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‘साकेत साहित्य परिषद्’ : समिति द्वारा होली मिलन समारोह : लोकगीतों में होली पर चर्चा के बाद कवियों ने समां बाँधा

‘छत्तीसगढ़ आसपास’ [राजनाँदगांव] :
राजनांदगांव-सुरगी : साकेत साहित्य परिषद सुरगी के बैनर तले ग्राम पंचायत भवन मोखला में होली मिलन समारोह काइ आयोजन किया गया। साकेत के पूर्व अध्यक्ष लखन लाल साहू लहर और पूर्व सचिव कुलेश्वर दास साहू के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव, मोहला- मानपुर -चौकी, बालोद, दुर्ग और बेमेतरा जिले के चालीस से अधिक रचनाकारों की उपस्थिति रही। प्रथम सत्र में लोक गीतों में होली विषय पर परिचर्चा आयोजित किया और द्वितीय दौर में रंगझाझर कवि गोष्ठी का दौर चला।
समारोह के मुख्य अतिथि मोखला के सरपंच हेमशंकर साहू थे एवं अध्यक्षता आत्मा राम कोशा अमात्य, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ी साहित्य राजनांदगांव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मोखला के उपसरपंच मदन लाल साहू, अरविंद कुमार लाल, सलाहकार, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, अध्यक्ष शिवनाथ साहित्य धारा डोंगरगांव, शंकर शरण प्राचार्य, हायर सेकेण्डरी स्कूल जादूटोला, बांधा बाजार,डा. इकबाल खान, अध्यक्ष वनांचल साहित्य समिति मोहला, जितेन्द्र कुमार पटेल सचिव,वनांचल साहित्य समिति मोहला,अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय कवि संगम बालोद, गिरीश ठक्कर व्यंग्यकार,राजनांदगांव, श्रीमती सुषमा मुकेश शुक्ला कवयित्री अंबागढ़ चौकी, राम कुमार चंद्रवंशी वरिष्ठ छंदकार, बेलरगोंदी, अलख राम यादव वरिष्ठ साहित्यकार बिसाहूटोला, चिचोला ,डा. प्रवीण साव, प्राध्यापक, हिंदी विभाग दिग्विजय कालेज, संत राम निषाद वरिष्ठ साहित्यकार परेवाडीह,यशवंत कुमार साहू संयोजक,अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ जिला साहू संघ राजनांदगांव , विष्णु सावर,सचिव, ग्राम विकास समिति मोखला की उपस्थिति रही। ज्ञान दायिनी मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ होली मिलन प्रारंभ हुआ। युवा लोक गायक,कवि डोहर दास साहू ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। साकेत साहित्य परिषद सुरगी के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर ने स्वागत भाषण देते हुए उपस्थित सभी लोगों को होली की शुभकामनाएं दी और
लोक गीतों में होली विषय पर आयोजित परिचर्चा में आधार वक्तव्य दिया।परिषद के सचिव राज कुमार चौधरी रौना , वरिष्ठ सदस्य मान सिंह ठाकुर,संरक्षक वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू,उपाध्यक्ष पवन यादव पहुना, आनंद राम सार्वा,नंद किशोर साव नीरव,फागू दास कोसले फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, डोहर दास साहू,बलराम सिन्हा रब ने अतिथियों का अबीर गुलाल से स्वागत किया।
समारोह के मुख्य अतिथि हेमशंकर साहू ने साकेत साहित्य परिषद की सक्रियता की तारीफ करते हुए सभी साहित्यकारों को होली की बधाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आत्माराम कोशा अमात्य, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति राजनांदगांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ”
देवताओं की विनती पर काम देव द्वारा भगवान शंकर में काम भाव जगाने के लिए बसंत ऋतु का परिसंधान किया। उस पर काम बाण चलाए। परिणाम स्वरूप काम देव को शंकर के त्रिनेत्र से भस्म होना पड़ा। उस दिन से काम देव अनंग कहलाया जो सभी प्राणियों में अनंग रुप में काम भाव में व्याप्त रहता है।
संसार की पहली होली उसी का प्रतीक है। बाद में लोक इससे जुड़ गए।
आगे कोशा ने कहा कि
लोक और शिष्ट का अविनाभाव संबंध है। शिष्ट का पैर लोक की जमीन पर ही रखा हुआ है । यही वजह है कि लोक की अनगढ़ चीजें शिष्ट द्वारा परिशोधित , परिमार्जित , परिवर्धित व संस्कारिक होकर समाज के सामने आती है। जिसे समाज स्वीकार करता है। फाग गीत का लोक स्वरुप पहले वैसे ही रहा।बाद में धर्म संस्कृति के अंग इससे जुड़ते चले गए। अमात्य ने कहा कि –
होली खेले मसाने में….
होली खेले मसाने में…
आप तो चौदह लोक बसाए,
खुद तो बसे वीराने में।
होली खेले मसाने में।
परिचर्चा में महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डा. प्रवीण साव, अलख राम यादव, श्रीमती सुषमा मुकेश शुक्ला , ओमप्रकाश साहू अंकुर ने लोकगीतों में होली पर सार्थक चर्चा की। विभिन्न उद्धरण और फाग गीत को गुन गुनाकर परिचर्चा के आनंद को द्विगुणित कर दिया। परिचर्चा का संचालन पवन यादव पहुना ने किया।द्वितीय दौर में सुप्रसिद्ध हास्य -व्यंग कवि वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू के सरस संचालन में चालीस रचनाकारों ने बसंत,होली, प्रेम के साथ ही विभिन्न रसों से ओतप्रोत रचनाएं पाठ कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। अपनी रचनाओं से माहौल को खुशनुमा बनाने वालों में अरविंद कुमार लाल, अलख राम यादव,आत्माराम कोशा अमात्य,नंद किशोर साव नीरव,वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, मान सिंह ठाकुर,लखन लाल साहू लहर अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, गिरीश ठक्कर,कुलेश्वर दास साहू,गुमान सिंह साहू, आनंद राम सार्वा, कोमल सिंह गुरू, शकर शरण, राज कुमार श्याम, बेदराम पटेल,सेवन्त देशमुख, दिलीप यादव, श्रीमती सुषमा मुकेश शुक्ला,सुश्री संगीता देशलहरे, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, फागू दास कोसले, बलराम सिन्हा, डोहर दास साहू,जितेन्द्र कुमार पटेल विद्रोही,राम कुमार चंद्रवंशी, डा. इकबाल खान, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, ओमप्रकाश साहू अंकुर, राज कुमार चौधरी रौना, लालचंद देशलहरे, लालचंद यादव, लालचंद देशलहरे,टिकेश्वर साहू, चंद्रहास साहू सम्मिलित हैं। कार्यक्रम का संचालन वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, पवन यादव पहुना एवं आभार व्यक्त लखन लाल साहू लहर पूर्व अध्यक्ष, साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने किया।


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