- Home
- Chhattisgarh
- छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]
छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

कोक ओवन के कर्मचारी शिरोमणी पुरस्कार से हुए सम्मानित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में शिरोमणी पुरस्कार योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट तथा अनुकरणीय कार्य निष्पादन के लिए शिरोमणि पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसी के तहत संयंत्र के कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग में 16 जुलाई 2024 को कर्म शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग) श्री तरूण कनरार उपस्थित थे।
श्री तरुण कनरार ने शिरोमणि पुरस्कार समिति द्वारा अनुशंसित, मास्टर आॅपरेटर (बैटरी आॅपरेशन) श्री राजेश कुमार एवं मास्टर आॅपरेटर (कोक सार्टिंग प्लांट) श्री रामेश्वर प्रसाद को जून 2024 के लिए कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया। विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र तथा उनके जीवनसाथी के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
श्री तरूण कनरार ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने सुरक्षा को प्राथमिकता देकर आगे भी इसी तरह लगन से कार्य करते रहने तथा अपने अधीनस्थ कार्मिकों को भी कार्य में निपुण करने के लिए सभी पुरस्कार विजेताओं को प्रेरित किया।
इस समारोह में महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री समीर राय चौधरी, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री पी वी वी एस मूर्ति, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री बी पासवान, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री बी सी मंडल, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री झगर सिंह, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री अतुल गोस्वामी, महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री ए आर साहू तथा सहायक महाप्रबंधक (सीओसीसीडी) श्री रूपेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। उपस्थित सभी अनुभाग प्रमुखों एवं अधिकारियों ने भी पुरस्कार विजेताओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
कार्यक्रम में अतिरिक्त श्रम कल्याण अधिकारी, श्री प्रवीण शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया एवं संचालन कार्मिक अधिकारी एमटीटी (एचआर-एल एंड डी) सुश्री मारेपल्ली तन्मयी द्वारा किया गया।
—————-
टायफाईड, डेंगू और मलेरिया के मरीजों को देखते हुए जनता से सतर्कता की अपील

बारिश के मौसम में विभिन्न कीटाणुओं और विषाणुओं के संपर्क में आने से अनेक तरह की बीमारियों का खतरा होता है, जिनकी ओर ध्यान न देने पर गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। मानसून के आगमन के साथ ही शहर में टायफाईड, डेंगू, दस्त-पेचिश और मलेरिया आदि के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है| अत: इस्पात नगरी में इन बीमारियों के रोकथाम के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र, जनता से सतर्कता की अपील करता है, कि इन मानसूनी बीमारियों से बचाव के आवश्यक उपायों व तरीकों का गंभीरता से पालन करे|
मानसून के इन्हीं खतरों के दृष्टिगत भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग, इन बीमारयों से सुरक्षा हेतु शहरवासियों को जागरूक करने का निरंतर प्रयास कर रहा है| भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा, इस्पात नगरी में मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि की रोकथाम के लिए 15 जून 2024 से सघन अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। इस अभियान के तहत, इस्पात नगरी के आवासों का सर्वे, निरीक्षण, दवाओं का वितरण तथा छिड़काव शुरू हो चुका है। बीएसपी का जन स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाती है, जिसके तहत वे घर-घर जाकर पानी के पात्रों को खाली कर उनकी सफाई व दवाइयों का छिड़काव आदि करती है| इसके अलावा बीएसपी के जन स्वास्थ्य विभाग एवं जिला मलेरिया विभाग, दुर्ग द्वारा संयुक्त रूप से लगातार उनके प्रशिक्षित कर्मचारियों के सहयोग से घर-घर सर्वेक्षण, दवाइयों के वितरण और छिड़काव आदि के कार्य के साथ इस्पात नगरी के नागरिकों को इसके लिए निरंतर जागरूक भी किया जा रहा है। इन बीमारियों से बचाव हेतु इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी होना अति आवश्यक है|

