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- देवांगन जन कल्याण समिति : समिति ने अशक्त एवं बीमार चल रही समाज की पुरोधा 90 वर्षीया बुजुर्ग महिला योगमाया देवांगन को घर जाकर दिया ‘देवांगन आदिमाता हरिणी सम्मान’ अलंकरण : घनश्याम देवांगन ने कहा कि – ‘समाज हमारे पुरोधाओं का ऋणी है, उनका सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हो रहे हैं’
देवांगन जन कल्याण समिति : समिति ने अशक्त एवं बीमार चल रही समाज की पुरोधा 90 वर्षीया बुजुर्ग महिला योगमाया देवांगन को घर जाकर दिया ‘देवांगन आदिमाता हरिणी सम्मान’ अलंकरण : घनश्याम देवांगन ने कहा कि – ‘समाज हमारे पुरोधाओं का ऋणी है, उनका सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हो रहे हैं’

• योगमाया देवांगन को सम्मान देते हुए समाज के पदाधिकारी
छत्तीसगढ़ आसपास [23 जून, 2025]
भिलाई : वर्षों पहले 80-90 के दशक में अपने श्रमसाध्य कार्य से समाज को एकजुट कर उसके उत्थान में विशिष्ट योगदान देने वाले देवांगन समाज के वयोवृद्ध पुरोधाओं एवं लिविंग लीजेंड की खोज खबर लेकर उनसे मार्गदर्शन लेने एवं उनका सम्मान करने का सराहनीय कार्य देवांगन समाज कर रहा है। अशक्त एवं बीमार चल रहे बुजुर्गो को उनके घर जाकर सम्मानित करने के क्रम में देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन के नेतृत्व में समाज की पुरोधा 90 वर्षीया वयोवृद्ध महिला योगमाया देवांगन के नेहरू नगर स्थित निवास में जाकर उनको “देवांगन आदिमाता हरिणी सम्मान” अलंकरण से सम्मानित किया और उनसे आशीर्वाद व मार्गदर्शन लिया। अपनों के द्वारा सम्मान पाकर बुजुर्ग महिला का चेहरा खुशी से खिल उठा और उनकी आंखें भर आई। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया और अनुभव शेयर किए। उन्होंने बताया कि उन दिनों कैसे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक एवं संगठित करने का श्रमसाध्य कार्य किया गया।
देवांगन समाज की प्रथम महिला “आदिमाता हरिणी” के नाम पर समाज की बुजुर्ग महिला पुरोधाओं को दिया जाने वाला यह महत्वपूर्ण अलंकरण है। सम्मान में शाल, श्रीफल, मिठाई, स्मृति चिन्ह एवं अभिनन्दन पत्र प्रदान किया गया। उन्हें समाज की पत्रिका “आवरण” की प्रति एवं पौधा भी भेंट किया गया।
समिति के अध्यक्ष घनश्याम देवांगन ने पुरोधाओं के विशिष्ट योगदानों को याद करते हुए कहा कि समाज के पुरोधाओं ने वर्षों पहले समाज को संगठित करने और सशक्त बनाने का जो श्रम साध्य कार्य किया है, उसका ही परिणाम है कि देवांगन समाज संगठित, शिक्षित, समृद्ध और विकास की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने कहा हमारे बुजुर्ग हमारे गौरव हैं। समाज उनका ऋणी है। उनका सम्मान कर हम स्वयं गौरवान्वित हो रहे हैं।
सम्मान पाकर बुजुर्ग महिला योगमाया ने कहा कि 80 एवं 90 के दशक में समाज को जागरूक करने, महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज को एकजुट करने का जो बीज हमने बोया था, उसे फलते-फूलते देखकर बहुत खुशी हो रही है। समाज उन्नति करे यही हमारा सपना था, वह साकार हो रहा है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन, सचिव विनोद देवांगन, कोषाध्यक्ष गजेंद्र देवांगन, सहसचिव जीतेन्द्र बांकुरे, सम्मानित होने वाले पुरोधा के पुत्र अशोक देवांगन, पुत्र वधू दीपा देवांगन आदि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में देवांगन समाज के पुरोधाओं जागेश्वर प्रसाद देवांगन फरदफोड़, कुंजलाल देवांगन धमतरी, सेवक राम देवांगन भाटापारा, डॉ श्यामलाल देवांगन राधिका नगर, राम खिलावन देवांगन आशीष नगर, भूषणलाल देवांगन एवं ललित देवांगन छाया दुर्ग को आदिपुरुष दीपचंद सम्मान” अलंकरण से सम्मानित किया जा चुका है।

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