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भिलाई इस्पात संयंत्र में एसपी एसबी अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता-2025 उद्घाटित : प्रतियोगिता का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक [मानव संसाधन] पवन कुमार ने किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्टील प्लांट्स स्पोर्ट्स बोर्ड-एसपीएसबी अंतर इस्पात संयंत्र शतरंज प्रतियोगिता-2025 का उद्घाटन समारोह 01 जुलाई 2025 को प्रात: भिलाई निवास के एमपी हॉल में सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिता का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, अध्यक्ष (सेफी, ओए एवं बीएसपी शतरंज क्लब) श्री एन.के. बंछोर, पूर्व ओलंपियन एवं उप महाप्रबंधक (एससीसीए) श्री राजेन्द्र प्रसाद व मुख्य महाप्रबंधक (आरआईएनएल) श्री तपन कुमार घोष उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उप प्रबंधक (एससीसीए) श्री अभिजीत भौमिक, भिलाई शतरंज क्लब के सचिव श्री अलंकार भिवगड़े एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागीय पदाधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रतियोगिता में देश के प्रमुख इस्पात संयंत्रों से कुल 9 टीमों ने भाग लिया है, जिनमें भिलाई इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर स्टील प्लांट, टाटा स्टील, इस्पात इस्को बर्नपुर, सेलम स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट, जेएसयू स्टील लिमिटेड, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड एवं विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट की टीमें शामिल हैं। यह प्रतियोगिता शतरंज फैडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार खेली जाएगी।
अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का भिलाई की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि शतरंज जैसी बौद्धिक खेल प्रतियोगिताएं न केवल मानसिक सतर्कता को विकसित करती हैं, बल्कि संयंत्रों के बीच सौहार्द, सहभागिता और खेल भावना को भी सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को संदेश दिया कि वे प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अपने प्रतिद्वंद्वियों से सीखें और दोस्ती की मजबूत नींव भी रखें। उन्होंने इस आयोजन की सफलता की कामना करते हुए सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।
विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने संबोधन में इस प्रकार के आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपनी श्रेष्ठ प्रतिभा का प्रदर्शन करें और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता का आनंद लें।
प्रतियोगिता का संचालन एससीसीए विभाग के श्री सुप्रियो सेन ने किया। प्रतियोगिता का समापन समारोह 03 जुलाई 2025 को संध्या 03:00 बजे भिलाई निवास में होगा।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के वार्ड खिलाड़ी खुशाल पटेल बने जुनियर राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियन : खुशाल पटेल के पिता महेश पटेल पूर्व राष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर रह चुके हैं, वे बीएसपी के टीएंडडी विभाग में कार्यरत हैं


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के वार्ड खिलाड़ी श्री खुशाल पटेल ने दावनगेरे, कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय सब-जूनियर, जूनियर एवं सीनियर (महिला एवं पुरुष) पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में 59 किलोग्राम भार वर्ग (जूनियर U-23 श्रेणी) में 642.5 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता 22 से 30 जून 2025 तक आयोजित की गई थी।
खुशाल पटेल ने स्क्वाट इवेंट में 242.5 किलोग्राम, बेंच प्रेस में 147.5 किलोग्राम एवं डेडलिफ्ट में 252.5 किलोग्राम का प्रदर्शन कर कुल 642.5 किलोग्राम वजन उठाया, जो एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान है। इस उपलब्धि के लिए उनका चयन भारतीय टीम में किया गया है।