डेंगू के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
डेंगू एडिस नामक मच्छर के काटने से होती है, जो दिन के समय काटता है, अतः इससे बचाव के लिए मच्छरों से बचने का पूरा प्रबंध करें जैसे मच्छरदानी का उपयोग, शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल आदि करें| डेंगू के प्रमुख लक्षण अचानक सिर दर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना, जी मिचलाना एवं उल्टी होना तथा गंभीर मामलों में नाक, मुँह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना आदि हैं|
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें| डेंगू से बचने के लिए सावधानी ही सुरक्षा है, अत: डेंगू से बचाव के उपायों को अवश्य अपनाएं| जैसे कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सुखाकर प्रयोग करें, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें, घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली/परदे लगायें, पैर में मोजे पहने एवं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
मलेरिया के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
मलेरिया एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनाफिलिज़ मच्छर के काटने से फैलती है। आमतौर पर संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के 10-15 दिन बाद इसके लक्षण दिखने लगते हैं।
मलेरिया के लक्षणों में तेज़ बुखार के साथ कपकपी आना, पसीना आना, मतली या उलटी, सिरदर्द, दस्त, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द इत्यादि हो सकते हैं| इससे बचने के लिए मच्छरों से बचाव के तरीके अपनाएं व लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें|
आंत्रज्वर (टायफायड) के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
आंत्रज्वर जीवन के लिए एक खतरनाक रोग है जो सलमोनेल्ला टायफी नामक जीवाणु (बैक्टीरिया) से होता है, जिसकी संभावना बारिश के मौसम में अत्यंत बढ़ जाती है| आंत्रज्वर (टाइफायड) का उपचार सामान्यतः एंटीबायोटिक दवाइयों से किया जा सकता है। इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है।
यह रोग गंदे हाथों से खाना खाने से, दुषित पानी पीने से दूषित खाना खाने से होता है। टायफायड में दस्त लगना व मल में खून आना, भूख न लगना व कमज़ोरी आना, पेट पर पित्तिका निकलना, उल्टियां आना, तेज बुखार व सिर में तेज दर्द होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं| इसके उपचार के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, साथ ही समय पर दवाइयों का सेवन करें व पूरा आराम करें। शौच के बाद व खाना बनाने अथवा खाने से पहले हाथ अच्छी तरह से अवश्य धोएं, स्वच्छ पानी पियें और पूर्णत: पका खाना ही खायें। अपनें आसपास सफाई बनाये रखें और पानी को इकट्ठा न होने दें।

दस्त/ पेचिश रोग के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
प्रायः दस्त रोग दूषित पानी के सेवन से होता है। बच्चों में यह बीमारी गंभीर हो सकती है। शरीर से ज्यादा पानी निकल जाने से बच्चे की मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में पेचिश, बुखार आना, पेट में ऐंठन, निर्जलीकरण, मतली और उल्टी, भूख में कमी इत्यादि हैं| इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का, शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध भोजन का सेवन करें| अच्छी तरह से हाथ धोकर खाना खाएं, हरी सब्जी एवं फलों का सेवन धोकर करें, सड़े गले फल एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें, खाने-पीने की वस्तुओं को ढंककर रखें, दस्त लगने पर डॉक्टर की सलाह पर ओ.आर.एस. एवं जिंक सल्फेट गोली का उपयोग करें।
नागरिकों से अपील
भिलाई इस्पात संयंत्र का जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग पुन: इस्पात नगरी के सभी शहरवासियों से अपील करता है कि उपरोक्त मौसमी बीमारियाँ हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, अत: इन बीमारियों के प्रति जागरूक रहते हुए सभी आवश्यक सावधानियों एवं उपायों का पालन अवश्य करें|
——————-
वर्तमान वित्तीय वर्ष में सेल-बीएसपी के साबरमती वेल्डिंग प्लांट से लांग रेल के 13 रेक भेजे गए

