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निदेशक [तकनीकी, परियोजनाएं एवं कच्चा माल] एवं निदेशक प्रभारी-अतिरिक्त प्रभार मनीष राज गुप्ता ने संयंत्र में परियोजनाओं की समीक्षा की



सेल के निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं और कच्चा माल) एवं निदेशक प्रभार – अतिरिक्त प्रभार (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री मनीष राज गुप्ता 19 जून 2025 को भिलाई के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे। प्रातः भिलाई निवास पहुंचने पर उनका स्वागत कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार एवं कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने किया। श्री गुप्ता के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कविता गुप्ता भी उपस्थित रही।
भिलाई दौरे के क्रम में श्री मनीष राज गुप्ता ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मरोदा-1 जलाशय स्थित 15 मेगावाट क्षमता वाले निर्माणाधीन फ्लोटिंग सोलर प्लांट के परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की स्थापना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा की और विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उनके साथ कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) श्री प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (पावर फैसिलिटीज) श्री राजीव पांडे, मुख्य महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) श्री वी. वेंकटेशन, महाप्रबंधक (एफजीडी) श्री आलोक सिंह सहित बीएसपी एवं एनएसपीसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान श्री गुप्ता को इस परियोजना के तकनीकी विवरण जैसे फ्लोटिंग स्ट्रक्चर की डिज़ाइन, सोलर मॉड्यूल इंस्टॉलेशन तकनीक, केबलिंग सिस्टम, इन्वर्टर सेटअप एवं कंट्रोल रूम संचालन की स्थिति की प्रत्यक्ष जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट अपने अंतिम चरण में है, जिसका क्रियान्वयन एनटीपीसी-सेल पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड (एनएसपीसीएल) द्वारा किया जा रहा है व यह परियोजना स्थापना के उन्नत चरण में है जिसके जुलाई 2025 तक प्रारंभ किये जाने की संभावना है।। एनएसपीसीएल नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) एवं स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) का एक संयुक्त उद्यम है।
यह परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र की कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे प्रतिवर्ष लगभग 33 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 22,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड की बचत होगी। भिलाई इस्पात संयंत्र ने आगामी चरण में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसके तहत मारोदा जलाशय में अतिरिक्त 20 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना तथा नंदनी एयरस्ट्रिप में 25 मेगावाट क्षमता की ग्राउंड-माउंटेड सोलर परियोजना स्थापित की जाएगी।
निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं एवं कच्चा माल) तथा निदेशक प्रभारी – अतिरिक्त प्रभार (बीएसपी) के श्री मनीष राज गुप्ता ने 15 मेगावाट निर्माणाधीन फ्लोटिंग सोलर प्लांट के परियोजना स्थल के निरीक्षण के उपरांत दोपहर में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रबंधन के अन्य सदस्यों के साथ बैठकें कीं, जिनमें विभिन्न विभागीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
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सेल ने भारतीय नौसेना के आई एनएस अर्नाला के लिए जरूरत की पूरी विशेष स्टील की आपूर्ति की

नई दिल्ली : देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता और आयात प्रतिस्थापन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। सेल ने भारत के पहले स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC), ‘आईएनएस अर्नाला’ के लिए विशेष स्टील की पूरी ज़रूरत को सफलतापूर्वक पूरा किया है। आईएनएस अर्नाला को 18 जून, 2025 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। सेल ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा बनाए जा रहे, अन्य सात ASW-SWC कोरवेट के लिए भी विशेष स्टील की पूरी आपूर्ति की है।
रक्षा स्वदेशीकरण की दिशा में, भारत के प्रयासों में एक प्रमुख भागीदार के रूप में, सेल ने इस परियोजना के लिए आवश्यक जरूरत की पूरी विशेष स्टील की आपूर्ति की है। यह देश की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को लागू करने और आयात पर निर्भरता को कम करने में सेल की प्रतिबद्धता का एक और प्रभावशाली उदाहरण है। इसी दिशा में, सेल ने पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस विंध्यगिरि, आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस सूरत जैसी कई उल्लेखनीय परियोजनाओं के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति की है.
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ऑक्सीजन प्लांट-2 में आपदा प्रबंधन माकड्रिल का सफल आयोजन


