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छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

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भिलाई इस्पात संयंत्र ने भारतीय रेलवे को भेजी हीट-ट्रीटेड रेल के चार रेक

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने आधुनिक यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) से अप्रैल 2024 में आर 350 हीट-ट्रीटेड (एचटी) रेल की तीन रेक भेजे हैं। भारतीय रेलवे, अपना आधुनिकीकरण करने के साथ ही रेल परिवहन में उच्च गति और एक्सल लोड की ओर बढ़ रहा है जिसके लिए रेलवे, सेल से माइक्रो-अलॉय रेल और हीट-ट्रीटेड रेल दोनों की मांग कर रही है।
संयंत्र की यूनिवर्सल रेल मिल ने माइक्रो-अलॉय आर-260 ग्रेड रेल के नियमित उत्पादन के साथ-साथ, भारतीय रेलवे के स्पेसीफिकेशनों के अनुसार हीट-ट्रीटेड रेल की रोलिंग प्रारंभ कर दी है।
भारतीय रेल नेटवर्क में जहाँ ट्रेनों का एक्सल लोड अधिक होता है और जहाँ ट्रेन तेजी से गति पकड़ती है और रूकती है उन हिस्सों में ट्रेनों के पहिये और पटरियों के बीच घर्षण अधिक होता है। रेल परिवहन के ऐसे हिस्सों में विशेष हीट-ट्रीटेड ग्रेड रेल सबसे उपयुक्त है।
सेल की अनुसंधान शाखा आरडीसीआईएस में कड़े परीक्षणों और भारतीय रेलवे की अनुसंधान शाखा आरडीएसओ से अनुमति के उपरान्त, अक्टूबर 2023 में यूनिवर्सल रेल मिल में आर 350 एचटी रेल का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हुआ। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा 31 अक्टूबर 2023 को 260 मीटर लंबाई में आर350 एचटी रेल की 1000 टन की पहली खेप भारतीय रेलवे को भेजी गई।
सेल-बीएसपी से 20 अप्रैल 2024 को आर350 हीट-ट्रीटेड रेल के 60 पैनलों की दूसरी रेक भारतीय रेलवे को भेजी गई। इसके पश्चात अप्रैल 2024 में हीट-ट्रीटेड रेल के दो और रेक रोलिंग कर भारतीय रेलवे को भेजा गया, जिससे अब तक भेजे गए आर350 एचटी रेल के रेकों की कुल संख्या चार हो गई। प्रत्येक रेक में 1000 टन 260 मीटर लंबी रेल की लोडिंग कर प्रेषण किया गया।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र जो छह दशकों से अधिक समय से भारतीय रेलवे को वांछित ग्रेड में रेलों की आवश्यकता की पूर्ति कर रहा है, ने अपने यूनिवर्सल रेल मिल से विश्व की सबसे लंबी 130 मीटर रेल को सिंगल पीस में रोल कर, भारतीय रेलवे को 260 मीटर वेल्डेड रेल पैनलों में आपूर्ति करता है। माइक्रो-अलॉयड रेल की आवश्यकता को पूरा करने हेतु, सेल-बीएसपी ने 60ई1 प्रोफाइल के साथ आर-260 रेल का एक नया ग्रेड विकसित किया था, जिसे जुलाई 2022 से रोलिंग कर भारतीय रेलवे को आपूर्ति किया जा रहा है। आर260 ग्रेड रेल के मानदंड और स्पेसीफिकेशन सेल-बीएसपी द्वारा पूर्व में उत्पादित ग्रेड-880 या यूटीएस-90 रेल और यहां तक कि यूरोपीय देशों में उपयोग की जाने वाली रेल के स्पेसीफिकेशन से भी कहीं अधिक कड़े हैं।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2024 में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने “कॉम्बो रोलिंग” मोड में आर-260 रेल के 56 रेक डिस्पैच के साथ-साथ आर350 एचटी रेल के भी तीन रेक डिस्पैच किए। चैथे रेक हेतु एचटी रेल्स उत्पादन में प्रतिदिन औसतन 10 घंटे रोलिंग के साथ केवल तीन दिन का समय लगा। साथ ही पहली रेक हेतु की गई रोलिंग की तुलना में एचटी रेल की प्राइम स्वीकृति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता व कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार तथा संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई चुनौतियों को पार करते हुए अप्रैल 2024 में आर350 एचटी रेल अभियान की सफलता हेतु यूआरएम की टीम के साथ-साथ संयंत्र की अनुसंधान और नियंत्रण प्रयोगशाला (आरसीएल), सेल की अनुसंधान शाखा आरडीसीआईएस और संयंत्र के एसएमएस-3, ए एंड डी, सी एंड आईटी, ट्रैफिक, राइट्स, ईटीएल, ईआरएस, सीआरएमई सहित सभी संबद्ध विभागों को बधाई दी है। मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) श्री अनीश सेनगुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय बीएसपी और सेल के विभिन्न विभागों और इकाइयों के टीम वर्क और नवाचार को दिया है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के एम आरडी विभाग में राजभाषा कार्यशाला सम्पन्न


