- Home
- Chhattisgarh
- ▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…
▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

▪️
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने जीता ‘गोल्डन पीकॉक इको-इनोवेशन अवार्ड-2025’ : यह पुरुस्कार 26वें अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान 26 जून को बेंगलुरु में प्रदान किया गया : कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने की

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र को प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक इको-इनोवेशन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान इंस्टिट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स (आईओडी), नई दिल्ली द्वारा पर्यावरणीय स्थिरता और नवाचार के क्षेत्र में संयंत्र की अग्रणी पहलों की सराहना स्वरूप प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार 26वें अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान 26 जून 2025 को बेंगलुरु में प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत सरकार के भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्रालय के माननीय केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी ने की। कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रमुखों, वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों, प्रख्यात पर्यावरणविदों तथा भारत सरकार के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया|
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (आयरन) श्री तापस दासगुप्ता ने यह पुरस्कार ग्रहण किया, जिन्होंने इस पुरस्कृत परियोजना की रूपरेखा तैयार करने और इसे क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पुरस्कार इस्पात उद्योग के अपशिष्ट पदार्थ, विशेषकर स्टील स्लैग से पर्यावरण अनुकूल पेवर ब्लॉक और टाइल्स निर्माण पहल के लिए प्रदान किया गया।
इस परियोजना के माध्यम से भिलाई इस्पात संयंत्र, भारत का पहली ऐसी इकाई बन गयी है, जिसने इस्पात निर्माण प्रक्रिया से उत्पन्न स्टील स्लैग का 100 प्रतिशत उपयोग करते हुए पेवर ब्लॉक और टाइल्स का व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ किया है, जो कि सतत अपशिष्ट प्रबंधन और संसाधनों के इष्टतम उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ये इको-इनोवेटिव उत्पाद न केवल चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनोमी) की अवधारणा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि मजबूती, गुणवत्ता और मूल्य के मामले में बाजार में उपलब्ध अन्य विकल्पों के समकक्ष हैं।
▪️
भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए सम्मानित किया गया : सम्मानित होने वाले कर्मी- संतोष कुमार, शुभम किशोर मिश्रा, धर्म राजू बाच्चू, सौरभ वाष्णय और राजीव कुशवाहा : निदेशक {तकनीकी, परियोजनाएं एवं कच्चामाल} एवं निदेशक प्रभारी-अतिरिक्त प्रभार {भिलाई इस्पात संयंत्र} मनीष राज गुप्ता ने विजताओं को सम्मानित किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र एवं सेल-रिफ्रैक्ट्री यूनिट (एसआरयू) के पाँच कर्मियों को “एआई एंड यु” मिशन प्रतियोगिता के तहत उत्कृष्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया। सेल स्तर पर आयोजित इस आंतरिक पहल का उद्देश्य कर्मचारियों में डिजिटल सृजनशीलता को प्रोत्साहित करना और कार्यस्थल पर एआई के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना है।
निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएँ एवं कच्चा माल) एवं निदेशक प्रभारी-अतिरिक्त प्रभार (भिलाई इस्पात संयंत्र) श्री. मनीष राज गुप्ता ने इस्पात भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पांचों पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया।
सम्मानित कर्मियों में वरिष्ठ प्रबंधक (एसएमएस-3) श्री. संतोष कुमार ने डीपसीक एआई, क्लाउड.एआई एवं चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स की सहायता से एक एआई-सक्षम वेब एप्लिकेशन विकसित किया है, जो साप्ताहिक शिफ्ट रोस्टर को स्वतः तैयार करता है। इस नवाचार ने न केवल समय और श्रम की बचत की है, बल्कि त्रुटियाँ कम कर, त्वरित और अधिक सटीक शेड्यूलिंग को संभव बनाया है।