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के साबरमती स्थित फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट (एफबीडब्ल्यूपी) से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक भारतीय रेलवे को 260 मीटर वेल्डेड रेल पैनल का 13 रेक भेजा जा चुका हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में एफबीडब्ल्यूपी, साबरमती से भारतीय रेलवे को लांग रेल के 12 रेक भेजे गए थे। साबरमती प्लांट से 260 मीटर वेल्डेड रेल पैनल की पहली रेक नवंबर 2023 में भेजी गई थी।
वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक भेजी गई 13 रेक में जुलाई 2024 में भेजी गई तीन रेक शामिल हैं। तीन रेक 8 जुलाई, 13 जुलाई और 16 जुलाई 2024 को भेजी गई। एफबीडब्ल्यूपी में वेल्डिंग हेतु इनपुट रेल की आपूर्ति भिलाई इस्पात संयंत्र के रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल द्वारा 26 मीटर लंबाई में की जा रही है। साबरमती स्थित फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट के उपयोग से भारतीय रेलवे को 260 मीटर लंबी रेल आपूर्ति की मात्रा बढ़ाने में सेल-बीएसपी को मदद मिली है।
—————–
आदर्श इस्पात चंगोरी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के तत्वाधान में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग (सीएसआर) द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों एवं खदान क्षेत्रों में किया जाता है। इसी कड़ी में 16 जुलाई 2024 को आदर्श इस्पात ग्राम चंगोरी में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम चंगोरी के पंचायत भवन में आयोजित चिकित्सा शिविर में पंचायत प्रतिनिधि सहित सीएसआर मेडिकल टीम से चिकित्सक डॉ निशि मिंज, बीपी व शुगर परीक्षण हेतु श्रीमती रेखा देव, फार्मासिस्ट श्री खिलावन कुम्भकार, पंजीयन हेतु श्री मंजूर अली तथा सीएसआर विभाग से श्री आशुतोष सोनी उपस्थित थे| इस शिविर में कुल 25 लोगों की जांच करके उनको दवाईयों का वितरण किया गया, जिसमें 16 पुरुष, 02 महिलाएं एवं 07 बच्चे शामिल थे| प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में सामान्य जांच, शुगर, बीपी जांच के अतिरिक्त निःशुल्क दवाएं भी प्रदान की गई।

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की निःशुल्क जाँच की सुविधा काफी लंबे समय से उपलब्ध कराता आ रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए निरन्तर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, संयंत्र के परिधीय क्षेत्रों तथा खनि नगरियों में किया जा रहा है।
——००——
अवैध कब्जेधारियों के खिलाफ कार्यवाही जारी, 2024-25 में कुल 484 अवैध कब्जा आवासों को कराया खाली

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा लगातार आठवें दिन भी माननीय संपदा न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना, भिलाई नगर, पुलिस बल की सहायता से अवैध कब्जेधारियों पर बड़ी कार्यवाही की गई। दिनांक 16 जुलाई 2024 को अवैध कब्जेधारियों पर बेदखली कार्यवाही करते हुए कुल 26 आवासों से अवैध कब्जेधारी निकाले गए, जिसमें कुल 21 डिक्री आवासों पर अवैध कब्जे को खाली कराया गया। इन बीएसपी आवासों को अवैध रूप से कब्जा कर दलालों द्वारा किराया वसूली किया जा रहा है।

16 जुलाई 2024 को सेक्टर-06 में अनफिट ब्लॉक्स में कुल 26 अनफिट आवासों को खाली कराया गया| इन आवासों में विद्युत-जल आपूर्ति को बंद कर, दरवाजे खिड़कियों को निकाल दिया गया है। साथ ही सिविल विभाग द्वारा पार्शियल डिमोलिशन (आंशिक रूप से ध्वस्त) करना शुरू कर दिया गया है। 2024-25 में अब तक माननीय संपदा न्यायालय से पारित कुल 263 डिक्री आवासों से अवैध कब्जेधारियों से खाली करवाए गए एवं कुल 484 अवैध कब्जा आवासों को खाली कराया जा चुका है। निम्नलिखित 21 डिक्री आदेश आवास से अवैध कब्जेधारियों को बेदखल किया गया-
340/2023, 341/2023, 342/2023, 343/2023, 236/2023, 237/2023, 238/2023, 239/2023, 240/2023, 241/2023, 242/2023, 243/2023, 244/2023, 245/2023, 246/2023, 247/2023, 248/2023, 249/2023, 250/2023, 251/2023 एवं 252/2023.
उपरोक्त अनफिट ब्लॉक्स को अधिकृत एजेंसी द्वारा खतरनाक घोषित किया जा चुका है। इन अवैध कब्जेधारियों, भू माफियाओं और दलालों के विरुद्ध बीएसपी प्रबंधन द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी तथा आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी। बीएसपी आवासों में अवैध रूप से रहने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी आदेश जारी कर कार्यवाही की जाएगी।
भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग नागरिकों से अपील करता है कि दलालों व भू-माफियाओं से सावधान व सतर्क रहें तथा बीएसपी आवासों को किराया पर नहीं लें। ऐसे प्रकरणों की सूचना तत्काल पुलिस थाने तथा नगर सेवाएं विभाग के प्रवर्तन अनुभाग के कार्यालय में देवें।
—————–
भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के लिए विशेष इंडस्ट्री 4.0 पर जागरूकता’ कार्यक्रम का आयोजन

