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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने ब्लूम गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार किया : एसएमएस-2 में तकनीकी नवाचार और नेतृत्व की भूमिका रही अहम

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने गुणवत्ता संवर्द्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एसएमएस-2) में ब्लूम कास्टिंग की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। यह सुधार विशेष रूप से मशीन-5 से उत्पादित ब्लूम्स की गुणवत्ता में देखने को मिला है, जो रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल (आरएसएम) तथा यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) के लिए प्रमुख आपूर्ति स्रोत है।
मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री एस.के. घोषाल के नेतृत्व में, महाप्रबंधक प्रभारी (यांत्रिकी, सीसीएस) श्री टी. गोविंद, महाप्रबंधक (यांत्रिकी, सीसीएस) श्री एन.के. देथे तथा महाप्रबंधक प्रभारी (सीसीएस प्रचालन) श्री एस. देबसीकदर की टीम ने इस सुधार यात्रा की शुरुआत की। टीम एसएमएस-2 द्वारा की गई गहन ‘रूट कॉज एनालिसिस’ में पाया गया कि सेकेंडरी कूलिंग ज़ोन के ‘एयर मिस्ट सिस्टम’ में व्याप्त तकनीकी कमियाँ ब्लूम की सर्फेस गुणवत्ता और आंतरिक साउंडनेस को प्रभावित कर रही थीं।
इस निष्कर्ष के आधार पर 18 मार्च 2024 को एक आईपीयू प्रस्ताव तैयार किया गया। इसके अंतर्गत वैश्विक स्प्रे कूलिंग टेक्नोलॉजी में अग्रणी कंपनी मेसर्स लेच्लर को कार्यादेश सौंपा गया। अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह में ब्लूम कास्टर की सभी चार स्ट्रैंड्स पर अपग्रेडेड एयर मिस्ट कूलिंग सिस्टम की सफलतापूर्वक कमीशनिंग की गयी।
इस तकनीकी हस्तक्षेप के परिणाम त्वरित और प्रभावशाली रहे। एसएमएस-2 से कास्ट किए गए 130-मीटर श्रेणी के ब्लूम्स की गुणवत्ता वित्त वर्ष 2024-25 में 60% थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में बढ़कर औसतन 77.36% हो गई। इसी प्रकार, 117-मीटर श्रेणी में यह सुधार 84.01% से बढ़कर 93.60% तक पहुँच गया। ये आंकड़े तकनीकी समाधान की प्रभावशीलता और एसएमएस-2 टीम की निष्कलंक निष्पादन क्षमता को दर्शाते हैं।
ब्लूम गुणवत्ता में इस उल्लेखनीय सुधार का सीधा लाभ रेल उत्पादन में भी परिलक्षित हुआ। यूनिवर्सल रेल मिल में एसएमएस-2 से प्राप्त ब्लूम्स का उपयोग कर बनाए गए रेलों की ‘प्राइम एक्सेप्टेंस रेट’ अप्रैल से जून 2025 की अवधि में 93.05% से बढ़कर 96.94% हो गई। वहीं कुल एक्सेप्टेंस रेट वित्त वर्ष 2024-25 में 97.74% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 98.84% हो गया, जो कि उत्पाद प्रक्रिया की सुसंगतता और विश्वसनीयता में बढ़ोत्तरी को दर्शाता है।
यह तकनीकी उन्नयन भिलाई इस्पात संयंत्र की परिचालन दक्षता को और सुदृढ़ करेगा तथा गुणवत्ता और नवाचार के प्रति संयंत्र की प्रतिबद्धता को मजबूत बनाते हुए भारत के अधोसंरचना विकास में इसकी भूमिका को और सशक्त करेगा।
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भिलाई इस्पात संयंत्र की ‘सुरक्षा 2025’ सेफ्टी सर्कल प्रतियोगिता में पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन की टीम ‘सेफ टेक इनोवेटर’ रही विजेता



सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एचआर-लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर में 01 जुलाई 2025 को संयंत्र स्तरीय सेफ्टी सर्कल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा 2025’ का समापन समारोह आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों से कुल 81 टीमों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) श्री तापस दासगुप्ता उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) श्री देबदत्त सत्पथी, विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधकगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