प्रबंधक (मैकेनिकल), सेल-रिफ्रैक्ट्री यूनिट, श्री. शुभम किशोर मिश्रा को रिफ्रैक्ट्री ईंटों में सर्फेस डिफेक्ट्स का पता लगाने हेतु विकसित एआई मॉडल के लिए सम्मानित किया गया। उनके इस नवाचार में डीप लर्निंग एवं कंप्यूटर विज़न तकनीकों का उपयोग किया गया है, जो निर्माण प्रक्रिया में गुणवत्ता नियंत्रण को सशक्त बनाता है।
सहायक प्रबंधक (इंस्ट्रूमेंटेशन) श्री. धर्म राजू बाच्चू को सुरक्षा रिपोर्टिंग, प्रलेखन और कार्यप्रवाह अनुकूलन के लिए एआई -आधारित टूल्स के सफल प्रयोग हेतु सम्मानित किया गया। उन्होंने चैटजीपीटी, एक्सल वीबीए एवं ऑटोमेशन फ्रेमवर्क्स के माध्यम से इंस्ट्रूमेंटेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में उत्पादकता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया।
महाप्रबंधक (मानव संसाधन – ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री. सौरभ वार्ष्णेय ने मेटा प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को सरल और प्रभावी बनाने का नवाचार किया, जिसे उनके दैनिक कार्यों में एआई टूल्स के व्यवहारिक अनुप्रयोग के उदाहरण के रूप में सराहा गया।
एचआर-प्रशासनिक सहयोगी श्री. राजीव कुशवाहा को गामा एआई, नैपकिन एआई एवं माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स की सहायता से उच्च गुणवत्ता की व्यावसायिक प्रस्तुतियाँ तैयार करने और डेटा सर्च में दक्षता लाने हेतु सम्मानित किया गया, जिससे संगठनात्मक संवाद एवं निर्णय प्रक्रिया में सुधार हुआ है।
इस अवसर पर श्री. मनीष राज गुप्ता ने कहा कि जब सेल ने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया था, तब यह शंका थी कि क्या हमारी संगठनात्मक तैयारी पर्याप्त है या बाहरी विशेषज्ञों की सहायता की आवश्यकता होगी। किंतु “एआई एंड यु” जैसे अभियानों में कर्मचारियों की उत्साही भागीदारी यह दर्शाती है कि सेल इस क्षेत्र में अपेक्षा से कहीं अधिक सक्षम और परिपक्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि एआई एवं डिजिटल तकनीकों को प्रक्रियाओं में एकीकृत कर सेल की कार्यक्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं से आग्रह किया कि वे इस सम्मान को एक नई शुरुआत मानते हुए अपने सहयोगियों को भी एआई टूल्स अपनाने, नवाचार करने और संगठन के सतत विकास में योगदान देने हेतु प्रेरित करें।
इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएँ) श्री. एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री. ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री. प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री. पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री. बी.के. गिरी, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री. राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) डॉ. रविंद्रनाथ एम., तथा कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री. अरुण कुमार उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) श्री. तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) श्री. प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (सीबीडी) श्री. इंद्रजीत सेनगुप्ता समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन – ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री. संजीव कुमार श्रीवास्तव ने किया तथा उन्होंने ही आभार प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया।
▪️
डेंगू रोकथाम हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र एवं जिला मलेरिया विभाग का संयुक्त अभियान


