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वित्त एवं लेखा विभाग में राज भाषा कार्यशाला आयोजित : मुख्य अतिथि थे- कार्यपालक निदेशक [वित्त एवं लेखा] प्रवीण निगम एवं विशिष्ट अतिथि रहे- मुख्य महाप्रबंधक [वित्त एवं लेखा] प्रमोद कुमार चोखानी


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ‘वित्त एवं लेखा विभाग’ में 23 जून 2025 को राजभाषा कार्यशाला का आयोजन कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीन निगम के मुख्य आतिथ्य में किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रमोद कुमार चोखानी उपस्थित थे ।
मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा), श्री प्रवीन निगम ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमें हिंदी सहित अन्य समस्त भारतीय भाषाओं को भी बराबर सम्मान देना है। विभागीय कार्यों के लिए नोटशीट आदि में जहाँ तक संभव हो हिंदी में ही लिखें। आज अनेक भाषाएँ विलुप्ति की कगार पर हैं, हमारा दायित्व है कि हम जो भाषाएँ जानते हैं, उन समस्त भारतीय भाषाओं को प्रचलन में रखें। जब भी कार्यालयीन कार्यों के लिए कलम उठाएँ अथवा टायपिंग करें, हिंदी का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रति अनुराग तथा हिंदी में कामकाज केवल हिंदी पखवाड़ा या हिंदी दिवस तक ही सीमित ना रहे, हमें हर दिन हिंदी का प्रयोग करना है।
विशिष्ट अतिथि श्री प्रमोद कुमार चोखानी ने कहा कि हिंदी कार्यशाला हमारे भाषा के प्रति ज्ञान को बढ़ाता है, और हमारे राष्ट्रीय दायित्वों का बोध भी कराता है। हिंदी में कार्यालयीन कामकाज हमारे राष्ट्रप्रेम का सूचक है, हिंदी में कार्य करने से हमें गर्व की अनुभूति होती है।
कार्यक्रम में महाप्रबंधकगण श्री राजेश कुमार शर्मा, श्री ललित खन्ना एवं श्री एन.वी. सुब्बाराव, उप महाप्रबंधक सुश्री अमृता गंगराडे, प्रबंधक सुश्री नेहा रानी, उप प्रबंधकगण सुश्री आयुषी पुरोहित, सुश्री संजोला एवं सुश्री निकिता केशवानी, श्री सुनील कुमार शर्मा, अनुभाग अधिकारी, सुश्री चन्द्रलता चन्द्राकर, वरिष्ठ स्टाफ सहायक, सुश्री शिखा दीक्षित, प्रशासनिक सहायक (वित्त एवं लेखा – खदान समन्वय) तथा अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन – राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने उपस्थितजनों को हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करने की शपथ दिलाई और राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही ऑनलाइन वॉइस टायपिंग तथा ऑनलाइन नोटशीट प्रणाली सैप में हिंदी में नोटशीट बनाने का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में वित्तीय शब्दों का हिंदी भाषा में सही वर्तनी के साथ समानार्थी शब्द लिखने पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम- सुश्री नेहा रानी, प्रबंधक (वित्त – प्रचालन लेखा), द्वितीय- श्री सुनील कुमार शर्मा, अनुभाग अधिकारी, तृतीय स्थान- श्री प्रमोद कुमार चोखानी, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) ने प्राप्त किया तथा प्रोत्साहन पुरस्कार श्री राजेश कुमार शर्मा, महाप्रबंधक, सुश्री निकिता केशवानी, उप प्रबंधक एवं श्री ललित खन्ना, महाप्रबंधक विजेता रहे।
वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा विभागीय स्तर पर हिंदी में सराहनीय कार्य करने के लिये प्रत्येक तिमाही में कार्मिकों के कार्यों के आधार पर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। इस क्रम में इस बार ‘अप्रैल-मई-जून’ समाप्त तिमाही के लिए सुश्री नेहा रानी, प्रबंधक (वित्त-प्रचालन लेखा) तथा सुश्री शिखा दीक्षित, प्रशासनिक सहायक (वित्त एवं लेखा – खदान समन्वय) को विशेष पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के आरंभ में सुश्री स्मिता जैन, सहायक महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) एवं विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि, विगत तिमाही में आयोजित कार्यशाला में लिए गए निर्णयों का पूर्णतः पालन