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‘पुरवाही साहित्य समिति’ : बेटी जन्मोत्सव पर हुई ‘पुरवाही’ की काव्य गोष्ठी : दो सत्रों में हुए कार्यक्रम में प्रथम सत्र में परिचर्चा – ‘बेटी कुल के शान’ और द्वितीय सत्र में काव्यपाठ

‘छत्तीसगढ़ आसपास’ [राजनांदगांव से ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’]
राजनांदगाँव-छुरिया :
पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया के सदस्य जसवंत सिन्हा ‘छोटू’ के निजनिवास गर्रापार में बेटी जन्म की खुशी में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। विदित हो कि ग्राम-गर्रापार में आयोजित काव्य गोष्ठी नामकरण संस्कार जैसे कार्यक्रम में होना इस अंचल के लिए विशिष्ट महत्व रखता है। इस अंचल में इस तरह का कार्यक्रम पहली बार आयोजित हुआ। काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। प्रथम सत्र में परिचर्चा- ‘बेटी कुल के शान’ तथा द्वितीय सत्र में उपस्थित कवियों द्वारा काव्यपाठ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन-वंदन अबीर-गुलाल तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर हुई। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि श्री अरविंद कुमार लाल वरिष्ठ गीतकार चिचोला, अध्यक्षता श्री शेरसिंह गोड़िया वरिष्ठ गीतकार कोलियारी, विशिष्ट वक्ता श्री दिनेश कुरेटी ‘दिलेर’ वरिष्ठ कवि बूचाटोला तथा आधारवक्तव्य पुरवाही के संयोजक श्री ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ ने दिया। अपने वक्तव्य में श्री अंकुर जी ने देश के बेटियों के महत्वपूर्ण योगदानों से परिचित कराते हुये विस्तारपूर्वक जानकारी दिया। उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, इंदिरा गांधी, सावित्री फुले, किरण बेदी, पीटी उषा, सोफिया कुरैशी, व्योमिका के कार्यों से अवगत कराया। कुरेटी जी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में सबसे ज्यादा योगदान सावित्री फुले व ज्योतिभा फुले का रहा है। इनके बदौलत ही बेटियां आज विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर पा रही है। गोड़िया जी ने कहा कि बेटी दोनों कुल की मान रखती है, उनका यथोचित सम्मान होना चाहिए। मुख्य अतिथि की आसंदी से लाल सरजी ने अपने तीनों बेटियों पर गर्व करते हुए बहुत ही खुश होने की बात कही। उन्होंने बेटियों के महत्व पर सारगर्भित वक्तव्य दिया।
द्वितीय सत्र में उपस्थित राजनांदगाँव व दुर्ग जिले के लगभग डेढ़ दर्जन कवियों द्वारा सरस् काव्यपाठ किया गया। इन कवियों ने विभिन्न रसों से ओतप्रोत रचनाएं पढ़ी। जिसमें बेटी कुल के शान, देशभक्ति, ऑपरेशन सिंदूर, प्रकृति, ग्रीष्म ऋतु, पेड़ बचाव, पानी, प्रेम-गीत, दहेज, व्यवस्था पर व्यंग्य, हास्य-व्यंग्य, सोहर, ददरिया जैसे विषय शामिल रहे। इस सत्र की अध्यक्षता श्री रामकुमार चंद्रवंशी वरिष्ठ छंदकार, गीतकार बेलरगोंदी, विशिष्ट अतिथि श्री फकीर प्रसाद साहू ‘फक्कड़’ कवि सुरगी व वेदराम पटेल वरिष्ठ कवि बेलरगोंदी रहे। अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से कवियों ने कविता की रसधार बहाकर सराबोर कर दिया। इस काव्यपाठ को सुनने बड़ी संख्या में काव्यप्रेमी ग्रामवासी अंतिम समय तक बैठे रहे। इस काव्यपाठ में अरविंद कुमार लाल, शेरसिंह गोड़िया, रामकुमार चंद्रवंशी, ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’, ग्वालाप्रसाद यादव ‘नटखट’, दिनेश कुरेटी ‘दिलेर’, वेदराम पटेल, अलखराम यादव, रमेश मंडावी, फकीर प्रसाद साहू ‘फक्कड़’, डोहर साहू, कुलेश्वर दास साहू, नंदकुमार साहू ‘नादान’, होरीलाल भुआर्य, हेमलाल सहारे, सेवन्त देशमुख, कोमल साहू, तथा जसवंत सिन्हा ने काव्यपाठ किया। प्रथम सत्र के कार्यक्रम का संचालन नंदकुमार साहू ‘नादान’ व द्वितीय सत्र का संचालन ग्वालाप्रसाद यादव ‘नटखट’ ने किया। आयोजक जसवंत सिन्हा जी ने अंत में सभी साहित्यकारों को श्रीफल, गमछा, पेन तथा एक-एक पेड़ देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में ग्राम के युवा सरपंच अजय साहू व उपसरपंच की महती भूमिका रही। उक्त जानकारी हेमलाल सहारे, सचिव,पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया जिला राजनांदगांव ने दी है।


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