खुशाल पटेल भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रशिक्षण केन्द्र के वार्ड खिलाड़ी हैं और उनके पिता श्री महेश पटेल स्वयं पूर्व राष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर रह चुके हैं, जो वर्तमान में बीएसपी के टीएंडडी विभाग में कार्यरत हैं।
ज्ञात हो कि इससे पूर्व श्री खुशाल पटेल ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता (बिलासपुर) में ‘स्ट्रॉन्ग मैन ऑफ छत्तीसगढ़’ का खिताब जीता था और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप, जम्मू में रजत पदक भी अर्जित किया है।
उनकी इस उपलब्धि पर दिनांक 01 जुलाई 2025 को भिलाई निवास स्थित एमपी हॉल में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर तथा ओलंपियन एवं उप महाप्रबंधक (बीएसपी क्रीड़ा एवं संस्कृति विभाग) श्री राजेंद्र प्रसाद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारतीय टीम के कोच एवं बीएसपी टीम के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री कृष्णा साहू (विक्रम, गुंडाधुर एवं वीर हनुमान सिंह खेल अलंकरण प्राप्त) एवं श्री खुशाल पटेल को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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जब दृष्टि छिनी, तब दृष्टिकोण ने राह बनाई : बीएसपी कर्मी सौरभ की प्रेरक यात्रा

जब दृष्टि छिनी, तब दृष्टिकोण ने राह बनाई – बीएसपी कर्मी सौरभ वार्ष्णेय की प्रेरक यात्रा
हाल ही में आयोजित सेल -स्तरीय ए आई एंड यू ऑनलाइन प्रतियोगिता में, जो कर्मचारियों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक आंतरिक पहल के रूप में आयोजित की गई थी, सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के पांच कर्मचारियों ने व्यक्तिगत या पेशेवर जीवन में एआई के प्रभावी उपयोग को प्रस्तुत कर इस प्रतियोगिता में पुरस्कार और सराहना प्राप्त की। इनमें से एक थे श्री सौरभ वार्ष्णेय, जिनकी कहानी इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार एआई का उपयोग कर एक संकट को भी जीवन बदल देने वाले अवसर में बदला जा सकता है। सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मठ कर्मचारी श्री सौरभ वार्ष्णेय की कहानी सिर्फ व्यक्तिगत संघर्ष की नहीं, बल्कि अडिग इच्छाशक्ति, तकनीकी नवाचार और कर्म में आस्था की एक अनूठी मिसाल है। एक ऐसा कर्मयोगी, जिसने अपने जीवन की सबसे बड़ी चुनौती को पराजय नहीं, बल्कि उसे अवसर में बदल दिया।
दृष्टि गई, लेकिन दृष्टिकोण जीवित रहा
वर्ष 2001 में भिलाई इस्पात संयंत्र के सिन्टर प्लांट-3 में बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत करने वाले श्री सौरभ वार्ष्णेय मार्च 2024 तक इलेक्ट्रिकल इंचार्ज की भूमिका में एसपी-3 में कार्यरत रहे। पर अप्रैल 2024 में अचानक आए ब्रेन स्ट्रोक ने उनके जीवन को झकझोर दिया। इस स्ट्रोक से उनकी ऑप्टिक नर्व क्षतिग्रस्त हो गई और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी दृष्टि पूरी तरह खो दी। देशभर के प्रमुख अस्पतालों में उनका इलाज कराया गया, लेकिन ऑप्टिक नर्व के लिए अब भी चिकित्सा विज्ञान में कोई प्रभावी उपचार नहीं है।
डॉक्टरों ने उनका संयंत्र में कार्य करना असुरक्षित बताया। लेकिन सौरभ के लिए ‘खाली बैठना’ जीवनशैली कभी नहीं रही। उनकी स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए संयंत्र प्रबंधन ने उन्हें बीएमडीसी विभाग में स्थानांतरित किया। यहां उन्होंने खुद से सवाल किया — “अब मैं क्या कर सकता हूँ?” और जवाब तलाशना शुरू किया।
जब तकनीक बनी आंखें
टेक्नोलॉजी में हमेशा से रुचि रखने वाले सौरभ ने अपने अनुभव और इच्छाशक्ति को साथ लेकर समाधान की दिशा में खोज शुरू की। उन्हें स्क्रीन रीडर जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में जानकारी मिली, जो स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को आवाज़ में बदलकर सुनाते हैं। उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल बिना देखे करना सीखा। फिर धीरे-धीरे उन्होंने लैपटॉप पर भी स्क्रीन रीडर तकनीक के ज़रिये कार्य करना शुरू किया और बिना देखे टाइपिंग का अभ्यास भी शुरू किया।