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एचआरडी सेंटर में 15 जुलाई 2024 को एचआर-एल एंड डी विभाग द्वारा गैर-कार्यपालकों हेतु एक-दिवसीय विशेष कार्यक्रम ‘इंडस्ट्री 4.0 पर जागरूकता’ कार्यशाला आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से चयनित कुल 28 प्रतिभागियों ने भाग लिया|
उद्घाटन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) एवं अध्यक्ष (डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन हेतु संचालन समिति) श्री टीके कृष्ण कुमार उपस्थित थे। उन्होंने एचआर-एल एंड डी विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को इस विशेष कार्यक्रम से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (एचआर-एल एंड डी) श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया एवं उपमहाप्रबंधक (ए एंड डी) सुश्री नीरजा शर्मा द्वारा कार्यक्रम की संरचना के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। उद्घाटन सत्र का संचालन कनिष्ठ अधिकारी (एचआर-एल एंड डी) श्री एस फज़ली ने किया।

इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री 4.0 पर प्रश्नोत्तरी, इंडस्ट्री 4.0 का परिचय, इंडस्ट्री 4.0 की तकनीकें, विजनिंग अभ्यास, डिजिटल परिवर्तन पहलों का कार्यान्वयन और बीएसपी में संभावनाओं की खोज जैसे विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं रोचक सत्र शामिल थे।
कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी,बीई) श्रीमती निशा सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं| उन्होंने कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया एवं कार्यक्रम का फीडबैक भी लिया। उन्होंने इस अत्यंत उपयोगी और संवादात्मक कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की और इस बात पर भी जोर दिया कि एचआर-एल एंड डी 2024-25 में ऐसे और कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
——————
जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पं. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र के सभागार में 11 जुलाई 2024 को विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ एम रवींद्रनाथ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ विनीता द्विवेदी व डॉ कौशलेंद्र ठाकुर, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एंड सर्विसेस) श्री शाहिद अहमद तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के कार्यकारी विभागाध्यक्ष व एसीएमओ डॉ रोशन हुसैन द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पं. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र द्वारा वैश्विक जनसंख्या वृद्धि संबंधी समस्याओं को संबोधित करते हुए विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। आंकड़ो के अनुसार विश्व की जनसंख्या 8.019 बिलियन और भारत की जनसंख्या 1.44 बिलियन पहुंच गई है। इस कार्यक्रम में जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण हेतु त्वरित कार्रवाई की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला गया। समारोह में विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम “वैश्विक जनसंख्या मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाना” के अनुरूप विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा डॉ रोशन हुसैन के मार्गदर्शन में किया गया। बढ़ती जनसंख्या के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष अस्पताल प्रबंधन द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।
पोस्टर प्रतियोगिता के चयनित पोस्टरों की प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ एम रवींद्रनाथ ने किया। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग और अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छात्रों ने भाग लिया। पीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विचारोत्तेजक नाटक ने जागरूकता अभियान में रचनात्मक आयाम जोड़ा।
कार्यक्रम में उपस्थित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने जनसंख्या वृद्धि को संबोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने बढ़ती आबादी को रोकने के लिए जनसंख्या वृद्धि के परिणामों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने, लैंगिक समानता, महिला शिक्षा को बढ़ावा देना, लघु परिवारों की महत्ता के बारे में बताना, गर्भनिरोधक उपायों तक पहुँच में सुधार करना, मिथकों को दूर करना तथा ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में लड़कियों की कम उम्र में शादी और बार-बार बच्चे के जन्म के जोखिमों के संबंध में जागरूकता फैलाना, परिवार नियोजन जैसे अन्य महत्वपूर्ण व आवश्यक उपाय अपनाकर जनसंख्या नियंत्रण करने पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए चलायी जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रसवपूर्व निःशुल्क देखभाल, अनिवार्य टीकाकरण और पोषण संबंधी पूरक आहार प्रदान उपलब्ध कराना आदि के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। समारोह में पोस्टर प्रतियोगिता और नाटक के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने जनसंख्या वृद्धि के वैश्विक मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयासों किया।
कार्यक्रम का संचालन चीफ कंसल्टेंट डॉ पी कौर ने तथा चीफ कंसल्टेंट डॉ हिमानी गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में जेएलएन अस्पताल के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, नर्स, पैरामेडिक स्टाफ, नर्सिंग कॉलेज के छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पं. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और वैश्विक जनसंख्या वृद्धि से संबंधित समस्याओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
——————-
सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी ने मूर्तिकार श्री जतीनदास के साथ “फ्लाइट ऑफ स्टील” कलाकृति का अवलोकन किया

