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भिलाई इस्पात मजदूर संघ [बीएमएस] : संयंत्र के ठेकेदारों द्वारा ‘श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन’ को लेकर यूनियन के पदाधिकारियों ने कोक ओवन के मुख्य महाप्रबंधक तुलाराम बेहरा से की मुलाकात

छत्तीसगढ़ आसपास
भिलाई [26 जून, 2025] : भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) कोक ओवन की टीम ने आज मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात कर कोक ओवन एवं केमिकल विभाग में कार्यरत श्रमिकों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने और निवारण की मांग की।
टीम ने मुख्य रूप से ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे श्रम कानूनों के घोर उल्लंघन को उजागर किया। मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष रखे गए प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित थे:
1. श्रम कानून का उल्लंघन:
* ईएसआई कार्ड श्रमिकों को प्रदान नहीं करना: कई कर्मचारियों को उनके ईएसआई कार्ड नहीं मिले हैं, और यह सामने आया है कि कुछ सुपरवाइजर ईएसआई कार्ड जारी करने के लिए पैसे ऐंठ रहे हैं, जो एक गंभीर कदाचार है।
* ठेकेदार द्वारा समूह बीमा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है।
* उपस्थिति में हेराफेरी: श्रमिकों द्वाराबायोमेट्रिक फेस उपस्थिति लगाने के बावजूद ठेकेदार के आफिस जाकर रजिस्टर में हाजिरी लिया जाता है जिससे श्रमिकों के साथ उत्पीड़न, समय का दुरुपयोग के साथ साथ उपस्थित में हेराफेरी किया जाता है जिससे श्रमिकों को उनके वास्तविक मेहनताने से वंचित किया जा रहा है। मज़दूर संघ ने बायोमेट्रिक फेस उपस्थिति को अनिवार्य कर रजिस्टर कार्य को तत्काल बंद करने की मांग की l
* मेडिकल फिटनेस और वाहन पास के लिए कमीशन: सुपरवाइजरों द्वारा मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और वाहन क्षेत्र पास जारी करने के लिए कमीशन की मांग की जा रही है, जो पूरी तरह से अनैतिक है।
* अशिक्षित श्रमिकों की उपलब्धता: अशिक्षित श्रमिकों को काम पर रखा जा रहा है, जिससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और दक्षता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
* गैर-आईएसआई मार्क पीपीई का वितरण: श्रमिकों को गैर-आईएसआई मार्क व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) जारी किए जा रहे हैं, जो उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
* अंतिम भुगतान और एडब्ल्यूएस मजदूरी: अंतिम भुगतान और एडब्ल्यूएस (एडवांस वेज स्कीम) मजदूरी के भुगतान में अनियमितताएं एवं कुछ ठेके दार द्वारा न दिया जाना एक बड़ी चिंता का विषय हैं।
* पेमेंट स्लिप की अनिवार्यता: टीम ने जोर दिया कि कर्मचारियों को नियमित रूप से पेमेंट स्लिप मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे अपने वेतन और कटौतियों को समझ सकें।
2. जागरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता:
बीएमएस टीम ने कार्यस्थल पर श्रमिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया:
* बायोमेट्रिक उपस्थिति का महत्व: श्रमिकों को बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की आवश्यकता और उसके लाभों के बारे में शिक्षित करना।
* सीओसीसीडी में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं: कार्यस्थल पर उपलब्ध प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के सन्दर्भ में एवं सुविधाओं और आपात स्थिति में उनका उपयोग कैसे करें, इस बारे में जानकारी प्रदान करना।
* ठेका श्रमिकों द्वारा अनैतिक कार्य के प्रति जागरूकता: शौचालयों में लगे हुए नल, बिज़ली उपकरण एवं वाश बेसिन जैसे उपकरणों का तोड़ फोड़ की घटनाएं बढ़ रही है, इस प्रकार की असभ्य गतिविधियों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छता बनाए रखने का महत्व समझाना।
भारतीय मजदूर संघ ने मुख्य महाप्रबंधक से इन गंभीर मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। संघ ने उम्मीद जताई कि इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा और श्रमिकों को उचित सम्मान और अधिकार प्राप्त होंगे.

मुलाकात में ‘बीएमएस’ की तरफ से दिल्ली राव, राकेश उपाध्याय, घनाराम साहू और मुरारी कुमार उपस्थित थे.
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