इसी यात्रा में उन्हें ‘मेटा एआई स्मार्ट ग्लासेस’ के बारे में पता चला। भारत में उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने अक्टूबर 2024 में अपने एक मित्र से अमेरिका से इस एआई इनेबल्ड चश्मे को मंगवाया। ये चश्मा उनके जीवन का सहारा बन गया। इसकी सहायता से वे ईमेल पढ़ना, उनका जवाब देना, कॉल अटेंड करना, व्हाट्सएप मैसेज सुनना और भेजना, दस्तावेज़ पढ़ना, त्रुटियाँ पहचानना, नोट्स का सारांश समझना और सामने खड़े व्यक्ति का विवरण जानना जैसे कई कार्य अब सामान्य रूप से कर पाते हैं।
सीखना कभी नहीं रुकता
सौरभ वार्ष्णेय मानते हैं कि जीवन में सीखना कभी खत्म नहीं होता। वह रोज़ाना कुछ नया सीख रहे हैं। दृष्टिबाधित होते हुए भी टेक्नोलॉजी की सहायता से वे 80 प्रतिशत तक कार्य किसी सामान्य व्यक्ति की तरह स्वतंत्र रूप से कर पा रहे हैं। बड़े-बड़े डॉक्यूमेंट्स को मेटा एआई स्मार्ट ग्लासेस संक्षिप्त कर ऑडियो में सुनाता है, जिससे उनका पढ़ना और समझना आसान हो गया है। वह आज मीटिंग रिमाइंडर से लेकर फ़ाइल समीक्षा तक सब कुछ कर सकते हैं, बिना किसी सहारे के।
उनका यह जज़्बा और तकनीक के प्रति उत्साह यह साबित करता है कि यदि मन में सिखने और कुछ कर गुजरने की चाह हो तो दुनिया का कोई भी अंधकार, मार्ग अवरुद्ध नहीं कर सकता।
कर्मयोग की मिसाल
सौरभ वार्ष्णेय को वर्ष 2023 में भी तकनीकी नवाचार के लिए पुरस्कार मिल चुका है। लेकिन उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है — कार्य के प्रति समर्पण और आत्मनिर्भरता। वह कहते हैं, “अगर संगठन में रहना है, तो योगदान देना ज़रूरी है।” उनकी पत्नी ने भी इस पूरे बदलाव में उनका साथ दिया, जो आज उनकी प्रेरणा और संबल दोनों हैं।
भिलाई इस्पात संयंत्र को सौरभ वार्ष्णेय जैसे कर्मयोगी पर गर्व है — जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में हार नहीं मानी, बल्कि उन्हें अवसर में बदल दिया। जब बहुत से लोग हिम्मत हार बैठते हैं, तब सौरभ वार्ष्णेय जैसे लोग साबित करते हैं कि अगर दृष्टि नहीं है, तो क्या हुआ — दृष्टिकोण होना ज़रूरी है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र नगर सेवाएं विभाग द्वारा अवैध कब्जों के विरुद्ध सघन संयुक्त कार्यवाही




भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के इनफोर्समेंट विंग द्वारा भट्टी थाना एवं नेवई थाना पुलिस के सहयोग से आज दिनांक 1 जुलाई 2025 को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध सघन संयुक्त कार्यवाही की गई। यह कार्यवाही मुख्यतः राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से की गई।
यह कार्यवाही नगर के प्रमुख स्थल सिक्स ट्री एवेन्यू, मौर्या चंद्र अंडरब्रिज, सुपेला चौक, सुपेला अंडरब्रिज, सेक्टर-06 अंडरब्रिज, सेक्टर-07, बीएसएफ के सामने, सेक्टर-06 ई-मार्केट और सेक्टर-08, स्टील क्लब चौक के क्षेत्र में की गई।
कार्यवाही के दौरान अवैध रूप से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों, ठेलेवालों एवं कब्जाधारियों को मौके से हटाया गया एवं उनकी सामग्रियों की जब्ती की गई। पुलिस बल द्वारा अवैध कब्जाधारियों का नाम-पता दर्ज किया गया तथा लगभग तीन दर्जन से अधिक अतिक्रमणकारियों को हटाया गया।
संयुक्त कार्यवाही में सम्मिलित टीम में भट्टी थाना एवं नेवई थाना के पुलिस बल, भिलाई नगर पुलिस, नगर सेवाएं विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी और प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड , महिला सुरक्षा गार्ड आदि शामिल थे ।
कार्यवाही के दौरान पुलिस विभाग से वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रशांत मिश्रा, टीआई, भिलाई नगर थाना एवं श्री राजेश साहू, टीआई, भट्टी थाना विशेष रूप से उपस्थित थे ।
संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कार्यवाहियां भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगी। विभाग ने यह भी संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, दलाली एवं भूमि माफिया गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे मामलों में सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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