गया.
👉 कलामंदिर सिविक सेंटर भिलाई में रवींद्र संगीत की मन मोहक प्रस्तुति देते हुए, 100 कलाकार.
[ • रिपोर्ट, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा ]
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