- Home
- Chhattisgarh
- ‘वेंकटेश साहित्य मंच’ छत्तीसगढ़ रायपुर की प्रस्तुति : OPEN MIC “मेरी रचना-मेरा विषय” में राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन के आयोजन में 50 से अधिक वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों ने भाग लिया : काव्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट रचनाकारों को प्रथम, द्वितीय,तृतीय और सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया एवं सभी प्रतिभागी कवियों को प्रमाण पत्र दिया गया.
‘वेंकटेश साहित्य मंच’ छत्तीसगढ़ रायपुर की प्रस्तुति : OPEN MIC “मेरी रचना-मेरा विषय” में राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन के आयोजन में 50 से अधिक वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों ने भाग लिया : काव्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट रचनाकारों को प्रथम, द्वितीय,तृतीय और सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया एवं सभी प्रतिभागी कवियों को प्रमाण पत्र दिया गया.

‘छत्तीसगढ़ आसपास’ [रायपुर वृंदावन हॉल सभागार से प्रस्तुति, प्रदीप भट्टाचार्य]
▪️
‘वेंकटेश साहित्य मंच’ के तत्वावधान में 1 जून,2025 को वृहत छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन रायपुर के ‘वृंदावन सभागार’ में किया गया. लगभग 4 घंटे चले इस कवि सम्मेलन में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक कवियों ने शिरकत किए.
▪️
कवि सम्मेलन में अतिथि थे- ‘वेंकटेश साहित्य मंच’ के संस्थापक अध्यक्ष व संयोजक मनोज गुप्ता ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की. अन्य अतिथि मंचासीन थे- बृजेश मल्लिक, शुभा शुक्ला निशा, प्रीति रानी तिवारी, मोहन साहू {पार्षद-डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड} और अतिथि कवयित्री डॉ. बीना सिंह रागी. मंच संचालन संजय शर्मा सुकुमार ने किया.
▪️
OPEN MIC : ‘मेरी रचना- मेरा विषय’ में रचनाकारों ने देश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचना का पाठ किए.
▪️
निर्णायक कमेटी द्वारा सर्वमान्य पुरस्कृत रचनाकारों के नाम-
* अनिल राय भारत [प्रथम]
* सुषमा पटेल [द्वितीय]
* भाविक दुबे [तृतीय]
सांत्वना पुरुस्कार-
* रामचंद्र श्रीवास्तव
* राकेश रुसिया
* सीमा पाण्डेय सीमा
* अदिति तिवारी
▪️
मेरी रचना-मेरा विषय में आमंत्रित प्रतिनिधि रचनाकार-

बृजेश मल्लिक, शुभा शुक्ला निशा, प्रीति रानी तिवारी, डॉ. बीना सिंह रागी, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, कविता वर्मा, राकेश तिवारी, पुजाली पटले, प्रतीक कश्यप, वीरेंद्र शर्मा, सुषमा बग्गा, सविता अडक, धनराज खत्री, बलजीत कौर, रश्मि शकुंतला मिश्रा,तीरबाला देवांगन, सुषमा पटेल, डॉ. अरविंद पाठक, चंदन देवांगन, रामचंद्र श्रीवास्तव, रुणाली चक्रवर्ती, एच. एल. चंद्राकर, विवेक भट्ट, योगेश्वर सिंह राठौर, प्रियांशु राकेश रुसिया, अंजू पांडेय अश्रु, अभिषेक सिंह राठौर, युक्ता नागवानी, सुरेंद्रा केवट, किशनचंद हर्षशुल प्रधान, सीमा पाण्डेय सीमा, प्रतिमा नाग, अनिल राय भारत, मिताली वर्मा, भाविक दुबे, मंजू सरावगी, शिप्रा घोष, खुशबू अग्रवाल, आशा मानव, अदिति तिवारी, साधना कसार,अपूर्व तिवारी और ‘वेंकटेश साहित्य मंच’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम के संयोजक मुकेश गुप्ता.



‘वेंकटेश साहित्य मंच’ के तत्वावधान में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए आमंत्रित कवियों ने अपनी- अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ कर ‘वृंदावन हॉल’ में उपस्थित प्रबुद्धजनों को भाव- विभोर कर दिया.
विशेषकर इनकी रचना प्रभावशाली रही और संभावनाओं की ओर इंगित करती है. कुछ कविताएँ प्रगतिशील और कुछ रचना ओज से ओत-प्रोत रहा.