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा भिलाई टाउनशिप के हृदय स्थल जयंती स्टेडियम के समीप, मूर्तिकार पद्मभूषण श्री जतीनदास द्वारा निर्मित फ्लाइट ऑफ स्टील कलाकृति की स्थापना की जा रही है। फ्लाइट ऑफ स्टील कलाकृति की स्थापना का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। इसके अवलोकन हेतु 17 जुलाई 2024 को निदेशक प्रभारी (सेल-बीएसपी) श्री अनिर्बान दासगुप्ता एवं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने, श्री जतीनदास के साथ ‘फ्लाइट ऑफ स्टील’ कलाकृति स्थल का जायजा लिया। अवलोकन के दौरान, श्री जतीनदास के निर्देशन में इसकी पूर्णता हेतु चर्चा की गई तथा क्रमशः किये जाने वाले कार्यों के लिए दिशा निर्देश दिए गये।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं सीएसआर) श्री जे वाय सपकाले, महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री विष्णु के पाठक, महाप्रबंधक (डीआईसी- सचिवालय) श्री अतुल नौटियाल, महाप्रबंधक (जनसम्पर्क) श्री प्रशांत तिवारी, महाप्रबंधक (एल एंड ए) श्री सौमिक डे, उप महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री आर गर्ग, सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री एस के झा, सहायक महाप्रबंधक (नगर सेवाएं/उद्यानिकी) श्री पी पी रॉय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस कलाकृति की स्थापना का कार्य नगर सेवाएं विभाग द्वारा, पद्मभूषण से सम्मानित श्री जतीनदास के निर्देशन में सम्पन्न किया जा रहा है। इस कलाकृति की स्थापना के साथ-साथ कलाकृति के चारों ओर लगभग 60 मीटर वर्गाकार क्षेत्र में चेनलिंक फेन्सिंग की गयी है। फेन्सिंग के अंदर चारों तरफ आकर्षक पौधों का रोपण किया जा रहा है तथा उससे लगे हुए स्थान पर लोगों के विचरण हेतु पेवर ब्लॉक बिछाया गया है| साथ ही इसके आसपास फूलों की क्यारियां भी बनाई जा रही है। मुख्य कलाकृति के ठीक नीचे ग्रेनाइट टाइल्स का आधार एवं उसके चारो ओर के स्थान पर घनाकार पेवर ब्लाक से आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। बाकी के बचे स्थानों पर ग्रीन टाइल्स लगाये जाने तथा बारिश आदि के पानी के जमाव को रोकने हेतु ड्रेनेज की व्यवस्था किये जाने की योजना है। इसके साथ ही रात्रि हेतु फ्लाइट ऑफ स्टील कलाकृति के चारो ओर आकर्षक लाइटों की भी व्यवस्था की जायेगी।
ज्ञात हो, यह कलाकृति पूर्व में एफएसएनएल ऑफिस के समीप इक्विपमेंट चौक पर स्थापित की गई थी, किन्तु संयंत्र के विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण के तहत बने फ्लाईओवर के निर्माण क्षेत्र में आने के कारण, इसका स्थान परिवर्तन कर आकर्षक रंग-रोगन के साथ इसकी पुर्नस्थापना का कार्य किया जा रहा है।
———-
कुल 44 ग्रामीणों ने उठाया बीएसपी सीएसआर द्वारा आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के तत्वाधान में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग (सीएसआर) द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों एवं खदान क्षेत्रों में किया जाता है। इसी कड़ी में 17 जुलाई 2024 को ग्राम कचान्दुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम कचान्दुर में आयोजित चिकित्सा शिविर में डॉ एम सरस्वती, नर्स श्रीमती रेखा देव, सहित बीपी सुगर जांच हेतु फार्मेसिस्ट श्री एस एस गौर, पंजीयन हेतु श्री शंभू दयाल तथा सीएसआर विभाग से श्रीमती रजनी रजक उपस्थित थे| इस शिविर में कुल 44 लोगों की जांच करके उनको दवाईयों का वितरण किया गया| प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में सामान्य जांच, शुगर, बीपी जांच के अतिरिक्त निःशुल्क दवाएं भी प्रदान की गई।

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की निःशुल्क जाँच की सुविधा काफी लंबे समय से उपलब्ध कराता आ रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए निरन्तर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, संयंत्र के परिधीय क्षेत्रों तथा खनि नगरियों में किया जा रहा है।
——००——
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)