भिलाई इस्पात संयंत्र के मटेरियल्स रिकवरी डिपार्टमेन्ट के सभागार में विभाग प्रमुख व मुख्य महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री सुशील कुमार के मुख्य आतिथ्य एवं महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री दीनामणि नायक, सहायक महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री अवनीश दुबे एवं अन्य कार्मिकों की उपस्थिति में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में एमआरडी के कार्यक्षेत्र में पदस्थ एफ़एसएनएल के अधिकारीगण उप प्रबंधक श्री डी. डी. नवरंगे, सहायक प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) श्री राहुल रॉय, कनिष्ठ प्रबंधक श्री सुनील कुमार नायक सहित अन्य कर्मचारियों ने भी भाग लिया|
मुख्य अतिथि श्री सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि एमआरडी में अधिकतम कार्य हिंदी भाषा में ही संपादित किए जा रहे हैं। विभागीय कार्मिकों की प्रतिभागिता, हिंदी विभाग के आयोजनों में सदैव ही रहती है। हमारा प्रयास है कि अहिंदी भाषी कार्मिक भी समस्त कार्यालयीन कार्य हिंदी में कर सकने योग्य दक्षता प्राप्त कर सकें| इसके लिए गूगल ऑनलाइन वॉइस टायपिंग एक बहुत ही उपयोगी साधन है, इसकी सहायता से जिन्हें हिंदी में लिखना नहीं आता, वे भी आसानी से हिंदी में टायपिंग कर सकते हैं। गूगल ऑनलाइन वॉइस टायपिंग का प्रशिक्षण दिया जाना बहुत ही लाभदायक है, इससे हिंदी लेखन अत्यंत ही आसान हो गया है, क्योंकि अब हिंदी लिखना भी बोलने जितना आसान हो गया है।
महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री दीनामणि नायक ने कहा कि हिंदी भाषा समझने व समझाने दोनों में सहज व सरल है। हिंदी सरल भाषा है, पूर्व में मुझे हिंदी बोलना, लिखना नहीं आता था, मैनें भिलाई आकर ही हिंदी सीखी है। हमारा संयंत्र ‘क’ क्षेत्र में स्थित है। अतः हमें हिंदी में शत-प्रतिशत कार्य करना है, व एमआरडी इसके लिये सतत प्रयासरत है।
कार्यक्रम में राजभाषा विभाग द्वारा सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार- श्री मनीष श्रीवास्तव (ओसीटी), द्वितीय पुरस्कार- श्री कुलदीप सिंह तोमर (जूनियर ऑफिसर) तथा तृतीय पुरस्कार -श्री कमलेश कुमार राजपूत (चार्जमेन) ने प्राप्त किया| प्रोत्साहन पुरस्कार विजेता श्री अभिनय कुमार (कनिष्ठ प्रबंधक-एफ़एसएनएल), श्री राकेश रोशन कर्ण (अभियंता-एफ़एसएनएल) एवं श्री व्ही मोहन राव (प्रधान सहायक- एफ़एसएनएल) रहे।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी तथा ऑनलाइन गूगल वॉइस टाइपिंग का प्रशिक्षण दिया| साथ ही ऑनलाइन नोटशीट सिस्टम सैप (SAP) में हिंदी में नोटशीट बनाने का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को राजभाषा हिंदी में समस्त कार्य करने हेतु शपथ दिलाई गई। विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी व जूनियर ऑफिसर (एमआरडी) श्री कुलदीप सिंह तोमर ने कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन किया।
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भिलाई की श्रुति अग्रवाल ने नीट-2024 में प्राप्त किए 720 में से 706 अंक : ‘एम्स’ से करना चाहती है डॉक्टरी

नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट-2024 [नीट] के परिणाम घोषित होने के साथ ही, भिलाई की सुश्री श्रुति अग्रवाल राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वालों में से एक बन गयी हैं। श्रुति, महाप्रबंधक (रिक्लेमेशन-बीएसपी), श्री शैलेंद्र अग्रवाल, की सुपुत्री हैं, तथा उनकी माता श्रीमती किरण अग्रवाल एक गृहणी हैं।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, भिलाई की छात्रा श्रुति ने अखिल भारतीय प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2024 में 720 में से 706 अंक प्राप्त किए हैं। श्रुति का ऑल इंडिया रैंक 820 है, तथा महिला वर्ग में उन्होंने 476वां स्थान प्राप्त किया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई) द्वारा आयोजित ऑल इंडिया सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2023-24 (कक्षा 12वीं) में भी 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ, सुश्री श्रुति अग्रवाल ने अपने विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
श्रुति अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करना चाहती हैं। अपनी इस सफलता पर श्रुति ने कहा, “बीएसपी-टाउनशिप की सकारात्मक शैक्षिक संस्कृति से मुझे परीक्षाओं हेतु अच्छी तैयारी करने में काफी सहायता मिली है।”
भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता तथा कार्यपालक निदेशक (वक्र्स) श्री अंजनी कुमार सहित बीएसपी के वरिष्ठ प्रबंधन ने श्रुति को उनकी सफलता पर बधाई दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र बिरादरी ने भी सुश्री श्रुति अग्रवाल को नीट-2024 व सी.बी.एस.ई-कक्षा 12वी बोर्ड परीक्षा 2023-24 में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।
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भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन 8 जून को

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर समापन समारोह आज 08 जून 2024 को संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता के मुख्य आतिथ्य में पंत स्टेडियम, सेक्टर-01 के फुटबॉल ग्राउंड में संध्या 6.00 बजे सम्पन्न होगा। समारोह की अध्यक्षता कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार करेंगें। इस अवसर पर संयंत्र के अन्य उच्च अधिकारीगण सहित विभिन्न खेलों के प्रतिभागी एवं प्रशिक्षक, शिक्षा विभाग के पीटीआई, विभागीय कार्यकर्ता एवं अन्य खेल प्रेमी भी उपस्थित रहेंगे।
ज्ञात हो कि प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीडा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा दिनांक 10 मई 2024 से 08 जून 2024 तक ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान 41 खेल परिसरों में 135 अनुभवी प्रशिक्षकों (कोच) द्वारा लगभग 2700 बच्चों को 25 विभिन्न खेलों में प्रशिक्षित किया गया।
इस ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन में भिलाई इस्पात संयंत्र का क्रीडा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं, सीएसआर तथा शिक्षा विभाग सक्रिय भूमिका अदा कर रहा है। विदित हो कि ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर-2024 का विधिवत उद्घाटन समारोह मौसम सम्बन्धी कारणों की वजह से संयंत्र प्रबंधन द्वारा आयोजित नहीं किया जा सका। यद्यपि 10 मई से ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में शामिल 25 खेलों का विभिन्न खेल परिसरों में बच्चों को प्रशिक्षित किया जाना प्रारंभ हो चुका था। प्रतिवर्ष आयोजित इस शिविर में बच्चे बड़ी संख्या में भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करते है।
ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर-2024 में शामिल 25 खेलों, एथलेटिक्स, बैडमिन्टन, बाॅल बैडमिन्टन, बास्केटबाॅल, बाॅक्सिंग, शतरंज, क्रिकेट, फुटबाॅल, हैंण्डबाॅल, हाॅकी, कराटे, जूडो, पावर लिफ्टिंग, कबड्डी, टेनिस, टेबल टेनिस, वालीबाॅल, योगा, सायकल पोलो, कराटे, फेंसिंग, जिम्नास्टिक, खो-खो, नेटबाॅल, भारोत्तोल तथा कुश्ती का विभिन्न खेल परिसरों, शालाओं के हाॅल एवं क्रीड़ागणों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पौष्टिक भोजन जैसे गुड़, भुना चना आदि भी प्रदान किया जाता है और प्रशिक्षुओं को खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र एकमात्र ऐसा संगठन है जो खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने इस तरह का विशाल खेल प्रशिक्षण सुविधा का विगत 50 वर्षों से आयोजन करता आ रहा है।
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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के लाभ को 2000 करोड़ बढ़ाने प्रबंधन ने कस ली कमर

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा अपने आगामी उत्पाद, लाभ, योजना, नवीन तकनीक, कार्यशैली आदि से सम्बंधित प्रभावी सूचनाओं को संयंत्र के अधिकारियों और कार्मिकों तक पहुँचाने के लिए विगत महीनों से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संयंत्र प्रबंधन लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन (एलजीआई) कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। जिसमें विगत वित्त वर्ष और बाजार के तुलनात्मक आंकड़ों, तथ्यों और जानकारी के आधार पर वर्तमान वित्त वर्ष और आगामी वित्त वर्ष के लिए विभिन्न विषयों की योजनाओं, चुनौतियों, सुझावों और वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा प्रस्तुत समाधानों पर चर्चाएँ की जाती है। इस वर्ष बीएसपी ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक लाभ प्राप्त करने का आंतरिक लक्ष्य रख रहा है।
03 जून 2024 को आयोजित एलजीआई कार्यशाला में कर्मचारियों को उत्पादन, सुरक्षा और तकनीकी आर्थिक मापदंडों के संबंध में प्रत्येक विभाग के लिए निर्धारित कॉस्ट-रिडक्शन लक्ष्यों को प्राप्त करके चालू वित्तीय वर्ष में 5,000 करोड रुपये से अधिक का लाभ प्राप्त करने, एवं 5000 रुपये प्रति टन के कॉस्ट-रिडक्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। यह भी बताया गया कि हमारे उत्पादन की लागत को कम करने की तत्काल आवश्यकता है। इस एलजीआई में अनावश्यक व्यय में कटौती करने और बेहतर उपयोग के लिए जहां भी आवश्यक हो आवंटित बजट का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य शॉप्स द्वारा उपभोग के लिए आवश्यक स्टोर और स्पेयर रखना और साथ ही समग्र इन्वेंट्री स्तर के साथ-साथ नॉन-मूविंग स्पेयर इन्वेंट्री को कम करना बताया गया। प्रबंधन द्वारा लाभ और लागत में सुधार के लिए विभिन्न कदमों पर चर्चा की गई, जिसमें वित्त और लेखा विभाग द्वारा प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के साथ बातचीत भी की गई। उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के साथ-साथ उधारी के स्तर को कम करने के लिए कम से कम 5,000 रुपये प्रति टन की लागत में कमी लाने के लिए प्रेरित किया गया। एलजीआई का उद्देश्य, सेल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा कंपनी के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों, कार्मिकों, विभिन्न यूनियन प्रतिनिधियों को संयंत्र के उच्च प्रबंधन से प्रत्यक्ष रूप से चर्चा करने का मंच प्रदान करना है।
03 जून 2024 को आयोजित लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन में प्रश्नों का जवाब देते हुए संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने कहा, कि भिलाई की टीम जो ठान ले उसे हासिल कर लेती है। उन्होंने कहा हमने लाभ कमाने के बारे में बात की ताकि हम सभी सामूहिक रूप से विकास कर सकें। किसी भी संगठन के लिए लाभ कमाना गर्व की बात है। यह महत्वपूर्ण है कि हम संगठन को पूरी तरह से अपनाकर संगठन के लिए लाभ कमाने की दिशा में काम करें। हमें प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उत्पादन की लागत