किया जा रहा है एवं विभागीय पत्राचार हिंदी में ही किए जा रहे हैं। संयंत्र की पत्रिका ‘भिलाई भाषा भारती’ तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई-दुर्ग की पत्रिका ‘महानदी’ में वित्त एवं लेखा विभाग के कार्मिकों की रचनाएँ नियमित रूप से प्रकाशित होती हैं। उन्होंने बताया कि, संयंत्र स्तर पर एवं नराकास स्तर पर आयोजित होने वाली समस्त प्रतियोगिताओं में वित्त एवं लेखा विभाग के कार्मिकों की ना केवल प्रतिभागिता रहती है वरन प्रत्येक प्रतियोगिता में विभागीय कार्मिकगण को पुरस्कार भी प्राप्त होते हैं। कार्यशाला का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन सुश्री शिखा दीक्षित ने किया।
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भिलाई विद्यालय में अंतरशालेय ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन : कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार पवार के स्वागत भाषण से हुआ



भिलाई इस्पात संयंत्र के शिक्षा विभाग द्वारा वार्षिक क्रियाकलाप 2025-26 के अंतर्गत दिनांक 21 जून 2025 को भिलाई विद्यालय, सेक्टर-2 में अंतर्शालेय ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में संयंत्र द्वारा संचालित विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर से 7 विद्यालयों, माध्यमिक स्तर से 8 विद्यालयों तथा उच्चतर माध्यमिक स्तर से 4 विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के लिए निर्धारित विषय क्रमशः – प्राथमिक स्तर पर “प्रकृति एवं हम”, माध्यमिक स्तर पर “योग एवं स्वास्थ्य” तथा उच्चतर माध्यमिक स्तर पर “ऑपरेशन सिंदूर” था, जिस बच्चों ने अपनी रचनात्मक सोच एवं सामाजिक समझ का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य श्री विजय सिंह पवार के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, “इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं।”
निर्णायक मंडल में शामिल श्री आशुतोष ताम्रकार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी विजेता हैं। बहुत छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियों के आधार पर निर्णय लेकर विजेता का चयन किया जाता है। सभी बच्चे बिना निराश हुए अपनी कला को सतत अभ्यास द्वारा और बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास करें।”
प्रतियोगिता के निर्णायकगण श्री आशुतोष ताम्रकार और श्री के. मोजेस थे, परिणामों की घोषणा वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती निशी शिवप्पा ने की। प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर से प्रथम आदर्श पॉल (ईएमएमएस, सेक्टर-7), द्वितीय विधि वर्मा (ईएमएमएस, सेक्टर-6) एवं तृतीय काव्या पाण्डेय (ईएमएमएस, सेक्टर-1) रही, वहीं माध्यमिक स्तर से प्रथम एस. दिव्यांशी (ईएमएमएस, सेक्टर-6), द्वितीय नव्या खोबरागड़े (ईएमएमएस-रुआबांधा) एवं तृतीय डी.अनुष्का (ईएमएमएस, सेक्टर-7) रही तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से प्रथम सोनम देवांगन (भिलाई विद्यालय, सेक्टर-2), द्वितीय आदित्य तिवारी (एसएसएस, सेक्टर-7) एवं इशिता गुप्ता (एसएसएस, सेक्टर-10) तृतीय रहे।
कार्यक्रम के दौरान भिलाई विद्यालय की छात्राओं द्वारा, संगीत शिक्षक श्री सतीश मिश्रा एवं श्रीमती रजनी रजक के निर्देशन में एक मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती भावना चतुर्वेदी द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सरिता कुमारी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की सफलता में श्री देवेंद्र कुमार साहू, श्री पवन कुमार अग्रवाल, श्रीमती संगीता मिश्रा, श्री सरवन कुमार साहू, तथा श्री मदन मोहन राव आदि का विशेष सहयोग रहा।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन विभाग में शामिल हुए 6 नवीन फोम टेंडर : कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार ने विधिवत पूजा अर्चना कर अत्याधुनिक अग्निशमन विभाग को समर्पित किया



सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के अग्निशमन विभाग को सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई, जब संयंत्र के अग्निशमन बेड़े में 6 नवीन फोम टेंडर औपचारिक रूप से सम्मिलित किए गए। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने विधिवत पूजन-अर्चन कर इन अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों को 24 जून 2025 को अग्निशमन विभाग को समर्पित किया।
समारोह में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री विजय कुमार बेहरा, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज़) श्री तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) श्री देबदत्त सतपथी, एमएमआईपीएम एवं पीपी एंड ई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अग्निशमन विभाग के अधिकारीगण तथा अग्निशमन दल के सदस्यगण उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि संयंत्र के पुराने 6 अग्निशमन वाहनों को सर्वे ऑफ कर हटाया गया है तथा उनके स्थान पर इन नवीन फोम टेंडर्स को सम्मिलित किया गया है।
इस परियोजना की रूपरेखा एवं कार्यान्वयन में भिलाई अग्निशमन सेवा के प्रोजेक्ट ओनर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री बी. के. महापात्र तथा प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री संजय धवस की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
नवीन रूप से सम्मिलित ये 6 फोम टेंडर आधुनिक अग्निशमन व बचाव उपकरणों से लैस हैं तथा विभिन्न आपात स्थितियों में तेज़ी से कार्यवाही करने में सक्षम हैं। इन वाहनों के संचालन से संयंत्र की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली में उल्लेखनीय सुदृढ़ता आएगी और अग्नि आपदाओं से निपटने की तैयारियों को बल मिलेगा।
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बीएसपी अंतर्विभागीय संगीत प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ : उद्घाटन समारोह में महाप्रबंधक [जनसंपर्क] प्रशांत तिवारी, उप महाप्रबंधक [क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सेवाएं] राजेंद्र प्रसाद और उप प्रबंधक अभिजीत भौमिक उपस्थित थे




सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अंतर्विभागीय संगीत प्रतियोगिता का शुभारंभ 24 जून 2025 को महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई में हुआ। उद्घाटन समारोह में महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री प्रशांत तिवारी, उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं) श्री राजेन्द्र प्रसाद तथा उप प्रबंधक श्री अभिजीत भौमिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के प्रथम दिवस पर कुल 126 पुरुष प्रतिभागियों ने हिंदी गायन में अपनी स्वर प्रतिभा का परिचय दिया। गायन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में संगीत जगत के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व – श्री सपन भट्टाचार्य, श्रीमती स्वाति पेंढारकर एवं श्रीमती सोनाली चक्रवर्ती उपस्थित रहे, जबकि मुख्य निर्णायक की भूमिका वरिष्ठ संगीताचार्य श्री कीर्ति व्यास ने निभाई।
वरिष्ठ कलाकारों, निर्णायक कलाकारों और विशिष्ट अतिथियों ने मिलकर परंपरागत रूप से माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
श्री प्रशांत तिवारी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि संगीत में वह शक्ति है जो कार्य की थकान और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन विगत 20 वर्षों से निरंतर हो रहा है और यह भिलाई इस्पात संयंत्र की एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने अंतर्विभागीय संगीत प्रतियोगिता 2025 की औपचारिक रूप से घोषणा की।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में संगतकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, जिनमें श्री भालचंद्र शेगेकर, श्री रविंद्र कर्मकार, श्री भागवत साहू, श्री बी.