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‘ए मिशन विद् ए विज़न’ संस्था ‘ स्वयंसिद्धा’ द्वारा आयोजित ‘समर क्वीन’ प्रतियोगिता : साड़ी से सुंदर कुछ नहीं : साड़ी को प्रमोट करने में जुटी है टीम ‘ स्वयंसिद्धा’

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• भिलाई
इस भीषण गर्मी में जहा सबका हाल बेहाल है वही कुछ गृहनियाँ
सूती,लिनन, सिल्क,भागलपुरी, बेगमपुरी, कोटा डोरिया, तांत, सम्बलपुरी,आर्गेनज़ा,मलमल आदि रंगबिरंगी साड़ियों में फोटोशूट कर रही थी I ये महिलाएं भारत की विभिन्न प्रदेशों की साड़ियां पहन कर नारियल पानी, नींबू पानी, कच्चे आम के साथ पेड़ पौधों की छांव में, पानी पीती हुई, घर के बगीचे की देखभाल करती हुई, चिड़ियों को दाना पानी देती हुई, गृहस्थ धर्म निभाती हुई तरह-तरह के पोज़ बनाकर अपने घर वालों से तस्वीर खिंचवाकर इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग ले रही थी।
यह अवसर था स्वयंसिद्धा- ‘ए मिशन विद ए विज़न’ की ऑनलाइन ‘समर क्वीन’ प्रतियोगिता का जो भारतीय परिधान साड़ी को पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है।
इस अभिनव प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 10 जिलों के अलावा देश के अनेक शहरों से महिलाओं ने भाग लिया। समर क्वीन 2024 में महिलाओं को गर्मियों में पहनी जाने वाली साड़ियों को पहनकर तस्वीर खिंचवानी थी जिसमें उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों की मदद ली। इस प्रतियोगिता में 70 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। संस्था की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने बताया कि मैं गत 20 वर्षों से भारतीय परिधान साड़ी को प्रमोट करने का कार्य कर रही हूं। हमारे देश में हजारों तरह की साड़ियां है एवं उन्हें सैकड़ो तरीकों से पहना जा सकता है I यह आज विश्व का सबसे बेहतरीन परिधान है जो बिना स्टीच के बनता है एवं इसकी बुनाई में प्रत्येक प्रदेश व शहर की अलग-अलग छाप होती है। साड़ी का प्रमोशन हमारे हथकरघा एवं बुनकर भाइयों के लिए भी आवश्यक है।
प्रतियोगिता के निर्णायक गणों में गुड़गांव के वरिष्ठ फोटोग्राफर सुशांत सिंघल, दिल्ली की कॉस्टयूम ज्वैलरी ब्रांड कोमोली की संचालिका मृणालिनी अग्रवाल एवं भिलाई की शिक्षाविद व बुटीक संचालिका अमिता बिसारे
निर्णायक सुशांत सिंघल का कहना है कि आज जब देश में पाश्चात्य परिधानों का चलन बढ़ गया है उस समय स्वयंसिद्धा की ये मुहिम अवश्य रंग लाएगी।मृणालिनी अग्रवाल ने कहा इस भीषण गर्मी में भी महिलाओं ने अपने मन पर निराशा को हावी नहीं होने दिया बल्क ‘सेल्फ लव’ के तहत अपनी साड़ियां चुनी और उन्हें पहन के पोज़ दिया बल्कि अपनी फोटो में बेहतरीन क्रिएटिविटी का उपयोग किया।
अमिता बिसारे ने कहा दुनिया के चाहे जितने परिधान भारत आ जाए साड़ी पूरी दुनिया पर राज करेगी हीI स्वयंसिद्धा का यह आयोजन काबिले तारीफ है।
प्रतियोगिता के नतीजे इस प्रकार रहे प्रथम- दुर्गा अधिकारी, द्वितीय- आरती तिवारी, तृतीय- बनानेी मैती
मोस्ट स्टाइलिश- पुनीता कौशल, श्रीमती सिंपलीसिटी -डॉ मंजुला श्रीवास्तव, यूनिक साड़ी ड्रेपिंग- ममता बिस्वाल, मोस्ट ब्यूटीफुल साड़ी- अंजना सेनगुप्ता जमशेदपुर,अमेजिंग लोकेशन- बिंदु नायक, मिसेज कूल- संतोष लखोटिया धमतरी,परफेक्ट फोटो- संगीता जायसवाल,बेस्ट फोटोग्राफ- रत्न दुफारे,मोस्ट क्रिएटिव फोटोग्राफर- आयुषी दुफारे,मोस्ट एलिगेंट लेडी- देवेंदर कौर दिल्ली, ट्रेडिशनल लुक- कल्पना मिश्रा मुंगेली, बेस्ट पिक्चर विद मैसेज- सुशीला साहू।
प्रतियोगिता में भाग लिया
अनीता चक्रवर्ती, दीपा तिवारी (बेमेतरा),,अर्पिता चक्रवर्ती, कुदसिया अली,सरोज टहनगुरिया, वंदना नादमवार ,राजश्री नायर, रूपाली पटेल (भोपाल ), देबजानी मजूमदार, प्रिया तिवारी, नमिता त्रिपाठी ,मधु देवांगन, मंजू मिश्रा, रूमा डे, माधुरी बिजोरिया,ज्योति गुप्ता (मुंगेली ),मधुरिमा रे,रीता वैष्णव ,डॉ. नीता तिवारी, कोमल घोष, लक्ष्मी साहू, नेहा सिंह राजपूत (मुंगेली), रश्मि तिवारी (मुंगेली), सीमा गुप्ता (मुंगेली), वीणा द्विवेदी, सुमन रतन (भोपाल ),तनुश्री बोस (दिल्ली), संगीता बागति आदि ने I
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