को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। हम अपने उत्पादों को अपनी दरों पर तभी बेच सकते हैं जब हम अधिक से अधिक स्पेशल ग्रेड के स्टील का उत्पादन करें और इन सेगमेंट में मार्केट लीडर बने। ऐसा करने से हम मार्केट में अपने उत्पादों का दर निश्चित कर सकते हैं। उन्होंने प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, कि हम प्रयास करेंगे कि आपके उपयुक्त सुझावों को लागू कर पाये और आगामी लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें। संवाद सत्र में संयंत्र के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न किये, जिनका संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने विषयों के अनुरूप और अनुकूल उत्तर दिये। इस कार्यशाला का आयोजन, फाइनेंसियल परफार्मेंस से सम्बन्धित सभी प्रभावी सूचनाओं को संयंत्र के अधिकारियों के साथ साथ कार्मिकों तक पहुँचाने के लिए किया गया।
कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान कई बिदुओं पर चर्चा की गई, जो लागत को कम करने और लाभप्रदता में सुधार करने में मदद करेगी। कर्मचारी द्वारा पूछे गए प्रश्न पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त और लेखा) और कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) द्वारा महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाया गया। कार्यपालक निदेशक (वित्त और लेखा) ने बताया, कि पिछले कुछ वर्षों में वित्त विभाग और सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा की गई अभिनव पहलों के कारण पर्चेस अनुरोध और पर्चेस आदेश चरणों के बीच फाइल प्रसंस्करण में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आई है। वित्त विभाग परिचालन अधिकारियों और वाणिज्यिक विभागों के साथ चर्चा कर मुद्दों को जल्दी सुलझाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) और कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) दोनों ने बताया कि स्पेयर पार्ट्स, इन्वेंट्री के स्तर में वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने विभागों से आवश्यतानुरूप खरीद योजना का सहारा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हमारे संयंत्र में सहयोगी इकाइयों की तुलना में प्रति टन स्टील उत्पादन पर स्टोर और स्पेयर की विशिष्ट खपत और आउटसोर्सिंग खर्च अधिक है। इसलिए केवल आवश्यक स्पेयर खरीदने और आउटसोर्सिंग व्यय को तर्कसंगत बनाने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि उत्पादन की कुल लागत को कम किया जा सकें। इसी तरह, हमें लागत कम करने के लिए अपने प्रमुख तकनीकी-आर्थिक मापदंडों में सुधार करने की भी आवश्यकता है।
संवाद सत्र के दौरान वर्ल्ड स्टील सीनारियो, कोर एरिया प्रोडक्शन, प्रोडक्शन कॉस्ट, डिस्पैच तथा कॉस्ट सेविंग इनिशिएटिव, संयंत्र की वर्तमान क्षमता से संबंधित वित्तीय विषयों के प्रश्नोंके जवाब में, निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने कहा, कि मई माह में हमने कॉस्ट संबंधित बहुत सारे सुधार किए हैं और सम्भावित क्षेत्र में इनिशिएटिव लेकर हम अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, यह हमारी योग्यता पर निर्भर करता है कि भविष्य में भी हम सब मिलकर अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए, आगामी वर्ष के लिए कॉस्ट कटिंग से नहीं बल्कि कॉस्ट रिडक्शन से निर्धारित लाभ के लक्ष्य को प्राप्त करें। ठेका श्रमिकों के कार्यशैली, कार्य की प्रकृति एवं उनकी सेफ्टी से संबंधित सवालों के जवाब में उच्च अधिकारियों ने सुरक्षा को सर्वोपरी बताते हुए कहा, कि कॉन्ट्रैक्ट सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम अभी प्रस्तावित है, जिसमें उन्हें सेफ्टी के साथ गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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