भिलाई टाउनशिप में डेंगू के रोकथाम और नियंत्रण के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के जन स्वास्थ्य अनुभाग तथा जिला मलेरिया विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष डेंगू नियंत्रण एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का शुभारंभ 27 जून, 2025 को प्रातः सेक्टर-08 स्थित पीएचडी कार्यालय से एक जागरूकता रैली के माध्यम से हुआ। रैली में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारा एवं महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री के. के. यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस अभियान के तहत, जिला मलेरिया विभाग द्वारा भुगतान के आधार पर 120 ब्रीडर चेकर और सर्वेयर की टीम टाउनशिप के सभी घरों में गहन डेंगू सर्वे करेगी, जागरूकता अभियान चलाएगी और निशुल्क टेमिफोस घोल वितरित करेगी। अभियान का उद्देश्य भिलाई टाउनशिप में डेंगू की रोकथाम, नियंत्रण और जनमानस में जागरूकता फैलाना है, जिससे भिलाई टाउनशिप को डेंगू मुक्त रखा जा सके। भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व से ही मच्छर जनित रोगों के खिलाफ मुहीम प्रारंभ कर दी गई थी। इसमें दवाओं का छिड़काव, फागिंग और समझाईश की जा रही थी।
आज प्रारंभ इस अभियान के प्रथम दिन ही सेक्टर-01 के कुल 2000 घरों का ब्रीडर चेकर्स द्वारा डेंगू सर्वे किया गया। इस दौरान कूलरों, पानी की टंकियों व जल स्रोतों की जाँच करने के साथ ही लार्वा विनष्टीकरण हेतु टेमिफोस घोल डाला गया तथा लोगों को डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. सी. बी. एस. बंजारा ने डेंगू रोकथाम के प्रभावी उपायों की जानकारी देते हुए सभी ब्रीडर चेकर्स को समर्पण भाव से काम करने का आह्वान किया, ताकि डेंगू को पूरी तरह रोका जा सके। महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री के. के. यादव ने ब्रीडर चेकर्स को प्रत्येक घरों का निरिक्षण करने के साथ ही आमजन को मच्छरों के लार्वा पनपने वाले स्थानों कूलर, पानी की टंकी सहित सभी जल पात्रों की नियमित जाँच करने तथा स्प्रे एवं पेस्टिसाइड्स के उपयोग के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक (पीएचडी) श्री रमेश गुप्ता, जिला मलेरिया विभाग से श्री चंद्राकर, पीएचडी विभाग से श्री विश्वनाथ देवांगन सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं सभी ब्रीडर चेकर्स उपस्थित थे।
▪️
इस्पात मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार आशीष चटर्जी, आईएएस ने भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा किया : भिलाई आगमन पर आशीष चटर्जी का स्वागत भिलाई निवास में निदेशक एवं निदेशक प्रभारी मनीष राज गुप्ता तथा संयंत्र के अन्य कार्यपालक निदेशकों ने किया


आशीष चटर्जी आईएएस अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार 27 जून, 2025 को भिलाई प्रवास पर आए। भिलाई आगमन पर निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं और कच्चा माल) एवं अतिरिक्त प्रभार (निदेशक प्रभारी, बीएसपी) श्री मनीष राज गुप्ता तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों ने भिलाई निवास में उनका स्वागत किया। इसके उपरांत श्री चटर्जी को सीआईएसएफ जवानों के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ एम रवींद्रनाथ, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री तुषार कांत, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार सहित संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
संयंत्र भ्रमण के पूर्व श्री आशीष चटर्जी, मेन गेट स्थित सुरक्षा उत्कृष्टता केन्द्र पहुंचे, जहां उन्हें संयंत्र भ्रमण के दौरान आवश्यक सुरक्षा निर्देषों से अवगत कराया गया। संयंत्र भ्रमण के दौरान उनके साथ निदेशक (तकनीकी, परियोजनाएं और कच्चा माल) एवं अतिरिक्त प्रभार (निदेशक प्रभारी, बीएसपी) श्री मनीष राज गुप्ता, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार व कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री तुषार कांत, उपस्थित थे।
संयंत्र भ्रमण का प्रारंभ करते हुए श्री आशीष चटर्जी ने सर्वप्रथम भिलाई इस्पात संयंत्र के ओएचपी-बी पहुंचकर आयरन ओर लम्प क्रशिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया। तत्पश्चात सिंटर प्लांट-3, कोक ओवन, ब्लास्ट फर्नेस-08, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 वायर रॉड मिल तथा यूनिवर्सल रेल मिल, के उत्पादन प्रणाली से अवगत हुए। संयंत्र भ्रमण के पश्चात वे संध्याकाल, भिलाई निवास से अपने निर्धारित गंतव्य के लिये रवाना हो गए।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)