बी. परगनिहा, श्री दिलीप शर्मा, श्री साईं चक्रवर्ती, श्री सतीश सिन्हा एवं श्री देबब्रता मजुमदार प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के श्री सुप्रियो सेन एवं श्री सरजीत चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के समन्वय में श्री दुष्यंत हरमुख, श्री मिलिंद राजे एवं श्री ओंकार निर्मल का विशेष योगदान रहा, जबकि सम्पूर्ण प्रतियोगिता का संचालन एवं समन्वय श्री प्रभंजय चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि यह संगीत प्रतियोगिता पांच दिनों तक चलेगी। आगामी 25 जून को महिला वर्ग के प्रतिभागियों के मध्य हिंदी गायन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
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भिलाई टाउनशिप में छतों की मरम्मत नया दौर : एपीपी तकनीक से मिल रहा बेहतर समाधान

बरसात के मौसम में भिलाई टाउनशिप के कई मकानों की छतों से सीपेज आना एक सामान्य समस्या रही है। पहले इन छतों की मरम्मत के लिए टार फेल्टिंग प्रक्रिया का उपयोग किया जाता था, लेकिन यह तकनीक प्रभावी साबित नहीं हो रही हैं। अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग द्वारा अब टाउनशिप में छतों की मरम्मत के लिए एटैक्टिक पॉलीप्रोपाइलीन (एपीपी) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एपीपी तकनीक एक उच्च गुणवत्ता वाली सीलिंग प्रक्रिया है, जिसमें विशेष रूप से विकसित पॉलीप्रोपाइलीन सामग्री का उपयोग कर छतों की वॉटरप्रूफिंग की जाती है। यह तकनीक न केवल टार फेल्टिंग की तुलना में अधिक प्रभावशाली है, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली और स्थायित्व भी देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एपीपी तकनीक बरसात के मौसम में रिसाव की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर सकने में सक्षम है और रखरखाव की आवश्यकता को न्यूनतम कर देती है।
एनबीसीसी द्वारा क्रियान्वयन और गुणवत्ता पर निगरानी
इस कार्य को नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) द्वारा निष्पादित किया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी भी इसी संस्था को सौंपी गई है, जिससे काम की पारदर्शिता और टिकाऊपन सुनिश्चित हो सके।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में नई गति
एपीपी प्रक्रिया की शुरुआत संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग द्वारा विगत वर्ष की गई थी, जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 1,500 मकानों की छतों की मरम्मत की गई। सफलता के बाद इसे इस वर्ष और अधिक विस्तार दिया गया है। 2025-26 की पहली तिमाही तक टाउनशिप के 275 आवास व बीएमडीसी सहित 9 शासकीय भवनों में यह कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इस तकनीक से मरम्मत का कार्य 25,000 वर्गमीटर क्षेत्र में हो चुका है, साथ ही 1,000 और मकानों को इस वित्तीय वर्ष में शामिल किया जाना प्रस्तावित है।
टाउनशिप को सीधा लाभ
इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ टाउनशिप में रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। पहले जहां बीएसपी आवासों में हर बरसात में छत से पानी टपकने की शिकायत आम थी, अब लोग राहत महसूस कर रहे हैं। एपीपी तकनीक के माध्यम से न केवल बेहतर समाधान मिला है, बल्कि मकानों की उम्र भी बढ़ जाएगी। हालांकि इस प्रक्रिया की लागत पारंपरिक विधि की तुलना में अधिक है, परन्तु इसके परिणाम और दीर्घकालिक लाभ इसे पूर्णतः न्यायोचित ठहराते हैं।
भविष्य की दिशा
भिलाई इस्पात संयंत्र टाउनशिप को और भी अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने के लिए यह तकनीकी हस्तक्षेप एक महत्वपूर्ण कदम है। बीएसपी प्रबंधन का प्रयास है कि टाउनशिप में सभी पुराने मकानों को जहाँ जरुरत है, चरणबद्ध तरीके से इस तकनीक के तहत मरम्मत प्रदान की जाए, जिससे विशेषकर बारिश के मौसम में किसी भी निवासी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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