- Home
- Chhattisgarh
- कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-46
कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-46

भिलाई-दुर्ग : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में प्रति सप्ताह आयोजित ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’ में इस सप्ताह [इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई निवास, भिलाई में 6,जुलाई 2024] विचार-विमर्श एवं काव्य पाठ में शामिल हुए-
• डॉ. भवानी प्रसाद मुखर्जी
[ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के पूर्व अध्यक्ष,93 वर्षीय वयोवृद्ध लेखक ]
• श्रीमती स्मृति दत्ता
[ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति व बांग्ला की लेखिका ]
• दुलाल समाद्दार
[ ‘मध्यबलय’ के संपादक व बांग्ला-हिंदी के कवि ]
• प्रकाशचंद्र मण्डल
[ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के उप सचिव, बांग्ला-हिंदी के कवि व नाट्यकार ]
• प्रदीप भट्टाचार्य
[ ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ एवं ‘ मुक्तकंठ’ के संपादक एवं कवि ]
• पल्लव चटर्जी
[ बांग्ला-हिंदी के कवि ]
• समरेंद्र विश्वास
[ बांग्ला के कवि, लेखक ]
• आलोक कुमार चंदा
[ ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के सलाह कार संपादक व समाजसेवी ]
• बृजेश मल्लिक
[ राष्ट्रवादी चिंतक कवि ]
• पं. वासुदेव भट्टाचार्य
[ ‘हिंदू मिलन मंदिर’ के पुजारी व बांग्ला कवि ]
• वीरेंद्रनाथ सरकार
[ कवि व लेखक ]
• रविंद्रनाथ देबनाथ
[ सामाजिक चिंतक व भाषाविद ]
▪️
आज के ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’ की अध्यक्षता डॉ. बीपी मुखर्जी ने किया. प्रारंभ में डॉ. मुखर्जी की कृति ‘सोवियत की सहायता से भिलाई इस्पात संयंत्र निर्माण का इतिहास’ पर सदस्यों ने चर्चा करते हुए स्मृति दत्ता ने कहा यह संग्रह भिलाई और संयंत्र की स्थापना से अब तक की कहानी को सुंदर रूप अंकित किया गया है. पठनीय व संग्रहित इस पुस्तक के लेखक डॉ. मुखर्जी को बधाई. दुलाल समाद्दार ने कहा कि इस संग्रह को अगर बांग्ला के अलावा, अंग्रेजी भाषा में भी प्रकाशित किया जाता तो ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक यह पुस्तक पहुंचती. प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि पुस्तक में प्रकाशित बांग्ला लेखों को हिंदी में रूपान्तर कर क्रमवार हिंदी पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ में प्रकाशित किया जाएगा. बाकी उपस्थित सदस्यों ने भी डॉ. बीपी मुखर्जी को इस संग्रह के लिए बधाई दी.
▪️
लेखक डॉ. बीपी मुखर्जी की बांग्ला कृति ‘सोवियत के सहायता से भिलाई इस्पात संयंत्र निर्माण का इतिहास’ और अंग्रेजी Story Book ‘IMAGE OF LEPROSY’ in CHHATTISGARH एवं अंशुमन रॉय ‘राजा’ की कृति ‘दुस्साहस’ सदस्यों को भेंट-


👉 ‘दुस्साहस’ [लेखक अंशुमन रॉय ‘राजा’ ] की प्रति भेंट करते हुए [बाएँ से] प्रदीप भट्टाचार्य, डॉ. बीपी मुखर्जी, पल्लव चटर्जी, प्रकाशचंद्र मण्डल और बृजेश मल्लिक

👉 लेखिका स्मृति दत्ता लिखित बांग्ला संग्रह ‘त्रिधारा’ डॉ. बीपी मुखर्जी को भेंट करते हुए स्मृति दत्ता
▪️
काव्यपाठ

👉 {बाएँ से} : प्रदीप भट्टाचार्य, पल्लव चटर्जी, वीरेंद्र नाथ सरकार, बृजेश मल्लिक, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, समरेंद्र विश्वास, डॉ. बीपी मुखर्जी, दुलाल समाद्दार, आलोक कुमार चंदा, रविंद्रनाथ देबनाथ, स्मृति दत्ता और प्रकाशचंद्र मण्डल
इस अवसर पर डॉ. बीपी मुखर्जी ने अपने किताब पर अपनी बात रखी. सभी उपस्थित सदस्यों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया.
आगामी बैठक 13, जुलाई को होगी, जिसमें ‘मुक्तकंठ’ माह जून-2024 अंक का लोकार्पण भी किया जाएगा.
आज के ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’ का संचालन प्रकाशचंद्र मण्डल और आभार व्यक्त बृजेश मल्लिक ने किया.
[ • रपट, प्रदीप भट्टाचार्य • फोटो सौजन्य आलोक कुमार चंदा व पल्लव चटर्जी ]
▪️▪️▪️▪️▪️
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)