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ऑक्सीजन प्लांट-2 में 18 जून 2025 को प्रातः 10:35 बजे आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया की संस्थागत तैयारी का परीक्षण करना था। यह मॉक ड्रिल वैधानिक दिशा-निर्देशों एवं विभागीय प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित की गई, जिसमें संयंत्र के विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और आपात स्थितियों में उनकी क्रियान्वयन क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
ऑक्सीजन प्लांट-2 एक अति संवेदनशील क्षेत्र है, जहाँ 2000 टन क्षमता वाले दो तरल ऑक्सीजन टैंक स्थित हैं। मॉक ड्रिल के दौरान यह परिकल्पित किया गया कि टैंक-2 से जुड़े पंप नंबर-3 में विद्युत फॉल्ट उत्पन्न हो गया है, जिसकी मरम्मत हेतु छह सदस्यीय इलेक्ट्रिकल टीम भेजी गई। इसी बीच पंप नंबर-1 में बेल्ट घर्षण के कारण अचानक आग लग गई, जो लिक्विड ऑक्सीजन के रिसाव के चलते तीव्र हो गई। इस आग के फैलाव से कंट्रोल पैनल कक्ष के बाहर की संरचना प्रभावित हुई और तीन कर्मचारी कक्ष में फंस गए। उनमें से एक को सहकर्मियों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साइट इंचार्ज श्री योगेश शर्मा ने तत्क्षण शिफ्ट इंचार्ज श्री गौरव चौधरी को सूचित किया, जिन्होंने विभागाध्यक्ष श्री पी.सी. बाग को जानकारी दी। इसके बाद कंट्रोल रूम से आपातकालीन सायरन बजाया गया और सभी आपातकालीन एजेंसियों को सूचित किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के पश्चात 10:57 बजे “ऑल क्लियर” सायरन बजाया गया।
इस अभ्यास में ऑक्सीजन प्लांट-2 से श्री मो.नदीम खान, श्रीमति प्रतिभा ए हरिशचंद्र, श्री रविकांत वर्मा , श्री शक्ति मानिकपुरी, श्री नजीम अंसारी, श्री उमेश मलायथ, श्री अनुपम प्रसन्ना, श्री शिवम, श्री राजेश ठाकुर, श्री एम. डी. साहू, सहित बीएसपी की सीआईएसएफ यूनिट, अग्निशमन विभाग, सुरक्षा अभियांत्रिकीय विभाग, सिविल डिफेंस, मानव संसाधन, पर्यावरण प्रबंधन और एमएमपी-1 के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए।
मॉक ड्रिल के पश्चात मुख्य महाप्रबंधक (उपयोगिताएँ) श्री जे.पी. सिंह एवं महाप्रबंधक (ऑक्सीजन प्लांट-2) श्री पी.सी. बाग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी सहभागी विभागों की तत्परता, समन्वय और कार्य निष्पादन की सराहना की गई। उन्होंने इस अभ्यास को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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एसपीएसबी अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता हेतु बीएसपी टीम के चयन के लिए चयन स्पर्धा 20 जून को…

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आगामी 01 से 03 जुलाई 2025 तक तीन दिवसीय स्टील प्लांट्स स्पोर्ट्स बोर्ड-एसपीएसबी अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन भिलाई निवास में किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र की प्रतिनिधि टीम के गठन हेतु चयन स्पर्धा का आयोजन 20 जून 2025 को सायं 06:00 बजे इस्पात क्लब, सेक्टर-2 में किया जाएगा।
यह चयन स्पर्धा संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग (एस सी & सी ए) तथा बीएसपी चेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। स्पर्धा में भाग लेने हेतु वही खिलाड़ी पात्र होंगे जो या तो पूर्व में अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता में भाग ले चुके हों या इंटरनेशनल रेटेड खिलाड़ी हों और बीएसपी/माइंस के अधिकारी-कर्मचारी अथवा भिलाई टाउनशिप क्षेत्र के 25 वर्ष से कम आयु के बेरोजगार युवा हों।
इच्छुक प्रतिभागी अपना पंजीयन दिनांक 20 जून 2025 को सायं 04:00 बजे तक श्री अलंकार भीवगडे (मो. 9407981054) अथवा श्री एस.के. भगत (मो. 9977373711) के पास करा सकते हैं। चयन प्रक्रिया का संचालन बीएसपी चेस क्लब के अध्यक्ष व अध्यक्ष (सेफी एवं ओए) श्री एन.के. बंछोर, अंतरराष्ट्रीय आर्बिटर श्री अलंकार भीवगडे और राष्ट्रीय खिलाड़ी श्री एस.के. भगत करेंगे।
इस चयन स्पर्धा के प्रभारी उप प्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं) श्री अभिजीत भौमिक होंगे।
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बीएसपी कर्मचारी की बेटी आद्या पांडेय को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांस्कृतिक उत्कृष्टता के लिए किया सम्मानित

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में भिलाई की प्रतिभाशाली नृत्यांगना सुश्री आद्या पांडे को भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के माननिय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आद्या पांडे को बधाई देते हुए और आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में यह सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।
आद्या के पिता श्री दिनेश पांडे सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मर्चंट मिल विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती सोनिया पांडे एक गृहिणी हैं।
यह सम्मान उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों के चयन के तहत प्रदान किया गया, जो शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ विशिष्ट प्रतिभा के धनी हैं। आद्या पांडे का चयन उन पाँच बच्चों में हुआ, जिन्हें राज्य भर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चुना गया।
15 वर्षीय आद्या पांडे, डी.पी.एस रिसाली भिलाई की कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। उन्होंने हाल ही में सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93% अंकों के साथ सफलता प्राप्त की है। भरतनाट्यम में उनकी कला साधना महज 4 वर्ष की आयु से प्रारंभ हुई, जब उन्होंने नृत्य चूडामणि से अलंकृत गुरू डॉ. जी. रतीश बाबू से प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू किया। वे ‘नृत्यति कलाक्षेत्रम’ संस्थान से जुड़ी हुई हैं। अब तक वे 25 राष्ट्रीय एवं 1 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं, जिनमें ‘नृत्य मंजरी’, ‘नृत्य प्रतिभा’, ‘नृत्य श्रेष्ठ’ एवं ‘नृत्य गौरव सम्मान’ जैसे प्रतिष्ठित अलंकरण शामिल हैं।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से भरतनाट्यम में डिप्लोमा प्राप्त कर चुकी आद्या को वर्ष 2023 में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय अंतर्गत सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) द्वारा जूनियर स्कॉलरशिप के लिए भी चयनित किया गया है, जो उन्हें आगामी आठ वर्षों तक प्राप्त होती रहेगी।
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