इस प्रतियोगिता में पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन की टीम ‘सेफ टेक इनोवेटर’ ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीँ ब्लास्ट फर्नेस की टीम ‘सुरक्षा सेना’ प्रथम उपविजेता तथा कोक ओवन की टीम ‘शौर्य’ द्वितीय उपविजेता रही। इसके अतिरिक्त एसएमएस-2 की टीम ‘अभिनव’, रिक्लेमेशन शॉप की टीम ‘सवेरा’ तथा एसएमएस-2 की ही टीम ‘कवच’ को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) श्री अजय टल्लू द्वारा सभी प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाकर की गई।
कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने अपने संबोधन में सुरक्षा को सभी के सामूहिक दायित्व के रूप में स्वीकार करने का आह्वान करते हुए कहा कि कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने ठेका श्रमिकों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने तथा कार्यस्थल पर उत्तम हाउसकीपिंग बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
अपने उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (लौह) श्री तापस दासगुप्ता ने संयंत्र के प्रत्येक विभाग में सेफ्टी सर्कल टीमों के गठन की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे सुरक्षा को संस्था की मूल संस्कृति बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल बताया। उन्होंने विशेष रूप से पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन, एसएमएस-2 और एसएमएस-1 की टीमों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) श्री देबदत्त सत्पथी ने दिया, जिसमें उन्होंने सेफ्टी सर्कल की अवधारणा तथा कर्मचारियों में सुरक्षा-प्रथम मानसिकता को बढ़ावा देने की दिशा में इसके महत्व को रेखांकित किया।
प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं को पुरस्कारस्वरूप क्रमशः रु. 25,000, रु.15,000 एवं रु.10,000 की नगद राशि, ट्रॉफी तथा व्यक्तिगत उपहार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग) श्री एस.के. महतो ने किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुरक्षा विभाग के श्री अजय गोन, श्री सूरज वर्मा, श्री सुमित कुमार, श्री वेंकटपति राजू, श्री अखिल मिश्रा, श्री अरिजीत रॉय, सेफ्टी वॉरियर्स तथा एचआर-एलएंडडी सेंटर की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
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इस्पात गलन शाला क्रमांक-3 में राजभाषा कार्यशाला सम्पन्न


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात गलन शाला क्रमांक-3 विभाग के वेलफेयर बिल्डिंग-5 स्थित सभागार में 28 जून 2025 को राजभाषा कार्यशाला का आयोजन मुख्य महाप्रबंधक (एस.एम.एस. 3) श्री त्रिभुवन बैठा के मुख्य आतिथ्य में किया गया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (एस.एम.एस.3) एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी सुश्री पुष्पा एम्ब्रोस, महाप्रबंधक श्री डी. विजित व श्री दिलीप वार्ष्णेय, उप महाप्रबंधक श्री कमल किशोर, श्री हितेश डोंगरे, श्री रजत सरकार, श्री जावेद अहमद अंसारी, सहायक महाप्रबंधक श्री प्रकाश आत्मपूज्य, वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री श्रुति पाण्डेय, उप प्रबंधक सुश्री पुष्पा गढ़े एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि श्री त्रिभुवन बैठा ने अपने उद्बोधन में कहा कि, हिंदी कार्यशाला के माध्यम से हमें ना केवल राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी मिलती है वरन हिंदी के प्रति ज्ञान में भी वृद्धि होती है। हिंदी में समस्त कार्यालयीन कार्य करने से संप्रेषण में सरलता होती है। हमारा विभाग इस्पात गलन शाला क्रमांक-3 शत-प्रतिशत पत्राचार हिंदी में करने को संकल्पित है। विश्व के अनेक देश अपनी भाषा में समस्त शिक्षा एवं सभी कार्यालयीन कार्य करते हैं, ऐसे देशों में उन्नति का स्तर अत्यंत सराहनीय है। हमें भी अपनी भाषा में शिक्षा व्यवस्था अपनानी होगी और तब हम आज की तुलना में कहीं बेहतर और उन्नत होंगे। उन्होंने कहा कि इस्पात गलन शाला में सरल हिंदी के माध्यम से सभी पत्राचार किए जाते हैं। हम विभागीय स्तर पर संपूर्ण नोटिंग, ड्राफ्टिंग एवं ई-मेल आदि हिंदी में ही करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक, (एस.एम.