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- साहित्यिक आयोजन : राष्ट्रीय ‘ मकस’ कहानिका हिंदी पत्रिका के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और सह मुशायरा : अवसर था शायर कवि नवेद रज़ा दुर्गवी का 50वां जन्मदिन और उनके कलाम-संकलन ग़ज़ल, कविता, मुक्तक और लघु कथाओं की पुस्तक नवेद रज़ा दुर्गवी का विमोचन
साहित्यिक आयोजन : राष्ट्रीय ‘ मकस’ कहानिका हिंदी पत्रिका के तत्वावधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और सह मुशायरा : अवसर था शायर कवि नवेद रज़ा दुर्गवी का 50वां जन्मदिन और उनके कलाम-संकलन ग़ज़ल, कविता, मुक्तक और लघु कथाओं की पुस्तक नवेद रज़ा दुर्गवी का विमोचन
• छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़ :
• दुर्ग कमला मोटर्स के सभागार में 12 मई, 2024 को सम्पन्न कार्यक्रम की रिपोर्टिंग डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’

👉 आयोजन में नवेद रज़ा दुर्गवी का 50 वां जन्मदिन मनाया गया
राष्ट्रीय महिला कल्याण समिति ‘मकस’ बोकारो झारखंड, ‘मकस’ कहानिका छत्तीसगढ़ अध्याय और कमला मोटर्स एवं कमला टैक्सटाइल्स के प्रमुख साहित्यिक रुचिकर कैलाश बरमेचा के सहयोग से ‘कमला मोटर्स’ के गंजपारा दुर्ग सभागार में दुर्ग के शायर कवि नवेद रज़ा दुर्गवी के 50 वें जन्मदिन पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व सह मुशायरा का आयोजन किया गया.

👉 ‘मकस’ और कैलाश बरमेचा द्वारा नवेद रज़ा दुर्गवी का अभिनंदन करते हुए…
इस अवसर पर अतिथि थे-
‘मकस’ के राष्ट्रीय प्रधान संपादक एवं संयोजक कहानिका बोकारो झारखंड से आए श्याम कुंवर भारती के मुख्य अतिथि में अध्यक्षता की कैलाश बरमेचा ने. अन्य अतिथि थे- ‘पटल’ के काव्य गुरु जुग्रेश चंद्र दास, उत्तम भंडारी, हाजी ताहिर निजाम और राज्य प्रभारी ‘मकस’ कहानिका के ‘सक्ति’ छत्तीसगढ़ से आए नरेंद्र वैष्णव और ‘ मकस’ कहानिका छत्तीसगढ़ के उप संपादक दिलीप कुमार टिकारिया.
प्रारंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती वंदना की. नाअत पाक शायर अलोक नारंग ने कलाप पढ़कर प्रोग्राम का अग़ाज किया. सरस्वती वंदना आशा झा, स्वागत भाषण नरेंद्र वैष्णव और छत्तीसगढ़ मतारी गीत दिलीप कुमार टिकारिया ने गाया.

👉 कैलाश बरमेचा और डॉ. रौनक जमाल ने सपरिवार मिलकर नवेद रज़ा दुर्गवी को बधाई दी

👉 ‘मुक्तकंठ’ परिवार बधाई देते हुए…

👉 नवेद रज़ा दुर्गवी का परिवार बधाई देते हुए…

👉 प्रकाशचंद्र मण्डल, आलोक कुमार चंदा, प्रदीप भट्टाचार्य, गोविंद पाल ‘मुक्तकंठ साहित्य समिति’ की तरफ से अभिनंदन किए…

👉 शायेरा फरीदा शाहीन और शायेरा नूरुस्शबा खान, नवेद रज़ा दुर्गवी का अभिनंदन करते हुए…
नवेद रज़ा दुर्गवी के जिंदगी पे और सुखन साजी के सफर तय कैसे कर आज इस मुकाम तक तय किया. इसे बहुत बेहतरीन अंदाज में मोहतरम डॉ. रौनक जमाल ने पढ़ा. श्याम कुंवर भारती ने नई-नई पहल के बारे में और ये पटल नये उभरते हुए काव्य साधकों को किस तरह से मौका देना चाहिए और परीक्षण दे कर उन्हें बड़ों मंचों पर स्थापित करने की बात कही. यही इस पटल ‘मकस’ का उद्देश्य भी है. ‘ मकस’ सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं विदेशों में भी चल रहा है.
‘मकस’ द्वारा आयोजित इस कवि सम्मेलन और सह मुशायरा में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखण्ड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से आए कवियों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया. प्रमुख जो उपस्थित थे-
• कैलाश बरमेचा के सहयोग से आयोजन सम्पन्न हुआ. ‘मनस’ ने उनका भी सम्मान किया.
‘ मुक्तकंठ साहित्य समिति’ के अध्यक्ष गोविंद पाल, ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ व ‘मुक्तकंठ’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, ‘मुक्तकंठ’ के उपाध्यक्षद्वय आलोक कुमार चंदा, डॉ. बीना सिंह ‘रागी’, ‘मुक्तकंठ’ के कोषाध्यक्ष प्रकाशचंद्र मण्डल, अदबी शायर मुमताज, अलोक नारंग, रमेश जैन ‘राही’, गोपाल साहू, प्रखर वर्मा, मुकुल कुमार, मोहम्मद हुसैन रायपुरी, छगन वर्मा, सागर गर्ग, संतोष कुमार धीमर, जरीन रौनक जमाल, श्रीमती मंजू कैलाश बरमेचा, नज़मा बेगम, तिलोत्तमा पाण्डेय, परवीन बानों, कुरैशी बद्र, मनीषा भारद्वाज, डॉ. आर के सिंह, मिताली वर्मा, नसरीन बानों, आशा झा, फमीदा शाईन, सरिता शिरीन, सैय्यद अजरुल हसन, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, डॉ. रश्मि अग्रवाल, सुमन पांडे, सरफराज आलम अंसारी और अनेक गणमान्य बुद्धिजीवी.
मंच संचालन निजामतकर्ता रहे अंतरराष्ट्रीय अफसाना निगार ऊर्दू, हिंदी, अंग्रेजी भाषा के जानकार मोहतरम डॉ. रौनक जमाल ने बा खुबी इस काम को अंज़ाम दिया और आखिर तक अपने शब्दों व शेरो-शायरी से बांध कर रखा. आभार व्यक्त करते हुए कैलाश बरमेचा ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे आयोजन को और वृहत स्तर पर किया जाएगा. मैं इस आयोजन में आने वाले सभी साहित्यकारों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ. ‘मकस’ कहानिका छत्तीसगढ़ अध्याय के संपादक नवेद रज़ा दुर्गवी ने भी सबका स्वागत और आभार व्यक्त किया.
[ • रिपोर्ट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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