• सुषमा बग्गा ने ‘आहिस्ता- आहिस्ता’ • सविता अडक ने ‘मेरा भारत महान’ • बलजीत कौर ने ‘दरस्त’ दिन जब ढलने लगता है… • तीरबाला देवांगन ने ‘परमपिता परमात्मा’ • चंदन देवांगन ने ‘लोन लो.. लोन लो.. ‘ • रुणाली चक्रवर्ती ने ‘मृत्यु.. मृत्यु आ.. मैं और तू शतरंज खेलते हैं.. ‘ • एच एल चंद्राकर ने ‘गाँव’ के संदर्भ में लिखी भावात्मक कविता • विवेक भट्ट ने ‘तुम्हीं कथा हो.. तुम्हीं कथानक हो.. ‘ • राकेश रुसिया ने ग़ज़ल-‘आखिरी रस में मुहब्बत.. ‘ • अंशु पांडेय ने ‘वो गली का किनारा, वो नुक्कड़ की दुकान.. ‘ • किशनचंद केवलानी ने ‘जख्म तो हर किसी के सीने में.. चलो उम्रदराज को छोड़ते हैं.. ‘ • सीमा पाण्डेय सीमा ने ग़ज़ल – ‘मुखौटे हँसते ही हालत बदल जायेंगे.. ‘ • प्रतिमा नाग ने शीर्षक ‘यादें’ से एक कविता ‘उम्र भर साथ निभाने का वादा किसने किया.. और एक बांग्ला कविता ‘ना बोले कॉथा.. ‘ • अनिल राय भारत ‘राम- जानकी.. ‘ • भाविक दुबे ने ‘पहले गम ख्वाब था, मेरा दिल.. ‘ • शिप्रा घोष ने अपनी पहली लिखी कविता ‘नीरवता’ • प्रकाशचंद्र मण्डल ने बेटी पर लिखी मार्मिक कविता ‘जागो मेरी बेटियां जागो..’ और ‘नारी’ पर लिखी कविता ‘अभी उड़ान भरने दो.. ‘ • खुशबू अग्रवाल ने ‘ओ मेरी, ओ मेरी गौ भवानी.. ‘ • आशा मानव ने ‘वतन की यह दौलत तुम्हारे लिए है.. ‘ • अदिति तिवारी ने छोटी- छोटी गंभीर कविता • साधना कसार ने ‘दूर हटो ए पाकिस्तान ये कश्मीर हमारा है.. ‘ और ‘छत्र नहीं है सिर पर, फिर भी आगे बढ़ना है..’ • अपूर्व तिवारी ने कर्म पर लिखी कविता • डॉ. बीना सिंह रागी ने ‘हम तो नादान है, बात अपनी सुना देते हैं.. ‘ और माता-पिता दिवस पर एक कविता ‘कथा सुनाओ आओ हम.. ‘ • बृजेश मल्लिक ने देशवासियों को आव्हान करती हुई मार्मिक कविता ‘ऑपरेशन सिंदूर’ • शुभा शुक्ला निशा ने श्रृंगार गीत • प्रीति रानी तिवारी ने ‘सिंदूर गौरव’ विषय पर तन-मन, धन सबसे बड़ा मेरा वतन… ‘ और एक गीत – ‘हर घर में तिरंगा हो, जब प्राण निकले,मेरे तन में तिरंगा हो.. ‘ और • मुकेश गुप्ता ने भी सम सामयिकी रचना का पाठ किया.
• प्रगतिशील कवि और ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य ने पर्यावरण पर एक कविता का पाठ किया.
▪️
कार्यक्रम की कुछ प्रमुख सचित्र –




• कार्यक्रम स्थल पर कवि प्रकाशचंद्र मण्डल ने अपनी नव प्रकाशित कृति ‘फिर भी चलना होगा’ कवयित्री प्रतिमा नाग को भेंट करते हुए

• प्रीति रानी तिवारी कविता पाठ करती हुई

• कवयित्री रुणाली चक्रवर्ती कविता पाठ करती हुई

• प्रदीप भट्टाचार्य को संस्था की तरफ से प्रमाणपत्र देते हुए, संस्था के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, बृजेश मल्लिक, डॉ. बीना सिंह रागी, प्रीति रानी तिवारी,शुभा शुक्ला निशा और अन्य अतिथि

• विशिष्ट अतिथि बृजेश मल्लिक को प्रमाण पत्र देते हुए आलोक कुमार चंदा और प्रदीप भट्टाचार्य, साथ में नजर आ रहे हैं संजय कुमार शर्मा और मनोज गुप्ता

[बाएँ से] प्रदीप भट्टाचार्य, संजय कुमार शर्मा, बृजेश मल्लिक, मनोज गुप्ता, डॉ. बीना सिंह रागी, शुभा शुक्ला निशा और प्रीति रानी तिवारी

• युवा कवयित्री अदिति तिवारी को प्रमाण पत्र देते हुए अतिथि

• कृति विमोचन के अवसर पर {बाएँ से} बृजेश मल्लिक, संजय कुमार शर्मा, मनोज गुप्ता, अदिति तिवारी
आभार व्यक्त ‘वेंकटेश साहित्य मंच’ के अध्यक्ष एवं कवि सम्मेलन के संयोजक मनोज गुप्ता ने किया.
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)