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विमोचन : बांग्ला भाषा की पत्रिका ‘मध्यबलय’ के अंक-57 का विमोचन : 1983 से नियमित प्रकाशित हो रही है ‘मध्यबलय’ : संस्थापक संपादक थे स्व. शिवब्रत देवानजी, वर्तमान संपादक हैं दुलाल समाद्दार

👉 ‘मध्यबलय’ अंक-57
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य ने ‘मध्यबलय’ के संपादक एवं बांग्ला-हिंदी के कवि दुलाल समाद्दार से ‘मध्यबलय- अंक 57’ के विमोचन के पश्चात बातचीत की…
दुलाल समाद्दार ने कहा-

👉 दुलाल समाद्दार, संपादक, ‘मध्यबलय’
‘मध्यबलय’ पत्रिका ‘भिलाई बंगीय साहित्य संस्था’ द्वारा प्रकाशित बांग्ला साहित्यिक पत्रिका है. ‘मध्यबलय’ का नियमित प्रकाशन 1983 से की जा रही है. ‘भिलाई बंगीय साहित्य संस्था’ की स्थापना 1960 में हुई थी.
‘मध्यबलय’ पत्रिका के संस्थापक संपादक बांग्ला के प्रख्यात कवि लेखक शिवब्रत देवानजी थे. उन दिनों संपादक मंडल में कवि क्षितीश देव सिकदार और बांग्ला कवि व कथाकार समरेंद्र विश्वास थे. ‘मध्यबलय’ रजत जयंती अंक 1908 एवं हीरक जयंती अंक 2018 को हुआ था. इन दोनों अंक के अलावा सभी अंकों के प्रधान संपादक रहे शिवब्रत देवानजी और सह संपादक मैं दुलाल समाद्दार. 2020 में शिवब्रत देवानजी के महाप्रयाण गमनलोक के बाद मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और तब से अनवरत ‘मध्यबलय’ के माध्यम से बांग्ला साहित्यिक भाषा की सेवा कर रहा हूँ.
दुलाल समाद्दार ने आगे कहा कि ‘मध्यबलय’ को इन संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है-
• साहित्य सेतु पुरस्कार
• महा दिगन्त पुरुस्कार
• लिटिल मेग्ज़िन पुरुस्कार
• शिल्प ओ साहित्य सम्मान
• वासभूमि पत्रिका सम्मान
• दूरेर खेया श्रेष्ठ लिटिल मेगाजिन सम्मान
‘मध्यबलय’ अंक-57 : विमोचन के साक्षी बने-




‘बंगीय साहित्य संस्था’ द्वारा प्रकाशित पत्रिका ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार के उपस्थिति में उप सभापति स्मृति दत्ता, उप सचिव प्रकाशचंद्र मण्डल, कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी, उप कोषाध्यक्ष सोमाली शर्मा, सक्रिय सदस्य समरेंद्र विश्वास,आलोक कुमार चंदा, बृजेश मलिक, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, रविंद्रनाथ देबनाथ, वीरेंद्र नाथ सरकार और संस्था के प्रबुद्धजन.
[ ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार ने ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य को जैसा बताया. ]
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chhattisgarhaaspaas
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