एस.3) श्री उमाशंकर परगनिहा ने बताया कि विभाग द्वारा पिछली तिमाही में ‘क’ क्षेत्र में पत्र व्यवहार शत-प्रतिशत हिंदी में किया गया। उन्होंने ऑनलाइन तिमाही रिपोर्ट प्रविष्टि प्रणाली के विषय में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अत्यंत ही रोचक ढंग से विस्तारपूर्वक प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में राजभाषा विभाग द्वारा सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। जिसके परिणाम इस प्रकार रहे :- प्रथम श्री लोकेश प्रसाद मोगरे, वरिष्ठ प्रबंधक (सी.सी.पी. मेकेनिकल), द्वितीय- श्री संतोष कुमार पाण्डेय, उप प्रबंधक (प्रेषण), तृतीय- सुश्री अर्चना अतिका सिंह, उप प्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), प्रोत्साहन पुरस्कार श्री अभिषेक झा, वरिष्ठ प्रबंधक (मेकेनिकल) तथा सुश्री निधि सांगा, जे.ई.ए. (इलेक्ट्रिकल) को प्रदान किया गया।
उप प्रबंधक (संपर्क व प्रशासन-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने राजभाषा के सांविधिक प्रावधानों की जानकारी दी तथा ऑनलाइन गूगल वॉइस टाइपिंग का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को राजभाषा हिंदी में समस्त कार्य करने हेतु शपथ दिलाई गई। विभागीय हिंदी समन्वय अधिकारी श्री उमाशंकर परगनिहा ने कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन किया।
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मर्चेंट एंड वॉयर रॉड मिल विभाग के कर्मियों को मिला ‘कर्म शिरोमणि’ सम्मान

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मिल्स ज़ोन-1 के अंतर्गत मर्चेंट एंड वायर रॉड मिल विभाग द्वारा 01 जुलाई 2025 को “कर्म शिरोमणि पुरस्कार” वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य कार्यस्थल पर उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना, संसाधनों का दक्षतापूर्वक उपयोग करना, कार्य में नवीनता लाना, तथा उच्च स्तर की सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए प्रेरणादायक कार्य करने वाले कर्मचारियों को पहचान प्रदान करना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (मर्चेंट एंड वायर रॉड मिल) श्री मुनीश कुमार गोयल उपस्थित रहे। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मियों को बधाई दी व अपने संबोधन में उन्होंने कार्यस्थल पर सभी सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं उच्च उत्पादकता प्राप्त करने के लिए समर्पित प्रयासों पर बल दिया।
मर्चेंट मिल विभाग से इंजीनियरिंग एसोसिएट (प्रचालन) श्री रविकांत महाजन, इंजीनियरिंग एसोसिएट (विद्युत) श्री तिलक राज, जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट (प्रचालन) श्री दीपेश कुमार विश्वास, जूनियर इंजीनियर (प्रचालन) श्री के.बी. रोशन, चार्जमैन कम मास्टर तकनीशियन (यांत्रिकी) श्री मोहन लाल सिन्हा एवं इंजीनियरिंग एसोसिएट (विद्युत) श्री अश्विनी कुमार साहू को कर्म शिरोमणि पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं वायर रॉड मिल विभाग से इंजीनियरिंग एसोसिएट (विद्युत) श्री समी उल्लाह, इंजीनियरिंग एसोसिएट (यांत्रिकी) श्री गैंद लाल ठाकुर, जूनियर इंजीनियर (प्रचालन) श्री रमेश कुमार, इंजीनियरिंग एसोसिएट (विद्युत) श्री जागेश्वर सिंह ठाकुर, इंजीनियरिंग एसोसिएट (प्रचालन) श्री भागीरथी सिन्हा एवं इंजीनियरिंग एसोसिएट (विद्युत) श्री वी. रामचंद्र राव को “कर्म शिरोमणि” सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में महाप्रबंधक (प्रचालन मर्चेंट मिल) श्री एस.के. हरिरमानी, महाप्रबंधक (विद्युत मर्चेंट मिल) श्री एस.के. नायक एवं महाप्रबंधक (विद्युत) श्रीमती अनुपमा कुमारी वायर रॉड मिल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप प्रबंधक (एचआर, मिल्स ज़ोन-1) सुश्री समायला अंसारी द्वारा किया गया।
“कर्म शिरोमणि” सम्मान उन कर्मठ कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने माह के दौरान अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संयंत्र की परिचालन दक्षता और गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
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